
लोकसभा चुनाव: भाजपा उत्तर प्रदेश में चलाएगी एक महीने का विशेष अभियान, जानें रणनीति
क्या है खबर?
भाजपा अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश में 30 मई से विशेष प्रचार अभियान चलाएगी। भाजपा ने राज्य की सभी 80 लोकसभा सीटों को साधने के लिए रणनीति तैयार की है।
भाजपा ने प्रचार के लिए कई केंद्रीय मंत्रियों, अन्य राज्यों के सांसदों और पूर्व मुख्यमंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी है।
पार्टी ने उत्तर प्रदेश की सीटों को अलग-अलग जोन में भी बांटा है।
योजना
3 बड़े जोन में बांटे गईं सभी सीटें
बतौर रिपोर्ट्स, भाजपा ने उत्तर प्रदेश के सभी 80 लोकसभा क्षेत्रों को 3 बड़े जोन में बांटा है।
प्रत्येक जोन में 7 क्लस्टर तैयार किए गए हैं और इस तरह कुल 21 क्लस्टर बनाए गए हैं। इस लिहाज से हर क्लस्टर में करीब 4 लोकसभा क्षेत्रों को शामिल किया गया है।
बता दें कि भाजपा ने करीब एक महीने तक चलने वाले अभियान के लिए जमीनी स्तर पर बड़े स्तर पर प्रचार करने की तैयारी की है।
अभियान
किन केंद्रीय मंत्रियों को दी गई है जिम्मेदारी?
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को कांग्रेस के गढ़ रायबरेली में प्रचार की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को सहारनपुर और बिजनौर की जिम्मेदारी मिली है।
विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी को एटा, फतेहपुर, आगरा और फिरोजाबाद लोकसभा क्षेत्रों में प्रचार करने के लिए कहा गया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकसभा क्षेत्र वाराणसी समेत चंदौली और जौनपुर में प्रचार करने के लिए कहा गया है।
नतीजे
भाजपा ने 2019 में उत्तर प्रदेश में जीती थीं 62 लोकसभा सीटें
भाजपा ने वर्ष 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की कुल 80 लोकसभा सीटों में से 62 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि उसकी सहयोगी पार्टी अपना दल (सोनेलाल) ने 2 सीटें जीती थीं।
महागठबंधन में शामिल बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) ने क्रमशः 10 और 5 सीटों पर जीत दर्ज की थी।
कांग्रेस रायबरेली के रूप में उत्तर प्रदेश की केवल एक लोकसभा सीट जीत पाई थी।
अभियान
मोदी सरकार के 9 साल पूरे होने पर विशेष अभियान चला रही है भाजपा
बता दें कि भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 9 वर्ष पूरे होने पर देशभर में एक विशेष अभियान चला रही है।
भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने एक महीने के अभियान के दौरान 51 रैलियों का आयोजन करने की योजना बनाई है।
भाजपा ने पार्टी कार्यकर्ताओं को 1 जून से 22 जून तक अन्य कई कार्यक्रम आयोजित करने का भी निर्देश दिया है, जिनमें लोगों को विभिन्न योजनाएं के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।