
कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में मोर्चा संभाले हुए हैं ये पांच महिला अधिकारी और डॉक्टर
क्या है खबर?
पूरी दुनिया इन दिनों कोरोना वायरस (COVID-19) से जूझ रही है।
लगभग 15 लाख लोगों को संक्रमित कर चुकी इस बीमारी से लड़ाई के लिए हर देश अपने स्तर पर प्रयास कर रहा है।
भारत में भी 5,000 से ज्यादा लोग इसकी चपेट में हैं। यहां इस खतरनाक वायरस के खिलाफ लड़ाई में महिला अधिकारी मोर्चे पर जुटी हुई हैं।
आइये, संक्षेप में उन पांच महिला अधिकारियों के बारे में जानते हैं जो इस लड़ाई का नेतृत्व कर रही हैं।
#1
प्रीति सूदन के कंधों पर है भारी जिम्मेदारी
1983 बैच की आंध्र प्रदेश कैडर की IAS अधिकारी प्रीति सूदन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में सचिव हैं।
महामारी के संक्रमण को रोकने के लिए भारत सरकार की नीतियों को लागू कराना उनकी जिम्मेदारी है।
लंदन स्कूल ऑफ इकॉनोमिक्स से पढ़ीं सूदन वर्ल्ड बैंक के साथ भी काम कर चुकी हैं।
सूदन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्ष वर्धन के साथ मिलकर दूसरे विभागों और राज्य सरकारों से महामारी की स्थिति पर नजर बनाए रखती हैं।
#2
डॉक्टर निवेदिता बनाती हैं महामारी के इलाज के प्रोटोकॉल
डॉक्टर निवेदिता गुप्ता इंडियन कॉउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) की सीनियर साइंटिस्ट हैं।
देश में कोरोना वायरस मरीजों के इलाज और टेस्ट के लिए प्रोटोकॉल बनाने की जिम्मेदारी उनकी है।
पिछले साल केरल में निपाह वायरस से निपटने के लिए बनाई गई टीम में उनको अहम जिम्मेदारी दी गई थी।
जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी से PhD करने वालीं निवेदिता ने ICMR की वायरस रिसर्च और डायग्नोस्टिक लैबोरेट्री नेटवर्क स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
#3
डॉक्टर रेणु के कंधों पर है यह जिम्मेदारी
विज्ञान और तकनीकी मंत्रालय के बायोटेक्नोलॉजी विभाग की सचिव रेणु स्वरुप जानी-मानी वैज्ञानिक हैं।
स्वरुप उन लोगों में शामिल हैं, जो कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने में लगे हैं।
द प्रिंट से इंटरव्यू में स्वरुप ने बताया कि वो सस्ती कीमत के टेस्टिंग किट और वेंटिलेटर बनाने वाले स्टार्ट-अप्स की मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी बढ़ाने में लगे हैं।
स्वरुप टास्क फोर्स ऑन वूमेन इन साइंस की सदस्य भी रही हैं, जो प्रधानमंत्री की विज्ञान सलाहकार समिति ने गठित की थी।
4
डॉक्टर प्रिया संभाल रही हैं NIV की कमान
डॉक्टर प्रिया अब्राहम पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) की निदेशक हैं।
ICMR से जुड़े NIV ने देश में सबसे पहले कोरोना वायरस के टेस्ट करने शुरू किए थे। बाद में जब ICMR ने देशभर में जांच केंद्रों की संख्या बढ़ाई तो NIV ने उनको जरूरी मदद पहुंचाई।
उन्होंने वायरोलॉजी में डॉक्टर ऑफ मेडिसिन (DM) की पढ़ाई के लिए सिलेबस भी तैयार किया है।
प्रिया विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के साथ भी काम कर चुकी हैं।
जानकारी
बी राजेश के पास है तमिलनाडु की जिम्मेदारी
बीला राजेश तमिलनाडु की स्वास्थ्य सचिव हैं। 1997 बैच की IAS अधिकारी राजेश सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं। उन्होंने मद्रास मेडिकल कॉलेज से MBBS की पढ़ाई की है। स्वास्थ्य सचिव बनने से पहले वो इंडियन मेडिसिन एंड होम्योपैथी में कमिश्नर थीं।