
हैमस्ट्रिंग की मजबूती के लिए रोजाना करें ये 5 एक्सरसाइज
क्या है खबर?
हैमस्ट्रिंग दोनों जांघों के पीछे मौजूद मांसपेशियों को कहा जाता है।
अगर किसी भी कारणवश इनमें चोट, दर्द, जकड़न या सूजन आ जाए तो चलना-फिरना मुश्किल हो जाता है।
ऐसे में आराम और दवाइयों के साथ-साथ कुछ एक्सरसाइज इन समस्याओं से राहत दिलाने में मदद कर सकती हैं।
चलिए फिर आज हैमस्ट्रिंग को मजबूती देने वाली 5 एक्सरसाइज के बारे में जानते हैं। हालांकि,एक्सरसाइज से कुछ मिनट पहले स्ट्रेचिंग करना न भूलें।
#1
ग्लूट ब्रिज
सबसे पहले जमीन पर सीधे लेट जाएं। इसके बाद पैरों को इस तरह से मोड़ें, जिससे शरीर का निचला हिस्सा ब्रिज जैसा दिखने लगे।
इस दौरान दोनों हाथों को एड़ियों के करीब लाने की कोशिश करें। अब कूल्हों को धीरे-धीरे 1-2 मिनट तक ऊपर-नीचे करें। यह एक्सरसाइज का एक रेप्स है। ऐसे कम से कम 5-6 रेप्स करें।
आप चाहें तो अपनी सुविधा के लिए सिर के नीचे एक तौलिये को लपेटकर रख सकते हैं।
#2
प्रोन हैमस्ट्रिंग कर्ल
इसके लिए सबसे पहले जमीन पर पेट के बल लेट जाएं और अपना चेहरा तकिये या तौलिये पर रखें।
इसके बाद पैरों को धीरे-धीरे उठाएं और इन्हें ग्लूट्स के करीब लाने की कोशिश करें। एक सेकंड के लिए रुकें और पैर वापस नीचे लाएं।
दिन में 2 बार 8 रेप्स करके एक्सरसाइज के 3 सेट पूरे करें।
आप अपने बिस्तर, सोफे या किसी सपाट सतह पर लेटते समय प्रोन हैमस्ट्रिंग कर्ल कर सकते हैं।
#3
हैमस्ट्रिंग स्ट्रेच
सबसे पहले एक कुर्सी के किनारे पर बैठें। इसके बाद एक पैर को आगे की ओर बढ़ाकर थोड़ा मोड़ें और दूसरे पैर को घुटने से मोड़कर रखें।
अब धीरे-धीरे शरीर को कूल्हों से मोड़ें। इससे आपको हैमस्ट्रिंग में खिंचाव महसूस होने लगेगा।
3 सेकंड के लिए रुकने के बाद शरीर को वापस सीधी स्थिति में ले आएं।
यहां जानिए पीठ दर्द को दूर करने वाली रेजिस्टेंस बैंड एक्सरसाइज।
#4
इंक्लाइन बाइसेप कर्ल
इस एक्सरसाइज के लिए सबसे पहले एक इंक्लाइन बेंच पर बैठ जाएं और फिर क्षमतानुसार वजन वाले डंबलों को दोनों हाथों में लेकर ऊपर-नीचे करें।
यह एक कठिन एक्सरसाइज है, लेकिन इससे हैमस्ट्रिंग ट्रेन होती हैं। बस आपको ये ध्यान रखना है कि आपको सिर को हमेशा बेंच पर रखना है क्योंकि इससे आपकी गर्दन पर जोर आएगा।
इस एक्सरसाइज के लिए पहले हल्के वजन के डंबलों का इस्तेमाल करें और फिर धीरे-धीरे अपनी क्षमतानुसार वजन बढ़ाएं।
#5
रिवर्स प्लैंक
इसके लिए जमीन पर पैरों को फैलाकर बैठ जाएं, फिर दोनों हाथों को पीठ के पीछे ले जाएं और हथेलियों को जमीन पर रखें।
इसके बाद सामान्य सांस लेते रहें और शरीर को थोड़ा पीछे की ओर करते हुए शरीर को अपनी क्षमतानुसार उठाने की कोशिश करें।
इस दौरान अपने सिर को भी पीछे की ओर झुकाएं और अपने तलवों को जमीन से सटाएं। कुछ देर इसी स्थिति में रहने के बाद धीरे-धीरे सामान्य हो जाएं।