
पंजाब: लुधियाना में शिक्षक, पत्रकार और न्यायिक कर्मचारियों को भी लगेगी कोरोना वैक्सीन
क्या है खबर?
कोरोना महामारी के खिलाफ देश में वैक्सीनेशन अभियान चलाया जा रहा है। लोगों को सुरक्षित करने के लिए सरकार भी वैक्सीनेशन की रफ्तार को बढ़ाने में जुटी हुई है।
इसी बीच पंजाब के लुधियाना जिला प्रशासन ने जिले के लोगों को महामारी से बचाने के लिए अब बैंकर्स, न्यायिक कर्मचारी, शिक्षक, पत्रकार सहित कई पेशेवर समूहों को भी वैक्सीन लगाए जाने की अनुमति जारी की है।
इसके अलावा वैक्सीन लगाने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
शुरुआत
भारत में 16 जनवरी से हुई वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत
भारत में 16 जनवरी को सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) 'कोविशील्ड' और भारत बायोटेक की 'कोवैक्सिन' से वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत हुई थी।
इसके बाद 1 मार्च में वैक्सीनेशन का दूसरा चरण शुरू कर दिया गया था। इसमें 60 से अधिक उम्र और गंभीर बीमारी से ग्रसित 45 साल से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन दी जा रही है।
देश में अब तक 3,29,47,432 लोगों को वैक्सीन दी जा चुकी है। सोमवार को 30,39,394 को वैक्सीन दी गई थी।
अनुमति
लुधियाना में अब इन्हें लगाई जाएगी कोरोना वैक्सीन
लुधियाना के उपायुक्त वरिंदर कुमार शर्मा ने कहा है कि सभी बैंकों में काम करने वाले व्यक्तियों, सभी शैक्षणिक संस्थानों के कर्मचारियों, गैर-सरकारी संगठनों के सभी सदस्यों, पत्रकारों, न्यायालयों के अधिवक्ता, न्यायिक कर्मचारी, कोऑपरेटिव सोसाइटी के सभी अधिकारियों और फूड ग्रेन सोसाइटी के लोगों को वैक्सीन लगाने की अनुमति दी गई है।
उन्होंने कहा कि इन सभी लोगों ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए कार्य किया था। ऐसे में इनको प्राथमिक मिलना आवश्यक है।
जानकारी
अनुमति देने के पीछे यह दिया तर्क
उपायुक्त शर्मा ने अनुमति देने के पीछे तर्क दिया कि इन लोगों का समाज से सर्वाधिक संपर्क होता है। इन्होंने महामारी में भी खुलकर काम किया था। ऐसे में इनकी भलाई और समाज की भलाई को देखते हुए इन लोगों को वैक्सीन पहले लगाई जाएगी।
इनकार
केंद्र सरकार ने किया था न्यायाधीशों और वकीलों को प्राथमिकता देने से इनकार
बता दें केंद्र सरकार वैक्सीनेशन अभियान में न्यायाधीशों, वकीलों और कोर्ट कर्मचारियों को प्राथमिकता देने से सहमत नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका के जवाब में सरकार ने हलफनामा दाखिल कर कहा है कि देश में वैक्सिनेशन अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। ऐसे में किसी व्यवसाय के हिसाब से प्राथमिकता तय करना नागरिकों के हित में नहीं।
याचिका में वैक्सीनेशन अभियान में न्यायाधीशों, वकीलों और कोर्ट कर्मचारियों को प्राथमिकता श्रेणी में लेने की मांग की गई थी।
संक्रमण
पंजाब में यह है कोरोना संक्रमण की स्थिति
पंजाब में संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। सोमवार को कोरोना संक्रमण से 27 लोगों की मौत हो गई।
इसी तरह 1,843 नए मामले सामने आए हैं। इससे राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 1,99,573 पर पहुंच गई। इनमें से 6,099 की मौत हो चुकी है। राज्य में वर्तमान में 11,942 सक्रिय मामले हैं।
राज्य में अब तक 2,10,406 स्वास्थ्यकर्मी और फ्रंटलाइन वर्करों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। वैक्सीनेशन की रफ्तार भी बढ़ाई जा रही है।