
ऐपल और गूगल ने किया तुर्की-सीरिया के भूकंप पीड़ितों की मदद का ऐलान
क्या है खबर?
तुर्की और सीरिया में सोमवार को बड़े पैमाने पर भूकंप आया। एक के बाद एक कई बड़े भूकंप के झटकों से अब तक होने वाली मौत का आकंड़ा 5,000 के पार हो गया है और 12,000 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं।
घटना से प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए ऐपल के CEO टिम कुक और गूगल के CEO सुंदर पिचई ने राहत और बचाव के लिए दान की घोषणा की है।
ऐपल
ऐपल, गूगल के CEO कही ये बात
ऐपल के CEO टिम कुक ने ट्विटर पर लिखा, 'तुर्की और सीरिया के लोगों और विनाशकारी भूकंपों से प्रभावित लोगों के प्रति हमारी संवदेना है। राहत और बचाव के लिए ऐपल दान करेगी।'
दूसरी तरफ गूगल के CEO सुंदर पिचई ने लिखा कि कंपनी ने SOS अलर्ट सक्रिय किया है, जो प्रभावित लोगों को आपातकालीन जानकारी प्रदान करने में मदद करेगा।गूगल और इससे जुड़े लोग राहत और बचाव के लिए प्रयास करेंगे।
भूकंप
भूकंप से तुर्की और सीरिया में भारी नुकसान
तुर्की और सीरिया में सोमवार को 7.6 तीव्रता का तेज भूकंप आया और फिर कई आफ्टरशॉक महसूस किए गए। भूकंप के झटकों से दोनों देशों में भारी जान-माल का नुकसान हुआ है। तुर्की सरकार ने देश में आपातकाल लागू कर दिया है।
भूकंप से अपार्टमेंट ब्लॉक गिर गए और अस्पतालों को नुकसान हुआ। दोनों देशों के हजारों लोगों की मौत हो गई और हजारों लोग घायल और बेघर हुए हैं। बचाव दल जीवित बचे लोगों की तलाश कर रहे हैं।
मदद
भारत ने भेजी मदद
दोनों देशों में आए इस संकट के समय दर्जनों देशों ने प्रभावित देशों को सहायता और मदद देने का वादा किया है। भारत ने भी बचाव दल के साथ राहत सामग्री की खेप तुर्की भेजी है।
यूक्रेन, जो कि वर्तमान में खुद रूस के साथ युद्ध का सामना कर रहा है उसने भी पीड़ितों के साथ अपने समर्थन की घोषणा की है। यूक्रेन, तुर्की में बचाव कर्मियों का एक बड़ा समूह भेजने के लिए तैयार है।
तुर्की
तुर्की में पहले भी आ चुके हैं शक्तिशाली भूकंप
तुर्की भूकंप से लिहाज से दुनिया के सबसे संवेदनशील इलाकों में से एक है और यहां पहले भी कई शक्तिशाली भूकंप आ चुके हैं।
साल 1999 में दूजा में 7.4 तीव्रता का भूकंप आया था और इसमें 17,000 से अधिक लोग मारे गए थे।
जनवरी, 2020 में एलाजिग में 6.8 तीव्रता के भूकंप में 40 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। पिछले साल एजियम सागर में 7.0 तीव्रता के भूकंप में 114 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी।
वजह
तुर्की में क्यों आते हैं भूकंप?
गौरतलब है कि तुर्की का ज्यादातर हिस्सा एनाटोलियन टैक्टोनिक प्लेट पर बसा है।
यह प्लेट यूरोशियन, अफ्रीकन और अरबियन प्लेट के बीच में फंसी हुई है। एनाटोलियन टैक्टोनिक प्लेट के पूर्व में ईस्ट एनाटोलियन फॉल्ट है, जबकि बाई तरफ ट्रांसफॉर्म फॉल्ट है।
यह प्लेट घड़ी की विपरीत दिशा में घूम रही है और अरेबियन और यूरोशियन प्लेट को धक्का दे रही है। प्लेटों के बीच दबाव बनने के यहां कारण भूकंप के झटके महसूस होते हैं।