
देश के न्यायालयों में पिछले 10 सालों से लंबित है 37 लाख मामले, नहीं हुई सुनवाई
क्या है खबर?
किसी भी अपराध या विवाद में न्याय पाने के लिए हर इंसान न्यायालय का रुख करता है, लेकिन आपको जानकार हैरानी होगी कि देश के न्यायालयों में पिछले 10 सालों से विभिन्न मामलों के 37 लाख केस लंबित पड़े हैं। इन मामलों में आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।
राष्ट्रीय स्तर पर अदालतों द्वारा किए जा रहे कार्यों की निगरानी करने वाले राष्ट्रीय न्यायिक डाटा ग्रिड (NJDG) ने अपनी रिपोर्ट में यह खुलासा किया है।
स्थिति
जिला और तालुका अदालतों में लंबित हैं सबसे अधिक मामले
NJDG के अनुसार भारत में हाईकोर्ट, जिला न्यायालय और तालुका अदालतों के कुल 3.77 करोड़ मामलों में से करीब 37 लाख मामले पिछले 10 सालों से लंबित पड़े हुए हैं।
इसमें 28 लाख मामले जिला और तालुका अदालत में हैं। वहीं 9.20 लाख मामले हाईकोर्ट में लंबित हैं।
दूसरी तरफ, इस डाटा से यह भी पता चला है कि 6.60 लाख से ज्यादा मामले पिछले 20 सालों से लंबित हैं। इसी तरह 1.31 लाख ममले 30 सालों से लंबित है।
नाराजगी
सुप्रीम कोर्ट ने लंबित मामलों पर जताई नाराजगी
सुप्रीम कोर्ट गत 15 जून को जब हत्या की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी तो सामने आया कि उसकी एक याचिका इलाहबाद हाईकोर्ट में लंबित पड़ी है।
इस पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए त्वरित सुनवाई के अधिकार पर ध्यान दिया और माना कि इस तरह से आपराधिक अपीलों का त्वरित निपटान होगा।
कोर्ट ने कहा कि यदि इस तरह की अपीलों में समय पर सुनवाई नहीं की जाती हैं, तो अपील का अधिकार भ्रामक हो जाएगा।
जानकारी
सुप्रीम कोर्ट ने मांगी विस्तृत कार्ययोजना
सभी तरह के मामलों में त्वरित सुनवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पटना, ओडिशा, राजस्थान, बॉम्बे हाईकोर्ट से लंबित आपराधिक अपीलों को तय करने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने को भी कहा है।
रिपोर्ट
जिला एवं तालुका अदालतों में 30 साल से लंबित हैं 85,000 से अधिक मामले
अदालतों के लंबित मामलों के समेकित आंकड़े तैयार करने वाली NJDG के अनुसार पूरे भारत में कुल 3.29 करोड़ मामलों में से 8.5 प्रतिशत यानी 28 लाख मामले 10 साल से जिला या तालुका अदालतों में लंबित हैं।
इनमें से पांच लाख से अधिक मामले में दो दशक यानी 20 सालों से लंबित चल रहे हैं। इसी तरह इन अदलातों में 85,141 मामलों में तीन दशक यानी पिछले 30 सालों से कोई फैसला नहीं लिया गया है।
बेहतर
उच्च न्यायालयों से बेहतर स्थिति में हैं जिला न्यायालय
NJDG के अनुसार लंबित मामलों के मामले में जिला अदालतें उच्च न्यायालयों से बेहतर हैं। देश भर में 25 उच्च न्यायालयों के समक्ष 47 लाख से अधिक मामले लंबित हैं।
इनमें से 19.26 प्रतिशत यानी 9.20 लाख से अधिक मामले 10 से अधिक वर्षों से लंबित हैं और 3.3 प्रतिशत यानी 1.58 लाख मामले 20 सालों से और 46,754 मामले तीन दशक यानी 30 सालों से अधिक समय से लंबित चल रहे हैं।
उत्तर प्रदेश
40 प्रतिशत मामले अकेले उत्तर प्रदेश में हैं लंबित
NJDG के अनुसार जिला न्यायालय और तालुका अदालतों में पिछले 10 सालों से लंबित 28 लाख मामलों में से 40 प्रतिशत मामले अकेले उत्तर प्रदेश में लंबित हैं।
इसी तरह 20 सालों से लंबित चल रहे कुल पांच लाख मामलों में से 43 प्रतिशत मामले भी उत्तर प्रदेश की अदालतों में ही लंबित हैं।
इसी तरह तीस सालों से लंबित चल रहे कुल 85,141 मामलों में से 40 प्रतिशत यानी 34,000 से अधिक मामले भी उत्तर प्रदेश में ही हैं।
जानकारी
इलाहबाद उच्च न्यायालय की हालत है सबसे खराब
NJDG के अनुसार पिछले 10 सालों से उच्च न्यायालयों में लंबित 9.20 लाख मामलों में से 2.76 लाख मामले इलाहबाद उच्च न्यायालय में लंबित हैं। इसी तरह 20 साल वाले मामलों में से 55 प्रतिशत और 30 साल वालों में से 86 प्रतिशत लंबित है।