
इंस्टाग्राम और मेसेंजर को भी मिलेगा व्हाट्सऐप का सुरक्षा फीचर, ऐसे करेगा काम
क्या है खबर?
सोशल मीडिया कंपनी मेटा लंबे वक्त से अपने सभी प्लेटफॉर्म्स पर यूजर्स को एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन देने की कोशिश कर रही है।
व्हाट्सऐप में जहां सभी ऐप्स के लिए एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन मिलता है, वहीं फेसबुक मेसेंजर और इंस्टाग्राम पर यह ऑप्ट-इन फीचर है।
यानी कि सभी मेसेंजर और इंस्टाग्राम चैट्स एंड-टू-एंड एनक्रिप्टेड नहीं होते।
अब सामने आया है कि मेटा अपने सभी प्लेटफॉर्म्स के लिए एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन और बैकअप के लिए सिक्योर स्टोरेज फीचर ला रही है।
टेस्टिंग
अपने आप एनक्रिप्टेड हो जाएंगे नए मेसेंजर चैट्स
कंपनी ने घोषणा की है कि यह डिफॉल्ट एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन की टेस्टिंग कुछ फेसबुक मेसेंजर यूजर्स के साथ शुरू कर रही है।
मेटा ने एक ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अगर आप टेस्ट ग्रुप का हिस्सा हैं, तो आपके नए चैट्स अपने आप एंड-टू-एंड एनक्रिप्टेड हो जाएंगे, यानी कि आपको ऑप्ट-इन करने और यह फीचर इनेबल करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।'
यूजर्स को पहले की तरह मेसेज हिस्ट्री का ऐक्सेस जरूर मिलता रहेगा।
इंस्टाग्राम
इंस्टाग्राम ऐप में भी मिलेगा ऑप्ट-इन फीचर
मेसेंजर में डिफॉल्ट एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन की टेस्टिंग के अलावा मेटा ने इंस्टाग्राम में मिलने वाला ऑप्ट-इन एनक्रिप्टेड मेसेजेस फीचर ज्यादा देशों में रोलआउट करने का फैसला किया है।
इससे पहले तक नया फीचर केवल रूस और यूक्रेन में मिल रहा था।
मेटा ने कहा है कि शुरुआती टेस्ट में फीचर 18 साल से ज्यादा उम्र के यूजर्स को मिल रहा था, लेकिन अब इसे ज्यादा सभी यूजर्स के लिए रिलीज किया जाएगा।
एनक्रिप्शन
समझें एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन का मतलब
एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन मेसेज भेजने और उसे रिसीव करने वालों के बीच काम करता है।
सेंडर की ओर से भेजा गया मेसेज एनक्रिप्ट होकर कोड में बदल जाता है, जिसे केवल रिसीवर डिक्रिप्ट कर सकता है।
यानी कि बीच में कोई थर्ड-पार्टी या फिर व्हाट्सऐप खुद भी मेसेज ऐक्सेस नहीं कर सकता।
इस तरह व्हाट्सऐप पर मेसेजिंग या कॉलिंग पूरी तरह प्राइवेट और सुरक्षित होती है।
व्हाट्सऐप के अलावा टेलीग्राम और सिग्नल जैसे मेसेजिंग प्लेटफॉर्म्स भी ऐसा एनक्रिप्शन ऑफर करते हैं।
बैकअप
मेसेंजर बैकअप भी एंड-टू-एंड एनक्रिप्टेड होंगे
मेटा ने बताया है कि यह सिक्योर स्टोरेज नाम के फीचर की टेस्टिंग कर रही है, जिसके साथ मेसेंजर चैट्स का बैकअप भी एंड-टू-एंड एनक्रिप्टेड होगा।
इस तरह मेसेंजर यूजर्स के कन्वर्सेशन का ऐक्सेस बाकियों को नहीं मिल सकेगा, जिससे यूजर्स को बेहतर सुरक्षा और प्राइवेसी मिलेगी।
कंपनी ने बताया है कि सिक्योर स्टोरेज के साथ बैकअप को पिन या कोड के साथ सेव किया जा सकेगा और चैट रीस्टोर करते वक्त पिन या कोड की जरूरत होगी।
इंतजार
टेस्टिंग के बाद सभी को मिलेंगे नए फीचर्स
कंपनी ने नए फीचर्स की उपलब्धता को लेकर बताया है कि अभी इनकी टेस्टिंग शुरू की गई है।
चुनिंदा यूजर्स के साथ टेस्टिंग और उनसे मिले फीडबैक के आधार पर आने वाले दिनों में इसे एंड्रॉयड, iOS प्लेटफॉर्म्स पर रोलआउट किया जाएगा।
बता दें, इन बदलावों को फ्यूचर अपडेट्स का हिस्सा बनाया जा सकता है और ऐसी सुरक्षा ऐप्स के अलावा वेब वर्जन और इन प्लेटफॉर्म्स की वेबसाइट्स पर भी मिलेगी।