
2019 लोकसभा चुनावों में जब्त हुई 3,439 करोड़ रुपए की वस्तुएं, 2014 के मुकाबले तीन गुना
क्या है खबर?
चुनावों में पैसा और काले कारोबार का प्रचलन कितना बढ़ गया है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि चुनाव आयोग ने 2014 लोकसभा चुनाव के मुकाबले इस लोकसभा चुनाव में लगभग तीन गुना ज्यादा कीमत का अवैध सामान जब्त किया।
शुक्रवार को आखिरी चरण का चुनाव प्रचार थमने के बाद चुनाव आयोग ने पूरे चुनाव में देशभर में 3,439 करोड़ रुपये की कीमत का सामान जब्त किए जाने की घोषणा की।
कौन किस स्थान पर?
तमिलनाडु में सबसे ज्यादा सामान जब्त
इससे पहले किसी भी लोकसभा चुनाव में इतनी रकम के सामान को जब्त नहीं किया। 2014 चुनाव में कुल 1,200 करोड़ रुपये की कीमत की वस्तुएं जब्त की गई थीं।
इस बार तमिलनाडु में सबसे अधिक 950 करोड़ रुपये का सामान जब्त किया गया है।
इसके बाद गुजरात का नंबर आता है, जहां 552 करोड़ रुपये कीमत की वस्तुएं जब्त हुईं।
देश की राजधानी दिल्ली 426 करोड़ रुपये के साथ इस सूची में तीसरे नंबर पर रही।
आचार संहिता
आचार संहिता उल्लंघन की लगभग 500 शिकायतें
चुनाव आयोग के अनुसार, आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने के लिए उसे पूरे लोकसभा चुनाव में विभिन्न पार्टियों और उम्मीदवारों के खिलाफ लगभग 500 शिकायतें प्राप्त हुईं।
खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लगभग एक दर्जन शिकायतें दर्ज कराई गईं।
हालांकि, आयोग ने इन सभी मामलों में उन्हें बरी कर दिया, जिसके कारण विपक्षी दलों ने उसकी निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े किए।
कई मामलों में बहुमत के फैसले के आधार पर प्रधानमंत्री मोदी को क्लीन चिट मिली।
जानकारी
इन नेताओं पर लगाई पाबंदी
आयोग ने आचार संहिता का उल्लंघन करने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बसपा प्रमुख मायावती, सपा नेता आजम खान, केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू के चुनाव प्रचार करने पर अस्थाई पाबंदी भी लगाई।
पहली बार
ये चीजें हुईं पहली बार
वहीं, चुनाव आयोग ने संविधान की धारा 324 के तहत प्रदान किए गए अधिकारों का पहली बार किसी लोकसभा चुनाव में प्रयोग करते हुए तमिलनाडु के वेल्लोर में दोबारा मतदान कराया और पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के हिंसक होने के बाद प्रचार को 19 घंटे पहले ही समाप्त करने की घोषणा की।
इसके अलावा, इस चुनाव में आयोग ने पहली बार 11.10 लाख VVPAT मशीनों का भी प्रयोग किया।
सोशल मीडिया
सोशल मीडिया पोस्ट्स पर भी की गई कार्रवाई
इसके अलावा इस चुनाव में आयोग ने पहली बार सोशल मीडिया पेजों पर भी कार्रवाई की।
10 मार्च को आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद 645 फेसबुक पोस्ट, 160 ट्वीट्स, 31 शेयरचैट पोस्ट, 5 गूगल पोस्ट और 3 व्हाट्सऐप मैसेज पर कार्रवाई की गई। इनके खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई गई थी।
बता दें कि आयोग ने इस बार सोशल मीडिया के उपयोग पर भी आचार संहिता लागू की थी।