
पुलवामा हमला: NIA ने बाप-बेटी को किया गिरफ्तार, आतंकियों को शरण देने का है आरोप
क्या है खबर?
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पिछले साल हुए पुलवामा हमले के संबंध में एक शख्स और उसकी बेटी को गिरफ्तार किया गया है।
NIA ने कहा कि इन दोनों ने CRPF काफिले पर हमले से पहले आतंकी आदिल डार, शारीक मागरे और जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर को शरण दी थी। इसके साथ ही इस सिलसिले में गिरफ्तार लोगों की संख्या तीन हो गई है।
गौरतलब है कि 14 फरवरी, 2019 को हुए हमले में CRPF के 40 जवान मारे गए थे।
आरोप
घटनास्थल की तरफ विस्फोटकों से भरी कार लेकर गया था मागरे
काकापोरा के रहने वाले मागरे पर आतंकियों को शरण देने और हमले को अंजाम देने में आतंकियों की मदद करने का आरोप है।
NIA के एक अधिकारी ने बताया कि 14 फरवरी को हमले वाले दिन मागरे खुद कार चलाते हुए घटनास्थल की तरफ लेकर गया था। वह हमले के स्थान से महज 500 मीटर दूर उतर गया था।
इसके बाद डार विस्फोटकों से भरी कार को CRPF काफिले की तरफ ले गया और बस से टकरा दी।
जांच
हमले में इस्तेमाल हुए ये विस्फोटक
अधिकारी ने बताया कि हमले में इस्तेमाल किए गए विस्फोटकों के बनाने के लिए जिन ग्लव्ज, बैटरी और अमोनियम पाउडर का प्रयोग हुआ था, वो आतंकियों ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अमेजन से ऑर्डर किए थे।
एजेंसी ने शुक्रवार को बताया कि फॉरेंसिक जांच में पता चला कि विस्फोटक में अमोनियम नाइट्रेट, नाइट्रो-ग्लाइसरिन और RDX इस्तेमाल किया गया था। इन्हें सीमापार से अवैध तरीके से कश्मीर में लाया गया था।
गिरफ्तारी
15 दिनों की रिमांड पर है मागरे
NIA ने मागरे के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उसने आत्मघाती हमलावर आदिल अहमद डार को शरण दी और दूसरी सहायता मुहैया कराई थी।
2018 के मध्य में एक पाकिस्तानी आतंकवादी ने उसे डार से मिलाया था। कई मौको पर उसने पुलवामा हमले में शामिल आतंकियों को हथियार, विस्फोटक, पैसे और दूसरा सामान मुहैया कराया था।
बीते शुक्रवार को उसे पूछताछ के लिए 15 दिन की रिमांड में भेजा गया था।
आतंकवाद
हमले में शामिल आतंकियों का हुआ था ये हाल
पुलवामा हमले को अंजाम देने वाले बड़े आतंकियों में मुद्दासिर अहम खान (जैश का डिवीजनल कमांडर, जिसे पिछले साल 11 मार्च को मार गिराया गया), पाकिस्तानी आंतकी मुहम्मद उमर फारूक और IED एक्सपर्ट कामरान(दोनों को 29 मार्च, 2019 को ढेर किया गया) और हमले को अंजाम देने में प्रयोग की गई मारुति ईको का मालिक सज्जाद अहमद भट (16 जून को मारा गया) और जैश का कश्मीर कमांडर कारी यासिर (इस साल 25 जनवरी को मारा गया) शामिल थे।