
CDS रावत बोले- पाकिस्तान और चीन से समन्वित कार्रवाई का खतरा, लेकिन भारत पूरी तरह तैयार
क्या है खबर?
गुरुवार को सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने पूर्वी लद्दाख के अग्रिम इलाकों में जाकर तैयारियों का जायजा लिया।
दूसरी तरफ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन रावत ने चीन और पाकिस्तान, दोनों मोर्चों से खतरों को लेकर चेताया है।
हालांकि, जनरल रावत ने यह भी कहा कि भारतीय सेना किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
गुरुवार शाम अमेरिका-भारत स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) कनक्लेव में बोलते हुए रावत ने ये बातें कहीं।
बयान
पाकिस्तान और चीन से बना हुआ है समन्वित कार्रवाई का खतरा- रावत
जनरल रावत ने कहा कि चीन और पाकिस्तान सैन्य, आर्थिक और कूटनीतिक स्तर पर साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, "चीन पाकिस्तान की उसके कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में आर्थिक सहयोग के साथ सैन्य, आर्थिक और कूटनीतिक मदद भी कर रहा है, जिसके लिए हमें अपनी तैयारियों को पुख्ता रखना होगा।"
उन्होंने आगे कहा कि इन दोनों से उत्तरी और पश्चिमी मोर्चे से समन्वित कार्रवाई का खतरा बना हुआ है, जिसका भारत को रक्षा योजना में ध्यान रखना होगा।
चेतावनी
नापाक साजिश की तो पाकिस्तान को उठाना पड़ेगा नुकसान- रावत
उन्होंने आगे कहा कि सैन्य बलों ने दो मोर्चों से खतरों के लिए योजना बनाई है।
जनरल रावत ने कहा कि पाकिस्तान स्थिति का फायदा उठाते हुए उत्तरी सीमा पर कुछ परेशानी खड़ी कर सकता है। इसलिए भारत ने पर्याप्त तैयारी की है ताकि उसके मंसूबे नाकाम किए जा सके और उसे मकसद में कामयाबी न मिले।
उन्होंने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि वह अगर कोई नापाक साजिश करता है तो उसे नुकसान उठाना पड़ सकता है।
प्रतिक्रिया
रावत बोले- चीन ने हालिया दिनों में की आक्रामक कार्रवाई
देश के पहले CDS ने कहा कि भारत चीन के साथ द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास भी करता है, लेकिन वो इनके भविष्य को लेकर आश्वस्त नहीं है।
उन्होंने कहा कि भारत और चीन 1993 से नियमों का पालन करते आ रहे हैं, लेकिन हालिया दिनों में चीन की तरफ से आक्रामक कार्रवाई की गई है।
रावत ने कहा कि भारत की थलसेना, वायुसेना और नौसेना किसी भी मोर्चे पर हालातों का सामना करने के लिए पूरी तरह सक्षम है।
तैयारियों का जायजा
सेना प्रमुख नरवणे ने किया अग्रिम चौकी का दौरा
इसी बीच जनरल नरवणे ने पूर्वी लद्दाख में सेना की तैयारियों का जायजा लिया था।
सूत्रों के मुकाबले उन्होंने चुसुल सेक्टर में एक अग्रिम चौकी का भी दौरा किया।
इसी सेक्टर में भारतीय सेना ने पिछले सप्ताह पेंगोंग त्सो के दक्षिणी किनारे और रेजांग ला के पास रेचिन ला पर खाली पड़ी चोटी को अपने कब्जे में लिया था।
अब भारतीय सेना ऊपरी इलाकों में तैनात है और वो आसानी से चीनी सेना की गतिविधियों पर नजर रख सकती है।
पश्चिम बंगाल
वायुसेना प्रमुख ने किया पूर्वी कमांड का दौरा
इससे एक दिन पहले वायुसेना प्रमुख एयरचीफ मार्शल आरकेेएस भदौरिया ने पश्चिम बंगाल के हशिमरा और कलाईकुंडा बेस का दौरा किया था।
वायुसेना ने बयान जारी कर कहा कि इस दौरान पूर्वी एयर कमांड के अधिकारियों ने उन्हें तैयारियों से अवगत कराया।
शिलॉन्ग में मुख्यालय वाली पूर्वी एयर कमांड पूर्व में चीनी सीमा पर सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है। चीन के साथ विवाद के बीच भदौरिया के इस दौरे को काफी अहम माना जा रहा है।