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मणिपुर: थम नहीं रही हिंसा, उपद्रवियों ने केंद्रीय राज्य मंत्री का घर फूंका
इंफाल में उपद्रवियों ने केंद्रीय मंत्री आरके रंजन सिंह के घर में आग लगा दी

मणिपुर: थम नहीं रही हिंसा, उपद्रवियों ने केंद्रीय राज्य मंत्री का घर फूंका

लेखन आबिद खान
Jun 16, 2023
11:40 am

क्या है खबर?

मणिपुर में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। अब उपद्रवियों ने राजधानी इंफाल में केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री आरके रंजन सिंह के घर को आग के हवाले कर दिया। इस घटनाक्रम में किसी के भी हताहत होने की खबर नहीं है। ये दूसरी बार है जब प्रदर्शनकारियों ने किसी मंत्री के घर को निशाना बनाया है। इससे पहले 14 जून को प्रदर्शनकारियों ने मणिपुर की महिला मंत्री नेमचा किपजेन के घर पर आग लगा दी थी।

आग

वारदात के समय घर पर नहीं थे मंत्री 

मंत्री सिंह का घर मणिपुर के इंफाल पूर्व जिले के कोंगबा नंदीबम लेकाई इलाके में है। घटना के वक्त मंत्री घर पर नहीं थे और आधिकारिक काम से केरल गए हुए थे। उन्होंने कहा, "बदमाश पेट्रोल बम लेकर आए थे। घर के ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर को नुकसान पहुंचा है। मैं फिलहाल केरल में हूं। शुक्र है कि घटना में कोई घायल नहीं हुआ है। मैं लोगों से शांति की अपील करता हूं।"

बम

रात लगभग 11 बजे हुए घटना

बताया जा रहा है कि गुरुवार रात करीब 11 बजे उपद्रवी मंत्री के घर में जबरन घुस गए। घटना के समय गेट पर मौजूद गार्ड भी उपद्रवियों को रोक नहीं पाए। प्रदर्शनकारी अपने साथ पेट्रोल बम लेकर आए थे, जिससे उन्होंने घर को आग के हवाले कर दिया। इससे पहले 25 मई को भी भीड़ ने मंत्री पर हमला कर दिया था। तब सुरक्षाबलों ने आंसू गैस के गोले दागकर भीड़ को काबू किया था।

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घर

उपद्रवियों ने जलाए 2 अन्य घरों में भी लगाई आग

गुरुवार को इंफाल में उपद्रवियों ने 2 अन्य घरों में भी आग लगाई। दोपहर करीब 1 बजे उपद्रवियों ने पूर्वी इंफाल के न्यू चेकॉन क्षेत्र में स्थित इन घरों में आग लगाई। घटना में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन कुछ लोगों के घायल होने की खबर है। बाद में पुलिस ने उपद्रवियों पर आंसू गैस के गोले दाग कर स्थिति को काबू किया। इस इलाके में सख्त कर्फ्यू के बावजूद प्रदर्शनकारी लगातार हिंसक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।

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मौत

मंगलवार को हिंसा में हुई थी 9 लोगों की मौत

इससे पहले मंगलवार रात 10:30 बजे इंफाल के खमेनलोक इलाके के अगिजंग गांव में हिंसा भड़ उठी थी। इस दौरान बड़ी संख्या में सशस्त्र उपद्रवियों ने एक कुकी गांव पर हमला कर दिया था। इसमें 9 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 10 लोग घायल हुए थे। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस और उपद्रवदियों के बीच फायरिंग हुई थी। सुरक्षाबलों ने त्वरित कार्रवाई कर हिंसा पर काबू पा लिया था।

शांति समिति

गृह मंत्रालय ने किया है शांति समिति का गठन

गृह मंत्रालय ने मणिपुर में शांति बहाल करने के लिए शांति समिति का गठन किया है। इस समिति में कुल 51 सदस्य हैं, जिनमें विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधि शामिल हैं। हालांकि, कुकी समुदाय ने इस समिति के बहिष्कार का ऐलान किया है। समुदाय के प्रतिनिधियों ने कहा कि उन्हें शांति समिति में शामिल करने से पहले उनकी सहमति नहीं ली गई। कुकी समुदाय मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह और उनके समर्थकों को समिति में शामिल किए जाने से भी नाखुश है।

वजह

मणिपुर में क्यों हो रही है हिंसा?

मणिपुर हाई कोर्ट ने मणिपुर सरकार से गैर-आदिवासी मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा दिए जाने की याचिका पर विचार करने को कहा था। इसका कुकी आदिवासियों ने विरोध किया था और 3 मई को एक मार्च का आह्वान किया। इसके बाद से ही राज्य में दोनों समुदायों के बीच हिंसा जारी है, जिसमें अब तक 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 320 लोग घायल हुए हैं।

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