
कर्नाटक के 23वें मुख्यमंत्री बने बसवराज बोम्मई, राज्यपाल ने दिलाई शपथ
क्या है खबर?
बसवराज बोम्मई ने कर्नाटक के 23वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले ली है। राजभवन में राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने उन्हें सुबह 11 बजे इस पद की शपथ दिलाई।
बीएस येदियुरप्पा के इस्तीफा देने के बाद मंगलवार शाम को उन्हें विधायक दल का नेता चुना गया और बाद में मुख्यमंत्री के तौर पर उनके नाम का ऐलान कर दिया गया।
61 वर्षीय बोम्मई अब तक गृह मंत्रालय संभाल रहे थे और अब वो प्रदेश की कमान संभालेंगे।
जानकारी
बोम्मई ने बुलाई मंत्रिमंडल की बैठक
आज सुबह बोम्मई ने भगवान श्रीमूर्ति के मंदिर में दर्शन किए और उसके बाद भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक धर्मेंद्र प्रधान और पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा से मुलाकात की। येदियुरप्पा ने ही मुख्यमंत्री पद के लिए उनका नाम आगे बढ़ाया था।
शपथ लेने से पहले मीडिया से बात करते हुए बोम्मई ने कहा, "मैं आज मंत्रिमंडल के साथ बैठक करुंगा। उसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर राज्य में कोरोना संक्रमण और बाढ़ की स्थितियों का जायजा लूंगा।"
ट्विटर पोस्ट
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते हुए बोम्मई
Basavaraj Bommai sworn-in as the new Chief Minister of Karnataka pic.twitter.com/4RPPysdQBa
— ANI (@ANI) July 28, 2021
जानकारी
पूर्व मुख्यमंत्री एसआर बोम्मई के बेटे हैं बसवराज बोम्मई
कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई का जन्म 28 जनवरी, 1960 को हुआ था।
मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले बोम्मई ने टाटा समूह के साथ भी कुछ समय तक काम किया है।
येदियुरप्पा के करीबी माने जाने वाले बसवराज बोम्मई के पिता एसआर बोम्मई कर्नाटक के मुख्यमंत्री रहे थे।
वंशवाद के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उनके पिता जनता दल के नेता था और उन्होंने 1999 में राजनीति छोड़ दी थी।
राजनीतिक करियर
जनता दल के साथ की थी करियर की शुरुआत
लिंगायत समुदाय से आने वाले बोम्मई 1998 और 2004 में धारवाड़ स्थानीय प्राधिकरण निर्वाचन क्षेत्र से कर्नाटक विधानपरिषद के सदस्य चुने गए थे।
उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुुरुआत में जनता दल यूनाइटेड (JDU) नेता और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा और रामकृष्ण हेगड़े के साथ काम किया था।
बोम्मई 2008 में जनता दल का साथ छोड़ भाजपा में आ गए। भाजपा में रहते हुए वो पहली बार शिगगांव से विधायक बने और उसके बाद लगातार आगे बढ़ते गए।
जानकारी
येदियुरप्पा सरकार में दूसरे नंबर के नेता थे बोम्मई
येदियुरप्पा सरकार में बोम्मई दूसरे नंबर के नेता माने जाते थे। गृह मंत्रालय के अलावा उनके पास कानून मंत्रालय का भी प्रभार था। उन्होंने जल संसाधन एवं सहयोग मंत्रालय के साथ-साथ हवेरी और उडुपी जिलों के प्रभारी मंत्री के तौर पर भी काम किया है
कर्नाटक
इन नेताओं को पछाड़कर बोम्मई ने मारी बाजी
येदियुरप्पा के इस्तीफा देने के बाद अगले मुख्यमंत्री के लिए कई शीर्ष नेताओं के नाम पर चर्चा हो रही थी।
इनमें कर्नाटक के खान और भूविज्ञान मंत्री मुरुगेश आर निरानी, भाजपा नेता चंद्रकांत बेलाड के पुत्र अरविंद बेलाड़, केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष, सीटी रवि और अश्वथ नारायण का प्रमुख था।
हालांकि, विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति के निर्णय से बसवराज बोम्मई ने बाजी मार ली।