
फुलब्राइट फेलोशिप के लिए करें आवेदन, अमेरिका में पढ़ाई से लेकर रहने तक का मिलेगा खर्च
क्या है खबर?
विदेश में पढ़ाई के लिए अमेरिका शीर्ष स्थानों में से एक माना जाता है।
हजारों भारतीय छात्र अमेरिका के शीर्ष विश्वविद्यालयों में पढ़ाई का सपना देखते हैं, लेकिन आर्थिक परेशानी के चलते उनका सपना पूरा नहीं हो पाता।
ऐसे छात्रों के लिए यूनाइटेड स्टेट्स इंडिया एजुकेशनल फाउंडेशन (USIEF) फुलब्राइट नेहरू और अन्य फेलोशिप प्रदान करता है।
शैक्षणिक वर्ष 2025-26 की फेलोशिप के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो गई है। उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
पात्रता
आवेदन के लिए जरूरी योग्यता
कला और संस्कृति प्रबंधन, अंतरराष्ट्रीय कानूनी अध्ययन, उच्च शिक्षा प्रशासन, पर्यावरण विज्ञान, अर्थशास्त्र या लोक प्रशासन में डिग्री करने वाले छात्रों को फेलोशिप का लाभ मिलता है।
आवेदन के लिए कम से कम 55 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक डिग्री होना अनिवार्य है। इसके अलावा जिस क्षेत्र में पढ़ाई करनी है, उसमें 3 साल का कार्यानुभव भी होना चाहिए।
आवेदक के पास किसी अमेरिकी विश्वविद्यालय से कोई अन्य डिग्री नहीं होनी चाहिए।
चयन
ऐसे होता है चयन
इस फेलोशिप के लिए उम्मीदवारों का चयन आवेदन समीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर होता है।
इसमें पास होने पर आवेदकों को TOEFL और GRE जैसे टेस्ट देने होते हैं।
उम्मीदवारों का चयन शैक्षणिक और पेशेवर क्षमता, संचार कौशल, अमेरिका में शोध करने की जरूरत, प्रेरणा, उद्देश्य की गंभीरता, संभावित परिणाम, राष्ट्रीय सेवा के प्रति प्रतिबद्धता और सांस्कृतिक राजदूत के रूप में योगदान करने की क्षमता जैसे मानदंडों के मूल्यांकन के बाद किया जाता है।
लाभ
फेलोशिप में मिलता है लाभ
इस फेलोशिप को अमेरिकी विदेश विभाग और विदेश मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित किया जाता है।
इस फेलोशिप में J1 वीजा, इकोनोमी क्लास हवाई यात्रा, ट्यूशन फीस, रहने और आवास की लागत, दुर्घटना और बीमारी का कवरेज शामिल है।
ये फेलोशिप 1 से 2 साल के लिए दी जाती है। हर साल इसके जरिए कई भारतीय छात्रों का चयन किया जाता है।
इसकी मदद से उम्मीदवारों को विभिन्न क्षेत्रों में अनुसंधान के मौके मिलते हैं।
आवेदन
ऐसे करें आवेदन
आवेदन के लिए सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। वहां होम पेज पर दिए गए फुलब्राइट फेलोशिप विकल्प पर क्लिक करें।
इसके बाद हाल आवेदन पत्र भरें, इसमें अपनी शैक्षिक और व्यक्तिगत जानकारियां दर्ज करें।
उम्मीदवारों को अपने पसंद के अमेरिकी विश्वविद्यालयों को वरीयता के क्रम में चुनना होगा। इसके अनुसार ही उम्मीदवारों को सीट का आवंटन होता है।
चयन समितियां उन प्रतिभाशाली व्यक्तियों की पहचान करती हैं, जिनकी परियोजनाएं भारत और अमेरिका के लिए प्रासंगिक हैं।