
कलकत्ता हाई कोर्ट ने नारदा स्टिंग केस में गिरफ्तार सभी TMC नेताओं को दी जमानत
क्या है खबर?
कलकत्ता हाई कोर्ट ने नारदा स्टिंग केस में गिरफ्तार किए गए दो मंत्री समेत चार नेताओं को जमानत दे दी है। इन नेताओं में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सुब्रत मुखर्जी, फिरहाद हाकिम और मदन मित्रा और पूर्व TMC नेता सोवन चटर्जी शामिल हैं।
पांच सदस्यीय बेंच ने आज उन्हें जमानत देते हुए जरूरत पड़ने पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जांच में शामिन होने को कहा।
ये सभी नेता 19 मई से घर में नजरबंद थे।
जमानत
शर्तों का उल्लंघन करने पर रद्द कर दी जाएगी जमानत- हाई कोर्ट
इन सभी आरोपी नेताओं को जमानत देते हुए हाई कोर्ट ने उन्हें दो गवाहों के साथ दो-दो लाख रुपये के निजी बॉन्ड भरने को कहा है। आरोपी नेताओं को घोटाले पर कोई भी इंटरव्यू न देने और जांच में दखलअंदाजी न करने का निर्देश भी दिया गया है।
हाई कोर्ट ने कहा कि अगर वे इन शर्तों का उल्लंघन करते हैं तो उनकी जमानत को रद्द कर दिया जाएगा।
गिरफ्तारी
17 मई को गिरफ्तार किए गए थे चारों नेता
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इन चारों नेताओं को 17 मई को गिरफ्तार किया था। हालांकि गिरफ्तारी के कुछ घंटों बाद ही CBI कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी।
CBI ने जमानत को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी जिसकी दो सदस्यीय बेंच किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी और एक जज जमानत देने के पक्ष में तो दूसरे जज इसके खिलाफ थे।
उन्होंने नेताओं को घर में नजरबंद कर मामले को बढ़ी बेंच के पास भेज दिया था।
प्रतिक्रिया
ममता ने बताई थी बदले की भावना से की गई कार्रवाई
CBI के नेताओं को गिरफ्तार करने की कार्रवाई ने बंगाल की राजनीति में उफान ला दिया था। तृणमूल कांग्रेस ने इसका कड़ा विरोध किया था।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि CBI ने यह कार्रवाई राजनीतिक बदला लेने के लिए की है। इसके बाद ममता सांसद कल्याण बनर्जी और सांतनु सेन के साथ CBI कार्यालय पहुंच गई थी।
ममता अपने समर्थकों के साथ CBI कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गई और नेताओं की रिहाई की मांग की।
बयान
TMC ने गिरफ्तारियों को बताया था अवैध
तृणमूल मंत्रियों और नेताओं को गिरफ्तार करने वाली CBI टीम के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई गई थी। ममता सरकार में मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि इस कार्रवाई से पहले CBI ने विधानसभा स्पीकर से अनुमति नहीं ली थी। इसलिए ये गिरफ्तारी अवैध हैं।
पृष्ठभूमि
क्या है नारदा स्टिंग टेप मामला?
नारदा स्टिंग टेप पश्चिम बंगाल में 2016 के विधानसभा चुनावों से पहले सामने आया था।
यह स्टिंग ऑपरेशन 2014 में किया गया था, जिसमें कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेताओं को रिश्वत लेते दिखाया गया था।
स्टिंग में फिरहाद हकीम, सुब्रत मुखर्जी, मदन मित्रा और सोवन चटर्जी का नाम सामने आया था।
ये चारों 2014 में ममता बनर्जी सरकार में मंत्री थे। नारद न्यूज पोर्टल ने यह स्टिंग ऑपरेशन किया था।