
स्टेमिना बढ़ाने में मदद कर सकते हैं ये 5 योगासन, ऐसे करें अभ्यास
क्या है खबर?
कई लोग यह मानते हैं कि शरीर का स्टेमिना बढ़ाने के लिए जिम जाकर वेट लिफ्टिंग या स्ट्रेंथ ट्रनिंग जैसी एक्सरसाइज करना जरूरी है, जबकि ऐसा नहीं है।
आप चाहें तो सही तरीके से रोजाना कुछ मिनट योगासन करके भी स्टेमिना बढ़ा सकते हैं।
आइए आज हम आपको ऐसे ही कुछ योगासनों के बारे में बताते हैं, जिनका अभ्यास प्राकृतिक रूप से स्टेमिना बढ़ाने और तनाव नियंत्रित करने में मदद कर सकता है।
#1
नौकासन का करें अभ्यास
सबसे पहले योगा मैट पर पीठ के बल एकदम सीधे लेट जाएं।
इसके बाद दोनों पैरों के पंजों को आपस जोड़ते हुए उन्हें 45 डिग्री तक सांस भरते हुए उठा लें।
अब दोनों हाथों को कंधे की सीध में उठाते हुए घुटनों की तरफ एकदम सीधा रखें। इसी अवस्था में सिर और पीठ को भी उठाएं और नाव का आकार ले लें।
इसके बाद सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे योगासन को छोड़ें।
#2
उष्ट्रासन करेगा मदद
उष्ट्रासन का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर घुटनों के बल बैठ जाएं और फिर घुटनों के बल ही खड़े हो जाएं।
अब सामान्य रूप से सांस लेते हुए पीछे की ओर झुकें और दाईं हथेली को दाईं एड़ी पर और बाईं हथेली को बाईं एड़ी पर रखने की कोशिश करें।
इस मुद्रा में कम से कम 1-2 मिनट रहने के बाद धीरे-धीरे सामान्य हो जाएं और कुछ मिनट आराम करें।
#3
हनुमानासन भी है प्रभावी
इसके लिए पहले योगा मैट पर घुटने के बल खड़े हो जाएं।
अब दाएं पैर को अपने सामने की ओर फैला लें और बाएं पैर को पीछे की ओर फैलाकर पंजे को जमीन पर टीका लें।
इस मुद्रा में आने के बाद हाथों को सिर से ऊपर उठाएं और दोनों हथेलियों को आपस में जोड़ लें। इस दौरान सामान्य रूप से सांस लेते रहें।
कुछ देर इसी मुद्रा में बने रहने के बाद धीरे-धीरे आसन छोड़े।
#4
बालासन से भी होगा फायदा
सबसे पहले योगा मैट पर वज्रासन की मुद्रा में बैठ जाएं और गहरी सांस लेते हुए हाथों को ऊपर उठाएं।
अब सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे आगे की ओर झुककर माथे को जमीन से सटाएं। इस अवस्था में दोनों हाथ सामने, माथा जमीन से टिका हुआ और छाती जांघों पर रहेगी।
कुछ सेकंड इसी मुद्रा में रहकर सामान्य रूप से सांस लेते रहें। इसके बाद सांस लेते हुए वापस वज्रासन की मुद्रा में आ जाए और सामान्य हो जाएं।
#5
सेतुबंधासन से भी बढ़ेगा स्टेमिना
सेतुबंधासन करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर पीठ के बल सीधे लेट जाएं। अब दोनों पैरों को घुटनों से मोड़ें और दोनों हाथों को एड़ियों के करीब लाने की कोशिश करें।
इसके बाद कूल्हे और पैरों को धीरे-धीरे ऊपर की ओर उठाएं। अब कुछ सेकंड इसी मुद्रा में रहें और फिर धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ जाएं।
कुछ देर आराम के बाद इस योगासन का दोबारा अभ्यास करें।