
ब्राउन ब्रेड बनाम मल्टीग्रेन ब्रेड बनाम सफेद ब्रेड: मधुमेह रोगियों के लिए क्या है बेहतर?
क्या है खबर?
बढ़ते ब्लड शुगर के स्तर के कारण मधुमेह जैसी कई बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
ऐसे में इसका ध्यान रखना जरूरी है। इसके लिए आप अपनी खाने की आदतों में ब्रेड को शामिल कर सकते हैं, लेकिन ब्रेड का चुनाव करते समय थोड़ी सावधानी बरतनी चाहिए।
आइए हम आपको तीन तरह की ब्रेड के बारे में बताते हैं, जिसमें से एक ब्रेड ब्लड शुगर के स्तर को ज्यादा प्रभावित नहीं करती है।
#1
ब्राउन ब्रेड
ब्राउन ब्रेड को बनाने के लिए सफेद आटे का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इसमें आटे के साथ कुछ अन्य फायदेमंद तत्व भी मिलाए जाते हैं।
ये मधुमेह के रोगियों के लिए सुरक्षित होती है क्योंकि ब्राउन ब्रेड में कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है।
यह ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होने से ब्लड शुगर के स्तर पर कम प्रभाव डालता है। इसके सेवन से सेहत पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।
#2
मल्टीग्रेन ब्रेड
मल्टीग्रेन ब्रेड कई अनाजों से बनाई जाती है, जैसे कि जौ, जई, बाजरा, रागी आदि।
ये सभी अनाज पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, जिस कारण ये भी मधुमेह के रोगियों के लिए एक अच्छा विकल्प बनाती है।
मल्टीग्रेन ब्रेड कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाली चीजों से बनाई जाती है और इसमें मौजूद रेशे ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद कर सकते हैं।
#3
सफेद ब्रेड
सफेद ब्रेड को बनाने के लिए परिष्कृत आटे का इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें पोषक तत्व कम होते हैं और रेशे की मात्रा भी बहुत कम होती है।
यह ब्रेड जल्दी पच जाती है और इससे शरीर में तेजी से ऊर्जा मिलती है, जिससे ब्लड शुगर के स्तर में तेजी से वृद्धि हो सकती है।
इसलिए मधुमेह के रोगियों को सफेद ब्रेड खाने से बचना चाहिए।
चयन
मधुमेह के रोगियों के लिए कौन-सी ब्रेड है बेहतर?
अगर मधुमेह के रोगी ब्रेड खाना पसंद करते हैं तो उनके लिए ब्राउन ब्रेड और मल्टीग्रेन ब्रेड दोनों ही बेहतर विकल्प हो सकते हैं।
इनमें से किसी एक ब्रेड का चुनाव करना सेहत के लिए अच्छा है, लेकिन ब्रेड का सेवन सीमित मात्रा में ही करें।
इसके अतिरिक्त ब्रेड के साथ अन्य पोषक तत्वों का संतुलित सेवन भी जरूरी है। इस तरह से आप अपने ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद कर सकते हैं।