
मणिपुर में आज से बहाल होगी इंटरनेट सेवाएं, कुछ इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई
क्या है खबर?
मणिपुर में हालात अभी भी पूरी तरह से स्थिर नहीं हुए हैं। इस बीच राज्य के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने शनिवार को आम जनता को बड़ी राहत दी है।
मुख्यमंत्री ने 23 सितंबर से जनता के लिए इंटरनेट सेवाएं बहाल करने की घोषणा की है। हालांकि, हिंसा की आशंका को देखते हुए राज्य के कुछ इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ा दिया गया है और कर्फ्यू में दी जाने वाली ढील को भी रद्द कर दिया गया है।
मणिपुर
मणिपुर के कुछ इलाकों में बढ़ाई गई सुरक्षा
इससे पहले शुक्रवार को मुख्यमंत्री सिंह ने इंफाल पूर्व और इम्फाल पश्चिम के जिलों में कर्फ्यू के दौरान दिन के समय दी जाने वाली ढील रद्द कर दी गई।
संबंधित जिला मजिस्ट्रेटों द्वारा देर रात जारी किए गए आदेश में कहा गया कि शनिवार को कर्फ्यू में कोई ढील नहीं दी जाएगी।
बता दें, इंफाल पूर्वी जिले के पोरोम्पैट और हिंगांग और इंफाल पश्चिम जिले के सिंगजामेई और क्वाकीथेल में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस स्टेशनों पर हमला बोल दिया था।
इंटरनेट
4 महीनों से अधिक समय बाद बहाल की गई इंटरनेट सेवा
3 मई को मणिपुर में जातीय झड़पें भड़क उठी थीं, जिसके कारण अब 4 महीने से अधिक समय से राज्य में लगातार आगजनी और हिंसा हो रही है।
एहतियात के तौर पर राज्य सरकार ने हिंसा भड़कने पर इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया था।
अब 4 महीने से अधिक समय बाद इंटरनेट सेवा को बहाल किया गया है। आदेश में कहा गया है कि यह निर्णय इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध की समीक्षा के बाद लिया गया।
हिंसा
असम राइफल्स की नकली वर्दी का इस्तेमाल कर रहे बदमाश
इस बीच असम राइफल ने मणिपुर पुलिस को एक पत्र लिखा है, जिसमें नागरिक वाहनों को असम राइफल्स के वाहनों जैसा बनाने पर चिंता जताई है। असम राइफल ने इसके लिए घाटी-आधारित विद्रोही समूहों (VBIGs) को जिम्मेदार ठहराया है।
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह बात केंद्रीय खुफिया एजेंसियों द्वारा मणिपुर पुलिस को सूचित किए जाने के कुछ दिनों बाद आई है कि राज्य में हिंसा को अंजाम देने के नकली वर्दी का इस्तेमाल कर रहे थे।
न्यूजबाइट्स प्लस
न्यूजबाइट्स प्लस
मणिपुर में 3 मई को मैतई और कुकी समुदाय के बीच शुरू हुई जातीय हिंसा अब भी जारी है। इस दौरान कई इलाकों से बार-बार छिटपुट हिंसा की खबरें आ रही हैं।
मणिपुर हिंसा में 160 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, 6,000 से ज्यादा FIR दर्ज की गई हैं, हजारों लोग बेघर हो चुके हैं और 30 लोग महीनों से लापता हैं।
यहां हिंसक घटनाओं को रोकने के लिए अर्धसैनिक बलों की करीब 140 कंपनियां तैनात हैं।