
यशवंत सिन्हा को मिली श्रीनगर जाने की अनुमति, नजरबंद नेताओं से हो सकती है मुलाकात
क्या है खबर?
पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा को श्रीनगर जाने की अनुमति मिल गई है। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने सिन्हा के साथ पूर्व नौकरशाह वजाहत हबीबुल्ला, पत्रकार भारत भूषण और एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) कपिल काक को श्रीनगर और कश्मीर जाने की अनुमति दी है।
यह चार सदस्यीय समूह चार दिनों के जम्मू-कश्मीर दौरे पर है, जहां यह नए बने केंद्र शासित प्रदेश की जमीनी हकीकत का जायजा लेगा।
गौरतलब है कि इससे पहले सिन्हा को श्रीनगर हवाई अड्डे से वापस लौटाया गया था।
कार्यक्रम
25 नवंबर को वापस लौटेगा समूह
सिन्हा ने ट्वीट कर बताया कि वो श्रीनगर और कश्मीर जा रहे हैं, जहां वो जमीनी हकीकत देखेंगे और सरकार द्वारा उठाए गए कदम से हुए आर्थिक नुकसान का जायजा लेंगे।
शुक्रवार को यह समूह घाटी के स्थानीय लोगों से मुलाकात कर रहा है। सूत्रों ने बताया कि यह समूह हिरासत में बंद मुख्यधारा के राजनेताओं से भी मिलने की कोशिश करेगा।
सिन्हा ने बताया कि यह समूह 25 नवंबर को घाटी से वापस लौटकर अपनी रिपोर्ट जारी करेगा।
जानकारी
सितंबर में श्रीनगर से लौटाए गए थे सिन्हा
इससे पहले सितंबर में यशवंत सिन्हा को श्रीनगर एयरपोर्ट से वापस लौटाया गया था। उस समय वो एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) कपिल काक और सामाजिक कार्यकर्ता सुशोभा भावे के साथ श्रीनगर पहुंचे थे।
केंद्र शासित प्रदेश
31 अक्टूबर को राज्य से केंद्र शासित प्रदेश बना था जम्मू-कश्मीर
केंद्र सरकार ने 5 अगस्त को ऐतिहासिक कदम उठाते जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त कर दिया था।
इसके अलावा सरकार ने जम्मू-कश्मीर राज्य को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख, दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया था।
बीते 31 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर नए केंद्र शासित प्रदेश के तौर पर अस्तित्व में आया था। अब राज्य का प्रशासन उप राज्यपाल के जरिए केंद्र सरकार के हाथ में है।
अभी तक जम्मू-कश्मीर विधानसभा के चुनाव नहीं हए हैं।
प्रतिबंध
हिरासत में बंद है मुख्यधारा के नेता
केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक फैसले से पहले 4 अगस्त को घाटी में कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए थे।
इनमें संचार के साधनों पर रोक, स्कूल-कॉलेज बंद करना और मुख्यधारा के नेताओं को हिरासत में लेना आदि शामिल था।
हालांकि, समय बीतने के साथ कुछ प्रतिबंध हटा लिए गए हैं, लेकिन इंटरनेट पर पाबंदी और नेताओं की हिरासत अभी तक जारी है। हिरासत में लिए गए नेताओं में राज्य के तीन पूर्व मुख्यमंत्री भी शामिल हैं।
सरकार का दावा
सरकार ने कहा- कश्मीर में सब कुछ सामान्य है
बुधवार को राज्यसभा में गृह मंत्री ने जम्मू-कश्मीर के हालातों की जानकारी दी थी।
उन्होंने कहा था कि जम्मू-कश्मीर में स्थिति पूरी तरह से सामान्य है और 5 अगस्त के बाद से आज तक एक भी व्यक्ति की मौत पुलिस फायरिंग में नहीं हुई है।
उन्होंने मेडिकल और दूसरी सुविधाएं पूरी तरह शुरू होने की जानकारी देते हुए कहा कि उचित समय आने पर इंटरनेट सेवाएं भी शुरू कर दी जाएंगी। हालांकि, उन्होंने नेताओं की रिहाई पर कुछ नहीं बोला।