
गुलाम नबी आजाद की पार्टी के कई वरिष्ठ नेता वापस कांग्रेस में हुए शामिल
क्या है खबर?
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के पूर्व वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद को शुक्रवार को बड़ा झटका लगा और पूर्व उपमुख्यमंत्री तारा चंद समेत उनकी डेमोक्रेटिक आजाद पार्टी (DAP) के कई वरिष्ठ नेता कांग्रेस में शामिल हो गए।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश और केसी वेणुगोपाल ने सभी नेताओं को कांग्रेस में शामिल करवाया।
गौरतलब है कि आजाद ने पिछले साल कांग्रेस छोड़कर अपनी नई पार्टी का गठन करते हुए जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया था।
जानकारी
किन नेताओं ने थामा कांग्रेस का हाथ?
पूर्व उपमुख्यमंत्री तारा चंद के अलावा कांग्रेस में वापस लौटने वाले प्रमुख नेताओं में पूर्व मंत्री पीरजादा मोहम्मद सईद, पूर्व मंत्री डॉक्टर मनोहरलाल शर्मा, पूर्व विधायक बलवान सिंह और DAP की जम्मू इकाई के जिलाअध्यक्ष विनोद शर्मा शामिल हैं।
बयान
हम लोगों से सबसे बड़ी भूल हुई- तारा चंद
इस मौके पर तारा चंद ने कहा, "कांग्रेस ने मुझ जैसे गरीब आदमी को टिकट दिया, विधायक बनाया और विधायक दल का नेता बनाया और एक पहचान दी। दूसरी बार जीतने पर छह साल के लिए मुझे स्पीकर बनाया गया और इसके बाद उपमुख्यमंत्री भी बनाया गया। यह भी कांग्रेस की देन थी।"
उन्होंने आगे कहा, "हम से जो सबसे बड़ी भूल हुई है, वो ये कि हमने जज्बात में आकर गलत कदम उठा लिए, जिससे पार्टी को नुकसान हुआ।"
बयान
हर व्यक्ति भारत जोड़ो यात्रा से जुड़ रहा- वेणुगोपाल
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इस मौके पर1 कहा कि भारत जोड़ो यात्रा दो सप्ताह बाद जम्मू-कश्मीर में प्रवेश करेगी और इससे पहले कांग्रेस को छोड़कर जाने वाले दोबारा पार्टी में शामिल हुए हैं।
उन्होंने कहा, "कांग्रेस की विचारधारा का समर्थन करने वाला हर व्यक्ति इस यात्रा से जुड़ गया है। पूर्व उपमुख्यमंत्री ताराचंद, तीन बार मंत्री रहे मोहम्मद सईद, पूर्व विधायक बलवंत सिंह और कई वरिष्ठ नेता कांग्रेस में शामिल हो गए हैं।"
इस्तीफा
126 पदाधिकारियों ने पिछले दिया था कांग्रेस से इस्तीफा
इससे पहले पिछले महीने 24 दिसंबर को DAP के 126 पदाधिकारियों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। इससे चंद दिन पहले आजाद ने तारा चंद और दो अन्य वरिष्ठ नेताओं को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते पार्टी से बाहर किया था।
इन तीनों नेताओं के निष्कासन के बाद से कार्यकर्ताओं में आक्रोश दिख रहा था, जिसके बाद इतनी बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया।
पृष्ठभूमि
आजाद ने पिछले साल अगस्त में कांग्रेस से दिया था इस्तीफा
गुलाम नबी आजाद ने पिछले साल 26 अगस्त को राहुल गांधी और कांग्रेस आलाकमान के खिलाफ नाराजगी जताते हुए पार्टी से इस्तीफा दे दिया था।
उन्होंने सोनिया गांधी को भेजे इस्तीफे में लिखा था कि उनके नेतृत्व में पार्टी अच्छा प्रदर्शन कर रही थी, लेकिन 2013 में उपाध्यक्ष बनने के बाद राहुल ने पार्टी के वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं को किनारे कर दिया और अध्यादेश फाड़कर बचकाना व्यवहार दिखाया।