
इस IAS अधिकारी ने खुद पर लगाया पांच हजार रुपये का जुर्माना, जानें क्यों
क्या है खबर?
जैसा कि आप सभी लोगों को पता होगा कि प्लास्टिक के इस्तेमाल से पर्यावरण को नुकसान होता है, इसलिए कई जगहों पर प्लास्टिक को बैन कर दिया गया है।
आज के समय में जहाँ ज़्यादातर अधिकारी लोगों का शोषण करते हैं, वहीं एक अधिकारी ने अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए ज़िम्मेदारी की मिशाल पेश की है।
दरअसल, हाल ही में एक कलेक्टर ने ऑफ़िस में प्लास्टिक का इस्तेमाल करने पर खुद पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया है।
मामला
पत्रकारों को चाय देने के लिए किया गया था प्लास्टिक कप का इस्तेमाल
ख़बरों के अनुसार, सोमवार को महाराष्ट्र के बीड जिले के कलेक्टर आस्तिक कुमार पांडे ने ऑफ़िस में प्लास्टिक के कप का इस्तेमाल करने पर अपने कर्मचारियों समेत ख़ुद पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया है।
बताया जा रहा है कि कलेक्टर के ऑफ़िस में पत्रकारों को चाय देने के लिए प्लास्टिक के कप का इस्तेमाल किया गया था।
जानकारी
प्रेस कॉन्फ़्रेन्स के दौरान हुई थी घटना
जानकारी के अनुसार, कलेक्टर की प्रेस कॉन्फ़्रेन्स चल रही थी, जिस दौरान पत्रकारों को प्लास्टिक के कप में चाय-पानी दिया गया। एक पत्रकार ने कलेक्टर का ध्यान प्लास्टिक बैन की तरफ़ दिलाया। फिर तुरंत ही वहाँ से प्लास्टिक के कप को हटा लिया गया।
बैन
चुनाव आयोग ने भी लगाया है प्लास्टिक पर बैन
इस घटना के बाद कलेक्टर ने ख़ुद पर और कर्मचारियों पर अर्थदंड लगाते हुए माना कि अधिकारी औरंगाबाद में प्लास्टिक बैन को पूरी तरह से लागू करने में नाकाम हुए हैं।
बता दें कि महाराष्ट्र में सिंगल यूज प्लास्टिक उत्पादों पर पूर्ण प्रतिबंध है। केवल यही नहीं लोगों में जागरूकता लाने के लिए चुनाव आयोग ने भी इसे बैन किया है।
विधानसभा के लिए होने वाले चुनाव प्रचार के दौरान कोई भी उम्मीदवार सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं करेगा।
जुर्माना
कलेक्टर ऑफ़िस में दूसरी बार लगाया गया है जुर्माना
आपको जानकर हैरानी होगी कि पिछले आठ दिनों के दौरान कलेक्टर ऑफ़िस में प्लास्टिक बैन के उलंघन से संबंधित यह दूसरी घटना है, जिस पर जुर्माना लगाया गया है।
इससे पहले चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाख़िल करने आए एक उम्मीदवार द्वारा पॉलीथिन में रुपये लाने पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया था।
कलेक्टर द्वारा ख़ुद पर लगाए गए जुर्माने की वजह से हो सकता है कि लोग भी समझें और प्लास्टिक का इस्तेमाल बंद कर दें।
जानकारी
क्या है सिंगल यूज प्लास्टिक?
प्लास्टिक से बनी ऐसी चीज़ें, जिनका हम केवल एक ही बार इस्तेमाल कर सकते हैं या इस्तेमाल करके फेंक देते हैं, उसे सिंगल यूज प्लास्टिक कहा जाता है। यह पर्यावरण के लिए काफ़ी नुक़सानदायक होते हैं।
जागरूकता
केंद्र सरकार बढ़ाना चाहती है जागरूकता
बता दें कि केंद्र सरकार ऐसे प्लास्टिक उत्पादों का इस्तेमाल कम करने के लिए जागरूकता लाना चाहती है, जो सिंगल यूज प्लास्टिक की श्रेणी में आते हैं।
02 अक्टूबर को गांधी जयंती के मौके पर प्लास्टिक बैन की घोषणा होने वाली थी, लेकिन सरकार अभी केवल लोगों में जागरूकता बढ़ाना चाहती है।
जानकारों का भी कहना है कि देश में कुल प्लास्टिक की खपत का केवल 5% ही सिंगल यूज प्लास्टिक है।