
किन कारणों से फटती है इलेक्ट्रिक स्कूटर की बैटरी? बचाव के ये हैं तरीके
क्या है खबर?
देश में इलेक्ट्रिक स्कूटर की लोकप्रियता बढ़ने के साथ-साथ इनसे जुड़ी समस्याएं भी सामने आ रही हैं। इलेक्ट्रिक स्कूटर्स से जुड़ी सबसे बड़ी समस्या इनकी बैटरी का फटना और आग लगना है।
यह बैटरी की देखभाल, चार्जिंग प्रक्रिया और बैटरी की गुणवत्ता आदि पर निर्भर करती है। अगर बैटरी सही तरीके से इस्तेमाल नहीं की जाती है, तो इसके फटने की संभावना बढ़ जाती है।
आइए जानते हैं बैटरी फटने के कारण और इससे बचने के क्या उपाय हैं।
कारण
ओवरचार्जिंग से फट जाती है बैटरी
ओवरचार्जिंग: ओवरचार्जिंग इलेक्ट्रिक स्कूटर की बैटरी के फटने का सबसे आम कारण है। बार-बार अत्यधिक चार्ज होने से बैटरी गर्म होकर फट सकती है।
अत्यधिक गर्मी: स्कूटर को अत्यधिक गर्मी या सीधे धूप में पार्क करने से बैटरी गर्म हो जाएगी और इसके अंदर रासायनिक असंतुलन पैदा होकर फटने की संभावना बढ़ जाती है।
घटिया बैटरी: इलेक्ट्रिक वाहन में घटिया बैटरी लगाई गई तो यह कभी भी धोखा दे सकती है और एक बड़ी दुर्घटना का कारण बन जाएगी।
डिस्चार्ज
पूरी तरह डिस्चार्ज करना रहता है खराब
पूरी तरह डिस्चार्ज: स्कूटर की बैटरी को बार-बार पूरी तरह से डिस्चार्ज होती है तो यह बैटरी के लिए सही नहीं है। अत्यधिक डिस्चार्ज होने से बैटरी के सेल्स डैमेज होकर फटने का कारण बन सकते हैं।
फिजिकल डैमेज: बैटरी में किसी कारण से फिजिकली डैमेज हुआ है तो किसी दुर्घटना में झटका लगने से शॉर्ट सर्किट होकर बैटरी फट सकती है।
गलत चार्जर: चार्जिंग के लिए गलत चार्जर का इस्तेमाल भी बैटरी फटने की संभावना को बढ़ा देता है।
बचाव
इन तरीकों से कर सकते हैं बचाव
इस समस्या से बचने के लिए स्कूटर की बैटरी 90 फीसदी तक ही चार्ज करें और 20 फीसदी चार्जिंग रह जाने पर फिर से चार्ज पर लगा दें।
साथ ही स्कूटर चलाकर लाने के तुरंत बाद चार्जिंग करने से बचें और छायांदार स्थान पर पार्क करने के साथ ठंड़े स्थान पर ही चार्ज पर लगाएं।
इसके अलावा बैटरी में फिजिकल डैमेज होने पर इसे तुरंत बदलवा दें और हमेशा स्कूटर के साथ आने वाले चार्जर का ही इस्तेमाल करें।