
कोरोना वैक्सीनेशन: चार राज्यों के आठ जिलों में परखी जाएंगी तैयारियां, अगले हफ्ते होगा ट्रायल
क्या है खबर?
चार राज्यों के आठ जिलों में अगले सप्ताह कोरोना वायरस वैक्सीनेशन (टीकाकरण) के लिए ट्रायल रन किया जाएगा।
योजना के मुताबिक 28 और 29 दिसंबर को गुजरात, आंध्र प्रदेश, पंजाब और असम के आठ जिलों में यह ट्रायल होगा।
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर बताया कि इस दौरान केवल वैक्सीन को छोड़कर वैक्सीनेशन की प्रक्रिया में शामिल कोल्ड स्टोरेज और ट्रांसपोर्ट समेत हर चीज का ट्रायल किया जाएगा।
ट्रायल
आठों जिलों की हो चुकी है पहचान
ट्रायल के दौरान हर जिले में पांच वैक्सीनेशन सेंटर बनाए जाएंगे। चारों राज्यों के इन आठों जिलों की पहचान हो चुकी है।
पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने बताया कि इस ट्रायल के राज्य के लुधियाना और शहीद भगत सिंह नगर को चुना गया है।
इस ट्रायल में वैक्सीन लगाने वाले स्वास्थ्य कर्मचारी समेत दूसरे कर्मी भी मौजूद रहेगे और पहली बार जमीनी स्तर पर अपनी भूमिका को समझेंगे।
वैक्सीनेशन
ट्रायल के दौरान इन बातों पर रखा जाएगा खास ध्यान
ट्रायल के दौरान इस बात पर खास ध्यान दिया जाएगा कि वैक्सीन देने के बाद अगर किसी मरीज में उसके गंभीर साइड इफेक्ट्स नजर आते हैं, तो उस स्थिति से कैसे निपटा जाएगा।
साथ ही यह भी देखा जाएगा कि वैक्सीनेशन सेंटर को कोरोना संक्रमण के प्रकोप से कैसे सुरक्षित रखा जा सकता है।
बता दें कि सरकार ने कोरोना संक्रमित व्यक्तियों को ठीक होने तक वैक्सीन लेने के लिए सेंटर पर न आने की कहा है।
इंतजाम
निगरानी और सुझाव के लिए बनाई गई बहुस्तरीय व्यवस्था
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वैक्सीनेशन की पूरी प्रक्रिया पर नजर रखने और सुझाव देने के लिए बहुस्तरीय व्यवस्था बनाई गई है।
इस काम के लिए राज्य स्तर पर दो और जिला स्तर पर एक समिति बनाई गई है। ये नियमित बैठक कर जमीनी स्तर पर वैक्सीनेशन की योजना बना रही हैं।
दूसरी तरफ वैक्सीनेशन की प्रक्रिया में शामिल होने वाले डॉक्टर, नर्सें और आशा कर्मचारियों समेत सभी स्वास्थ्य कर्मियों के लिए विशेष ट्रेनिंग मॉड्यूल तैयार किया गया है।
कोरोना वैक्सीन
अगले महीने से वैक्सीनेशन शुरू होने की उम्मीद
एक अनुमान के मुताबिक, भारत में वैक्सीन की स्टोरेज और डिलीवरी करने के लिए 29,000 कोल्ड चेन प्वाइंट्स, 240 वॉक-इन कूल, 70 वॉक-इन फ्रीजर, 45,000 आइस-लाइन्ड रेफ्रिजरेटर्स, 41,000 डीप फ्रीजर्स और 300 सोलर फ्रीजर का इस्तेमाल किया जाएगा।
केंद्र सरकार ने राज्यों की जरूरत के हिसाब से उन्हें जरूरी उपकरण मुहैया करवा दिए हैं।
माना जा रहा है कि अगले महीने की शुरुआत में भारत में वैक्सीनेशन का काम शुरू हो सकता है।
कोरोना वायरस
शुरुआती दौर में 30 करोड़ लोगों को दी जाएगी खुराक
सरकार ने शुरुआती दौर में प्राथमिकता समूह में शामिल लोगों को वैक्सीन देने की योजना बनाई है।
शुरुआती दौर के पहले चरण में लगभग एक करोड़ स्वास्थ्यकर्मियों को वैक्सीन दी जाएगी।
दूसरे चरण में पुलिसकर्मियों और स्वास्थ्य कर्मचारियों समेत महामारी के खिलाफ अग्रिम मोर्चे पर तैनात लगभग दो करोड़ लोगों को खुराक दी जाएगी।
तीसरे चरण में 50 साल से ज्यादा उम्र के लोगों और दूसरी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों समेत लगभग 27 करोड़ लोगों को वैक्सीन मिलेगी।
उम्मीद
कोविशील्ड को अगले हफ्ते मिल सकती है मंजूरी
उम्मीद की जा रही है कि एस्ट्राजेनेका-ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा तैयार की जा रही कोरोना वैक्सीन कोविशील्ड को अगले सप्ताह भारत में आपात इस्तेमाल की मंजूरी मिल सकती है।
पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) एस्ट्राजेनेका से समझौते के तहत इसके क्लिनिकल ट्रायल कर रही है। SII इस वैक्सीन का उत्पादन भी करेगी।
SII के अलावा भारत बायोटेक और फाइजर ने भी अपनी वैक्सीन्स के इस्तेमाल की मंजूरी के लिए आवेदन किया हुआ है।