
पंजाब में किसानों का रेल रोको आंदोलन; क्या हैं मांगें और किन ट्रेनों पर होगा असर?
क्या है खबर?
पंजाब में आज से किसानों का रेल रोको आंदोलन शुरू हो गया है। इसके तहत अगले 3 दिन तक अलग-अलग स्थानों पर रेल रोकी जाएगी।
किसानों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी और कर्ज माफी समेत कई मांगों को लेकर ये आंदोलन शुरू किया है।
दरअसल, इस साल भारी बारिश और बाढ़ की वजह से पंजाब के किसानों को नुकसान हुआ है। अब किसान संगठनों ने अपनी मांगों को मनवाने के लिए ये आंदोलन शुरू किया है।
मांग
क्या है किसानों की मांगें?
किसान संगठनों ने सरकार से कई मांगे की हैं। इनमें बाढ़ प्रभावित राज्य के लिए 50,000 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज, घग्गर नदी मुद्दे का स्थायी समाधान, फसल नुकसान के लिए 50,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा, मवेशी की मौत पर 1 लाख रुपये का मुआवजा शामिल है।
इसके अलावा स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने, किसान आंदोलन में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को मुआवजा, MSP के लिए तुरंत कानून बनाने जैसी मांगे भी शामिल हैं।
संगठन
आंदोलन में कौन-कौन से किसान संगठन शामिल?
किसान मजदूर संघर्ष समिति के सरवन सिंह पंधेर के मुताबिक, 19 संगठन आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। इनमें भारतीय किसान यूनियन (क्रांतिकारी), भारतीय किसान यूनियन (एकता आजाद), आजाद किसान समिति दोआबा, भारतीय किसान यूनियन (बेहरामके), भारतीय किसान यूनियन (शहीद भगत सिंह) और भारतीय किसान यूनियन (छोटू राम) शामिल हैं।
इसके अलावा हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के भी कई किसान संगठनों ने भी आंदोलन को समर्थन दिया है।
असर
कहां-कहां दिख सकता है आंदोलन का असर?
किसानों ने 12 जगहों पर आंदोलन करने का फैसला लिया है। इसमें जालंधर, होशियारपुर, अमृतसर, मोगा, सुनाम, तरनतारन, संगरूर, पटियाला, फिरोजपुर, बठिंडा, गुरदासपुर जैसे शहरों की जगहें शामिल हैं।
पंधेर ने बताया कि किसान 3 दिन की पूरी तैयारी के साथ आए हैं। खाने-पीने का सामान और ट्रालियों में सोने के लिए गद्दे भी साथ लेकर आए हैं।
किसानों का कहना है कि वे आंदोलन के दौरान पटरियों पर बैठेंगे और किसी भी रेल को नहीं निकलने देंगे।
रेल
कहां बाधित हो सकती हैं रेल सेवाएं?
आंदोलन की वजह से पंजाब और हरियाणा से होकर गुजरने वाली ट्रेनों पर असर पड़ सकता है। सुरक्षा के मद्देनजर रेलवे ने पहले ही कुछ ट्रेनों को रद्द कर दिया है और कुछ को परिवर्तित मार्ग से चलाया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि आंदोलन के स्तर को देखते हुए रेलवे कुछ और ट्रेनों को भी रद्द कर सकता है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को भी अलर्ट पर रखा गया है।
प्लस
न्यूजबाइट्स प्लस
पंजाब में इस साल भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन गए थे।
जुलाई महीने में हुई तेज बारिश से राज्य के करीब 200 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए थे। इस वजह से करीब 2.40 लाख हेक्टेयर फसल डूब गई थी और 23,000 लोगों को घर खाली कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा था।
ऊफान की वजह से घग्गर नदी में कई जगहों पर दरार आ गई थी।