
बिहार: भाजपा से गठबंधन तोड़ RJD के साथ सरकार बना सकते हैं नीतीश कुमार- रिपोर्ट्स
क्या है खबर?
बिहार में जनता दल यूनाइटेड (JDU) और भाजपा के गठबंधन की सरकार गिरने की कगार पर है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों पार्टियों में तकरार के बीच JDU प्रमुख और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जल्द ही भाजपा से गठबंधन तोड़ने का ऐलान कर सकते हैं।
अटकलें हैं कि नीतीश मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD), कांग्रेस और लेफ्ट फ्रंट के साथ मिलकर सरकार बना सकते हैं।
मध्यावधि चुनाव से बचने के लिए ये व्यवस्था की जा रही है।
बैठकें
नीतीश, RJD और कांग्रेस तीनों ने मंगलवार को बुलाई विधायक दल की बैठक
ये रिपोर्ट्स ऐसे समय पर आई हैं जब नीतीश कुमार ने कल मंगलवार को JDU के सभी विधायकों और सांसदों की बैठक बुलाई है। इसके अलावा RJD और कांग्रेस ने भी अपने-अपने विधायक दलों की बैठक बुलाई है।
कयास लगाए जा रहे हैं कि इन बैठकों के बाद स्थिति साफ हो जाएगी और तीनों पार्टियां साथ आकर सरकार बना सकती हैं।
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, तीनों पार्टियां 11 अगस्त से पहले ही सरकार बनाने का प्रयास करेंगी।
कारण
भाजपा से क्यों नाराज हुए नीतीश कुमार?
भाजपा से नीतीश कुमार की नाराजगी के कई कारण हैं। हालिया कारणों की बात करें तो नीतीश के करीबी सूत्रों के अनुसार, बिहार भाजपा के नेता नीतीश पर लगातार हमला कर रहे हैं, लेकिन फिर भी केंद्रीय नेतृत्व इस पर चुप है, इससे नीतीश बेहद नाराज हैं।
आरसीपी सिंह का मुद्दा नीतीश की नाराजगी का दूसरा कारण है। सिंह एक समय नीतीश के उत्तराधिकारी थे, लेकिन भाजपा से उनकी नजदीकी ने उन्हें नीतीश से दूर कर दिया।
बयान
JDU का भाजपा पर पार्टी को तोड़ने की कोशिश करने का भी आरोप
JDU ने इशारों ही इशारों में भाजपा पर आरसीपी सिंह के जरिए पार्टी को तोड़ने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा कि 2020 के चिराग पासवान मॉडल पर JDU को तोड़ने की कोशिश की गई।
अन्य वजह
भाजपा से आने वाले विधानसभा स्पीकर से भी नाराज हैं नीतीश
नीतीश भाजपा से संबंध रखने वाले बिहार विधानसभा के स्पीकर विजय कुमार सिन्हा से भी काफी नाराज हैं। नीतीश कई बार सिन्हा पर आपा खो चुके हैं और उन पर अपनी ही सरकार पर सवाल खड़े करके संविधान का खुलेआम उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।
विधानसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम से संबंधित स्पीकर के आमंत्रण पत्र पर नीतीश का नाम नहीं होने से भी स्थिति खराब हुई।
नीतीश स्पीकर पद से सिन्हा की बर्खास्तगी चाहते हैं।
रिश्ते
2020 विधानसभा चुनाव से ही सहज नहीं हैं दोनों पार्टियों के रिश्ते
गौरतलब है कि 2020 विधानसभा चुनाव से ही JDU और भाजपा के रिश्ते सहज नहीं चल रहे हैं। इस चुनाव में भाजपा ने चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के जरिए नीतीश की JDU को कमजोर करने का काम किया था।
नीतीश ने इसके लिए भाजपा को माफ नहीं किया है और समय-समय पर अलग-अलग मुद्दों पर उससे बदला लेते रहते हैं। इसी से दोनों पार्टियों का टकराव पैदा होता है।