
सिद्धार्थ मल्होत्रा की फिल्म 'शेरशाह' थिएटर के बजाय सीधे OTT पर रिलीज होगी- रिपोर्ट
क्या है खबर?
देश कोरोना वायरस की दूसरी लहर का सामना कर रहा है। कोरोना की इस महामारी के कारण कई फिल्मों की रिलीज का कार्यक्रम प्रभावित हुआ है।
मौजूदा हालात को देखते हुए मेकर्स अब फिल्मों की थिएट्रिकल रिलीज के बजाय डिजिटल रिलीज को प्राथमिकता दे रहे हैं।
अब जानकारी सामने आ रही है कि सिद्धार्थ मल्होत्रा की वॉर ड्रामा फिल्म 'शेरशाह' थिएटर के बजाय सीधे OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज होगी। कोरोना महामारी के कारण मेकर्स ने यह फैसला लिया है।
जानकारी
कैप्टन विक्रम बत्रा के शौर्य पर आधारित होगी फिल्म
न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, सिद्धार्थ की फिल्म 'शेरशाह' को अब सिनेमाघरों के बजाय सीधे OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया जा सकता है।
इस साल फरवरी में मेकर्स ने घोषणा की थी कि यह फिल्म 2 जुलाई, 2021 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। यह फिल्म कारगिल युद्ध में शहीद हुए परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा के शौर्य पर आधारित होगी।
इस फिल्म में कैप्टन विक्रम की भूमिका को अभिनेता सिद्धार्थ ने अदा किया है।
सूचना
अमेजन प्राइम से चल रही है बातचीत
एक सूत्र ने बताया, "निर्माताओं ने मौजूदा स्थिति को देखते हुए फिल्म की थिएट्रिकल रिलीज को स्थगित करने का फैसला किया है। समय बीतने के साथ स्थितियां अप्रत्याशित होती जा रही हैं। मेकर्स और अमेजन प्राइम वीडियो के बीच एक सौदा कमोबेश पूरा हो गया है। फिल्म की टीम पेपर्क वर्क पूरा होते ही इस संबंध में आधिकारिक घोषणा कर सकती है।"
सूत्र ने आगे बताया कि मेकर्स फिल्म को अगले महीने रिलीज करने पर विचार कर रहे हैं।
जानकारी
डबल रोल में दिखेंगे सिद्धार्थ
फिल्म का निर्देशन विष्णुवर्धन द्वारा किया गया है। 'शेरशाह' में सिद्धार्थ को विक्रम और उनके जुड़वां भाई विशाल बत्रा के रूप में दोहरी भूमिका निभाते हुए देखा जाएगा।
इस फिल्म में कियारा आडवाणी, जावेद जाफरी और शिव पंडित भी प्रमुख भूमिका में हैं। पिछले साल कोरोना वायरस की महामारी के कारण इस फिल्म को रिलीज नहीं किया गया था।
इस फिल्म का निर्माण करण जौहर की धर्मा प्रोडक्शंस द्वारा किया गया है।
परिचय
जानिए कौन थे कैप्टन विक्रम
फिल्म की कहानी कारगिल युद्ध के हीरो कैप्टन विक्रम के जीवन के इर्दगिर्द होगी। विक्रम का जन्म 9 सितंबर, 1974 को हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में हुआ था।
उन्होंने सैन्य जीवन की शुरुआत 6 दिसंबर, 1997 को भारतीय सेना की '13 जम्मू-कश्मीर राइफल्स' से की थी। उन्होंने कारगिल के युद्ध में देश के लिए अपना जान न्योछावर किया था।
विक्रम को उनके अदम्य साहस के लिए 15 अगस्त, 1999 को वीरता का सर्वोच्च सम्मान परमवीर चक्र से नवाजा गया था।