
दक्षिण अफ्रीका में 5 साल से कम के बच्चों में तेजी से फैल रहा कोरोना संक्रमण
क्या है खबर?
कोरोना वायरस के 32 म्यूटेंट वाले ओमिक्रॉन वेरिएंट के बाद अब दक्षिण अफ्रीका से बच्चों को लेकर बड़ी खबर आई है।
कोरोना महामारी से अब तक बच्चों को सुरक्षित माना जा रहा था, लेकिन अब दक्षिण अफ्रीका में आई महामारी की चौथी लहर में वायरस बच्चों और बुजुर्गों को अपनी चपेट में ले रहा है।
वर्तमान में नए संक्रमितों में पांच साल से उम्र के बच्चों की दूसरी सबसे अधिक संख्या है। इसने चिकित्सा विशेषज्ञों को चिंतित कर दिया है।
संक्रमण
दक्षिण अफ्रीका में शुक्रवार को सामने आए 16,000 से अधिक मामले
NDTV के अनुसार, दक्षिण अफ्रीका में ओमिक्रॉन वेरिएंट का तेजी से प्रयासर शुरू हो चुका है।
यही कारण है शुक्रवार को वहां संक्रमण 16,055 नए मामले सामने आए और 25 लोगों की मौत हुई है। हालांकि, इसमें ओमिक्रॉन वेरिएंट के कुल मामलों की पुष्टि नहीं हो पाई है।
चौंकाने वाली बात यह है कि नए मामलों में सबसे अधिक संख्या 60 साल से अधिक उम्र के लोगों और दूसरे नंबर में पांच साल के कम उम्र के बच्चों की है।
बयान
बच्चों में काफी तेजी से फैल रहा है कोरोना संक्रमण- डॉ वसीला
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेबल डिजीज (NICD) की डॉ वसीला जसत ने शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्रालय की ब्रीफिंग में कहा, "अब, माहामारी की चौथी लहर की शुरुआत में हम सभी आयु समूहों में संक्रमण की काफी तेज वृद्धि देख रहे हैं, लेकिन विशेष रूप से पांच साल से कम उम्र के बच्चों में यह संक्रमण तेजी से फैल रहा है।"
उन्होंने कहा, "पांच साल से कम उम्र के बच्चों में संक्रमण इस लहर में दूसरे स्थान पर है।"
इजाफा
तीसरी लहर से बच्चों के संक्रमण के हुआ इजाफा- डॉ वसीला
डॉ वसीला ने कहा, "अतीत में कोरोना का प्रभाव बच्चों पर ज्यादा नहीं पड़ा और उन्हें अस्पतालों में भर्ती नहीं कराना पड़ा था, लेकिन तीसरी लहर में पांच साल से कम उम्र के बच्चों और 15 से 19 साल के किशोरों में संक्रमण तेजी से और अधिक संख्या में देखा है।"
उन्होंने कहा, "बच्चों में संक्रमण के मामले अभी भी सबसे कम हैं, लेकिन पांच साल से कम और 60 साल से अधिक वालों में संक्रमण दूसरे स्थान पर है।"
जरूरत
"बच्चों में संक्रमण बढ़ने के कारणों पर है शोध की आवश्यकता"
NICD की डॉ मिशेल ग्रोम ने कहा, "बच्चों में तेजी से बढ़ते संक्रमण का कारण जानने को और अधिक शोध करने की आवश्यकता है।यह लहर अभी शुरुआती चरण में है। अभी छोटे बच्चों में संक्रमण शुरू हुआ है और आगामी सप्ताह में इस आयु वर्ग में संक्रमण के कारणों की जांच की जाएगी।"
उन्होंने कहा, "हमें फिलहाल बच्चों के लिए अस्पतालों में बेड और उनकी देखभाल के लिए अधिक से अधिक दक्ष कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने पर फोकस करना चाहिए।"
हालात
गौतेंग प्रांत में नए संक्रमण में हुआ 80 प्रतिशत का इजाफा
बता दें कि वर्तमान में दक्षिण अफ्रीका के गौतेंग प्रांत में सबसे अधिक तेजी से संक्रमण फैल रहा है। यहां नए मामलों में 80 प्रतिशत का इजाफा हो गया है।
इसको लेकर वहां के चिकित्सा अधिकारी डॉ नटसाकिसी मालुलेके ने कहा कि संक्रमण में तेजी चिंता का कारण है। छोटे बच्चों के साथ गर्भवती महिलाओं में संक्रमण बढ़ने के कारणों की जांच की जा रही है। आने वाले सप्ताह में बच्चों में संक्रमण बढ़ने के कारणों का पता चल जाएगा।
स्थिति
सात प्रांतों में बढ़ी संक्रमण की दर- फाहला
स्वास्थ्य मंत्री जो फाहला ने कहा, "दक्षिण अफ्रीका के नौ प्रांतों में से सात में संक्रमण और सकारात्मकता दर बढ़ रही है। केवल फ्री स्टेट और नॉर्दर्न केप वर्तमान में कम संख्या और कम सकारात्मकता दर दिखा रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "मामलों की जांच जारी है, लेकिन वेरिएंट के बहुत अधिक संक्रामक होने के संकेत मिले हैं। हालात यह है कि वैक्सीन की दोनों खुराक ले चुके लोग भी संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। यह गंभीर मामला है।"
बयान
अस्पतालों में तेजी से बढ़ रही मरीजों की संख्या- फाहला
स्वास्थ्य मंत्री फाहला ने कहा, "अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इनमें सबसे अधिक संख्या वैक्सीन नहीं लगवाने वालों की है। उम्र के हिसाब से वैक्सीन नहीं लगवाने वाले 40 साल से कम उम्र के युवा अस्पतालों में अधिक भर्ती हो रहे हैं।"
ओमिक्रॉन
क्यों खतरनाक माना जा रहा है ओमिक्रॉन वेरिएंट?
दक्षिण अफ्रीका, हांगकांग और बोत्सवाना समेत 30 देशों में मिल चुके ओमिक्रॉन वेरिएंट का वैज्ञानिक नाम B.1.1.529 है और इसकी स्पाइक प्रोटीन में 32 म्यूटेशन हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, वेरिएंट वायरस के अन्य वेरिएंट्स की तुलना में अधिक संक्रामक और खतरनाक हो सकता है। इसके वैक्सीनों को चकमा देने की आशंका भी लगाई जा रही है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे 'वेरिएंट ऑफ कंसर्न' बताया है और इस ऐलान के बाद कई देश यात्रा प्रतिबंध लागू कर चुके हैं।