
हाथरस कांड: कोर्ट ने 4 में से 3 आरोपियों को किया बरी, एक दोषी करार
क्या है खबर?
उत्तर प्रदेश के हाथरस कांड में कोर्ट का फैसला आ गया है। कोर्ट ने 4 आरोपियों में से एक आरोपी को दोषी करार दिया है, जबकि तीन को बरी कर दिया है।
गुरुवार को इस फैसले के मद्देनजर पुलिस प्रशासन ने पहले से कोर्ट परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये हुए थे।
CBI ने इस मामले में चार आरोपियों के खिलाफ SC/ST एक्ट सहित अन्य धाराओं में चार्जशीट दाखिल की थी।
कोर्ट
कोर्ट ने चारों आरोपियों में किसे माना दोषी?
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने हाथरस कांड में चार आरोपियों, संदीप, रामू, लवकुश और रवि, को खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। कोर्ट ने संदीप को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 304 और SC/ST एक्ट के तहत मुख्य दोषी माना है और बाकी तीनों आरोपियों को बरी कर दिया।
हालांकि, पीड़ित पक्ष कोर्ट के इस फैसले से असंतुष्ट नजर आया और वह फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट का रुख कर सकता है।
बयान
पीड़िता ने चारों आरोपियों पर लगाया था गैंगरेप का आरोप
दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में इलाज के दौरान पुलिस को दिए गए बयान में पीड़िता ने चारों आरोपियों पर गैंगरेप का आरोप लगाया था। इसके बाद ही पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
CBI ने इस मामले में पीड़िता के बयान के आधार पर ही आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 325, SC/ST एक्ट और 376D (गैंगरेप) और 302 की धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए अपनी चार्जशीट दाखिल की थी।
मामला
क्या था मामला?
14 सितंबर, 2020 को हाथरस स्थित एक गांव की 19 वर्षीय दलित युवती से गांव के ही चार उच्च जाति के युवकों ने कथित तौर पर गैंगरेप किया था। हमले में पीड़िता की रीढ़ की हड्डी टूट गई और जीभ भी कट गई थी।
दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में पीड़िता ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। आनन-फानन में पुलिस ने परिजनों को घर में बंद करके आधी रात को उसका अंतिम संस्कार कर दिया था।
जांच
CBI ने आरोपियों का करवाया था फॉरेंसिक टेस्ट
देशभर में हाथरस कांड को लेकर प्रदर्शन के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने इसकी CBI जांच के आदेश दिए थे। जांच अपने हाथ में लेने के बाद CBI ने न्यायिक हिरासत में बंद चारों आरोपियों की भूमिका की जांच की थी।
आरोपियों के गांधीनगर स्थित फॉरेंसिक साइंस लैब में कई फॉरेंसिक टेस्ट भी हुए थे। CBI के अधिकारियों ने जांच के दौरान उन डॉक्टरों से भी मुलाकात की थी, जिन्होंने गैंगरेप के बाद पीड़िता का इलाज किया था।
गैंगरेप
उत्तर प्रदेश पुलिस ने किया था गैंगरेप से इनकार
परिवार की इच्छा के खिलाफ जाकर पीड़िता के अंतिम संस्कार और मामले की जांच में ढिलाई के आरोपों से घिरी उत्तर प्रदेश पुलिस ने गैंगरेप की घटना से इनकार किया था।
पुलिस ने कहा था कि मृतका की फॉरेंसिक रिपोर्ट से पता चला है कि उसके साथ रेप नहीं हुआ था।
राज्य के ADG (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा था कि जो सैंपल एकत्रित किए गए थे, उनमें किसी तरह का स्पर्म और शुक्राणु नहीं पाए गए थे।