
नए संसद का उद्घाटन: प्रधानमंत्री बोले- ये हमारे सपनों का प्रतिबिंब, राष्ट्रपति-उपराष्ट्रपति के संबोधन पढ़े गए
क्या है खबर?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सुबह संसद भवन की नई इमारत का उद्घाटन कर इसे देश को समर्पित किया। सर्व-धर्म प्रार्थना और वैदिक विधि-विधान के साथ राजदंड सेंगोल की स्थापना के बाद नए संसद भवन का उद्घाटन किया गया।
उद्घाटन के दूसरे चरण में राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के संबोधन पढ़े गए। प्रधानमंत्री मोदी और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने भी लोगों को संबोधित किया।
इससे पहले शॉर्ट फिल्म 'संसद का नव निर्मित भवन' की स्क्रीनिंग भी की गई।
मोदी
प्रधानमंत्री बोले- ये भारतीयों का सपनों का प्रतिबिंब
उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश की विकास यात्रा में कुछ पल अमर हो जाते हैं, आज 28 मई 2023 का यह दिन ऐसा ही शुभ अवसर है।
उन्होंने कहा, "यह सिर्फ एक भवन नहीं है। यह 140 करोड़ भारतवासियों की आकांक्षाओं और सपनों का प्रतिबिंब है। यह विश्व को भारत के दृढ़ संकल्प का संदेश देता है। हमारे लोकतंत्र का यह मंदिर है। यह नया भवन नए भारत के सूर्योदय का साक्षी बनेगा।"
राष्ट्रपिति
नया संसद भारत की सामूहिक चेतना का प्रतीक- राष्ट्रपति
राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण ने नए संसद भवन के उद्घाटन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संदेश पढ़ा। संदेश में कहा गया कि नया संसद भवन सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।
उन्होंने कहा, "नए संसद का गौरवशाली भवन नया इतिहास लिखेगा। नई संसद गुलामी की मानसिकता से मुक्ति का प्रतीक है। देश के हर कोने से लाई गई संस्कृति की भव्यता है।"
राष्ट्रपति ने संसद भवन बनाने में लगे श्रमिकों का भी आभार प्रकट किया।
अमित शाह
देश की यात्रा की शुरुआत का प्रतीक है नया संसद भवन- गृह मंत्री
संसद भवन के उद्घाटन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी ने नई संसद को राष्ट्र को समर्पित कर दिया है। यह भवन न केवल वह स्थान है, जहां लोगों की आकांक्षाएं फलेंगी-फूलेंगी बल्कि अमृत काल में हर क्षेत्र में उत्कृष्टता की दिशा में भारत की यात्रा की शुरुआत का प्रतीक भी है।"
राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने कहा कि यह लोकतंत्र के लिए गर्व का क्षण है।
सिक्का
जारी हुआ 75 रुपये का खास सिक्का
उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री ने 75 रुपये का खास स्मारक सिक्का जारी किया। 35 ग्राम वजनी इस सिक्के को 50 प्रतिशत चांदी, 40 प्रतिशत कॉपर, 5 प्रतिशत निकल और 5 प्रतिशत जिंक धातु से बनाया गया है। ये गोलाकार है, जिसका व्यास 44 मिलीमीटर है।
सिक्के का डिजाइन संविधान की पहली अनुसूची के अनुसार बनाया गया है। सिक्के के एक तरफ अशोक स्तंभ का सिंह है, जिसके नीचे 'सत्यमेव जयते' लिखा है।
ट्विटर पोस्ट
प्रधानमंत्री ने आज के दिन को बताया अविस्मरणीय
आज का दिन हम सभी देशवासियों के लिए अविस्मरणीय है। संसद का नया भवन हम सभी को गर्व और उम्मीदों से भर देने वाला है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि यह दिव्य और भव्य इमारत जन-जन के सशक्तिकरण के साथ ही, राष्ट्र की समृद्धि और सामर्थ्य को नई गति और शक्ति प्रदान करेगी। pic.twitter.com/aOReN4JiF4
— Narendra Modi (@narendramodi) May 28, 2023
खासियत
ये है नए संसद की खासियत
नए संसद भवन की डिजाइन तिकोने आकार में है। इसमें लोकसभा में 888 और राज्यसभा में 384 सदस्यों के बैठने का इंतजाम है।
भवन में भारत की लोकतांत्रिक विरासत को प्रदर्शित करने के लिए एक भव्य संविधान कक्ष बनाया गया है। संसद सदस्यों के लिए एक लाउंज, लाइब्रेरी, कैंटीन, समिति कक्ष और पार्किंग उपलब्ध है।
नए संसद भवन में 3 प्रमुख प्रवेश द्वार बनाए गए हैं, जिनका नाम ज्ञान द्वार, शक्ति द्वार और कर्म द्वार रखा गया है।