
उत्तर प्रदेश: लालटेन में पढ़ाई करके अमेरिकी यूनिवर्सिटी पहुंचीं अंशिका, मां करती हैं सिलाई का काम
क्या है खबर?
मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती, यह कहावत उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के पकरी गोडम गांव की रहने वाली अंशिका पटेल पर बिल्कुल ठीक बैठती है।
उन्होंने आर्थिक तंगी के बावजूद अपनी मेहनत और लगन से अमेरिका की एक यूनिवर्सिटी तक पहुंचने का सपना पूरा कर लिया।
अंशिका का वाशिंगटन एंड ली यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र और गणित से ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए चयन हुआ है।
खुशखबरी
अंशिका के अमेरिकी यूनिवर्सिटी में चयन के बाद परिवार में खुशी की लहर
अंशिका के चयन के बाद उनके माता-पिता काफी खुश हैं।
गरीब घर की बेटी अपने हौसले से आसमान छूने निकली है, यह खबर इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
अंशिका की मां एक दर्जी हैं और पिता एक जनरल स्टोर चलाते हैं। इतनी आमदनी में पांच बच्चों की शिक्षा और पालन-पोषण के साथ-साथ घर खर्च चलाना मुश्किल है।
लेकिन अंशिका की स्कॉलरशिप ने उसके बाहर पढ़ने के सपने को पूरा कर दिया है।
पढ़ाई
अंशिका ने आवासीय स्कूल से की पढ़ाई, कक्षा 12 में हासिल किए 98.5 प्रतिशत अंक
कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि वाले परिवार में जन्मीं अंशिका की प्राथमिक शिक्षा मोहल्ले के प्राइमरी स्कूल में हुई। तब वह लालटेन में पढ़ाई करती थीं।
इसके बाद उनके पिता ने उनका एडमिशन बुलंदशहर स्थित एक आवासीय स्कूल में कराया। इसी स्कूल से 2014 में अंशिका ने कक्षा 12 में 98.5 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे।
12वीं के बाद वह अमेरिका स्थित वाशिंगटन एंड ली यूनिवर्सिटी की प्रवेश परीक्षा में शामिल हुईं और यहां से उन्हें पूरी 100 प्रतिशत स्कॉलरशिप मिली।
सपना
अंशिका ने पढ़ाई के बल पर घर की आर्थिक तंगी दूर करने का ठाना था सपना
न्यूज 18 से बात करते हुए अंशिका ने बताया कि माता-पिता को काम करता देख उनका कलेजा भर आता था।
अंशिका ने कहा, "मैंने बचपन में ही ठान लिया था कि पढ़ाई के बल पर घर की आर्थिक स्थिति को सुधार कर रहूंगी।"
अपने दृढ़ निश्चय पर आगे बढ़ते हुए अंशिका अब आर्थिक तंगी का मात देकर और मेहनत के बल पर अमेरिका की यूनिवर्सिटी में सुनहरे भविष्य के निर्माण के लिए पढ़ाई करेंगी।
प्रेरणा
अपनी मां को प्रेरणा मानती है अंशिका
अंशिका अपनी सबसे बड़ी प्रेरणा अपनी मां को मानती हैं, जो सिलाई का काम करती हैं और स्थानीय महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए उन्हें सिलाई सिखाती भी हैं।
उन्होंने इंटरव्यू में कहा, "अगर मेरी मां अर्थशास्त्र पढ़े बिना समाज में परिवर्तन ला सकती हैं तो मैं इस विषय पर गहन अध्ययन करके बहुत कुछ कर सकती हूं। मैं सामाजिक विकास के क्षेत्र में काम करना चाहती हूं।"
डाटा साइंटिस्ट
डाटा साइंटिस्ट बनना चाहती हैं अंशिका
भविष्य की अपनी योजनाओं के बारे में बात करते हुए अंशिका ने कहा कि वाशिंगटन और ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद वह एक डाटा साइंटिस्ट बनना चाहती हैं।
उन्होंने कहा, "इसके अलावा मैं आगे भी पढ़ाई जारी रखने का फैसला भी कर सकती हूं।"
उन्होंने कहा, "मेरा मुख्य उद्देश्य NGO या सामाजिक सेवा संगठनों के साथ काम करके सामुदायिक कल्याण के लिए काम करना है, जहां मैं अपनी सारी सीख का उपयोग कर सकूं।"