
बेहद आसानी से घर पर बनाई जा सकती है काजू कतली, जानें इसकी रेसिपी
क्या है खबर?
काजू कतली को काजू की बर्फी भी कहते हैं और यह उत्तर भारत के प्रसिद्ध और महंगे मिष्ठानो में शामिल है।
इतना ही नहीं ये मिठाई कई त्योहारों का जरूरी हिस्सा भी है क्योंकि बच्चों से लेकर बड़े तक सब इसको बेहद पसंद करते हैं।
फिर क्यूं न इस बार काजू कतली को दुकान से खरीदने की बजाय घर पर ही बनाया जाए। चलिए जानते हैं घर पर काजू की कतली बनाने की रेसिपी।
सामग्रियां
काजू कतली बनाने के लिए आपको इन चीजों की होगी जरूरत
1) दो कप काजू का पाउडर
2) दो चम्मच घी
3) आधा कप पानी
4) दो चम्मच दूध
5) एक कप चीनी
6) चार इंच का चांदी वर्क
नोट: आप चाहें तो इस रेसिपी की सामग्रियों को अपने अनुसार कम-ज्यादा कर सकते हैं, जैसे मीठे की मात्रा या काजू के पाउडर का इस्तेमाल आदि। इसके अतिरिक्त काजू कतली को बनाकर फ्रिज में रखें, ऐसा करने से आप उसे 15 दिनों तक आराम से खा सकते हैं।
स्टेप-1
इस तरह से तैयार करें काजू कतली का मिश्रण
सबसे पहले मध्यम आंच पर एक पैन रखकर उसमें पानी डालें और गर्म करें। अब इसमें चीनी मिलाएं।
चीनी की चाशनी को तब तक उबाले जब तक एक तार की चाशनी तैयार न हो जाए। जब चाशनी बन जाए तो उसमें काजू का पाउडर डालकर अच्छी तरह से मिलाएं।
इस मिश्रण को 5 से 10 मिनट के लिए तब तक मिक्स करते रहें जब तक यह गाढ़ा होना शुरू न हो जाए। इसके बाद गैस को बंद कर दें।
स्टेप-2
काजू कतली को अंतिम रूप देने और सजाने का तरीका
अब काजू पेस्ट को एक बड़ी प्लेट या बर्तन में निकालें और ठंडा होने के लिए रख दें। फिर इस मिश्रण को अच्छी तरह से आटे की तरह गूंद लें।
इसके बाद बेलन की मदद से गूंदे हुए मिश्रण को पतला करके बेल लें। अब एक प्लेट को घी से चिकना कर लें और बेले हुए मिश्रण को उसमें डालकर समान रूप से फैला दें।
फिर इस पर चांदी का वर्क लगाएं और डायमंड शेप में काटकर परोसे।
फायदा
सेहत के लिए है फायदेमंद है काजू कतली
काजू कतली बनाने के लिए मुख्य सामग्री के तौर पर काजू का इस्तेमाल किया जाता है जिसका सेवन न सिर्फ स्वाद बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद है।
दरअसल, काजू में कई ऐसे विटामिन्स और मिनरल्स शामिल होते हैं जो शरीर के स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी हैं।
शायद इसी कारण भारतीय रसोईयों में इसका इस्तेमाल विभिन्न तरीकों से होता है, यानी कहीं मीठे पकवानों में इसका इस्तेमाल किया जाता है तो कहीं मसालेदार व्यंजनों का जायका बढ़ाने के लिए।