
यहां मास्क न पहनने वालों को दी जा रही है कब्र खोदने की सजा
क्या है खबर?
इंडोनेशिया के ग्रामीण इलाकों के एक भाग में मास्क न पहनने वाले लोगों को प्रशासन द्वारा कब्र खोदने की सजा दी जा रही है।
प्रशासन को उम्मीद है कि शारीरिक श्रम और मृतकों के प्रति हमदर्दी के चलते लोग मास्क पहनना शुरू कर देंगे।
अधिकारियों ने बताया कि पूर्वी जावा के ग्रेसिक रेजेंसी के सेर्म जिले में तीन व्यस्कों और पांच नाबालिगों को 9 सितंबर को यह अनोखी सजा दी गई थी।
आइये, इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
नियम
इंडोनेशिया में अनिवार्य है मास्क पहनना
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए पूरे इंडोनेशिया में मास्क पहनना अनिवार्य है, लेकिन कुछ लोग मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने जैसे नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।
ऐसे लोगों को अलग-अलग तरह की सजाएं दी जा रही हैं।
जानकारों का कहना है कि लोगों में जागरूकता की कमी के कारण देश में संक्रमण की रफ्तार कम नहीं हो रही है और रोजाना हजारों की संख्या में नए मरीज मिल रहे हैं।
इंडोनेशिया
मास्क न पहनने पर सजा दे सकते हैं स्थानीय अधिकारी
CNN के अनुसार, इंडोनेशियाई सरकार ने जुलाई में एक कानून पास किया था, जिसके तहत लोगों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया था।
इसमें मास्क न पहनने पर सजा का फैसला स्थानीय अधिकारियों पर छोड़ा गया है।
देशभर में मास्क की अनिवार्यता लागू करने की जिम्मेदारी 'थ्री पिलर्स' नामक एक संयुक्त टीम पर छोड़ी गई है। इस टीम में देश की सशस्त्र सेना, पुलिस और स्थानीय अधिकारी शामिल होते हैं।
बयान
जुर्माने की जगह सजा चुनते हैं अधिकतर लोग- अधिकारी
सेर्म जिले में लोगों की दी गई कब्र खोदने की सजा के बारे में बताते हुए एक अधिकारी सुयोनो ने कहा कि थ्री पिलर्स की टीम नियम न मानने वाले लोगों को जुर्माने या जिसे सरकार 'सामाजिक सजा' कहती है, में से एक विकल्प चुनने को कहती है।
उन्होंने कहा कि अधिकतर लोग जुर्माना भरने की जगह सामाजिक सजा चुनते हैं, जिसमें आमतौर पर उनसे सफाई या शारीरिक कसरत कराई जाती है।
अनोखी सजा
जकार्ता में मास्क न पहनने पर दी गई थी ताबूत में लेटने की सजा
उन्होंने उम्मीद जताई कि कब्र खोदने जैसे विकल्प ज्यादा बेहतर है क्योंकि इससे लोगों को सीख मिलेगी और वो कोरोना वायरस के गंभीर प्रभावों को अपनी आंखों के सामने महसूस कर सकेंगे। कब्र खोदने के बाद इन लोगों को वहां से भेज दिया जाता है।
राजधानी जकार्ता में भी प्रशासन ने इसी तरह की एक और सजा दी थी। यहां पर बिना मास्क पहने घूम रहे व्यक्ति को सार्वजनिक तौर पर ताबूत में लेटने की सजा दी गई।
बढ़ता संक्रमण
कोरोना के प्रकोप को कम नहीं कर पाया है इंडोनेशिया
हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि इस तरह की अनोखी सजाएं देने के बाद वहां के लोगों ने मास्क पहनना शुरू कर दिया या वो पहले की तरह ही लापरवाही बरत रहे हैं।
बता दें कि इंडोनेशिया अभी तक कोरोना संक्रमण पर लगाम लगा पाने में असफल रहा है।
दक्षिण पूर्व एशिया में सिर्फ फिलीपींस ऐसा देश है, जहां इंडोनेशिया से ज्यादा लोग कोरोना की चपेट में आए हैं।
इंडोनेशिया
बढ़ते मरीजों के कारण स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई
कोरोना के बढ़ते मामलों के देखते हुए जकार्ता में प्रशासन ने रविवार से दूसरी बार बड़े स्तर पर पाबंदियां लागू की है। महामारी की शुरुआत के बाद ऐसा दूसरी बार किया गया है।
मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण शहर में मेडिकल सेवाएं भी चरमरा गई हैं।
जकार्ता में 20 अस्पतालों के इमरजेंसी वार्ड को कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए निर्धारित किया गया था। अब ये सभी वार्ड पूरी तरह भर चुके हैं।
जानकारी
इंडोनेशिया में कोरोना के कितने मामले?
जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के अनुसार, इंडोनेशिया में अभी तक 2.32 लाख लोगों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। इनमें से 1.60 लाख से ज्यादा ठीक हो चुके हैं और 9,222 लोगों की इस खतरनाक वायरस के कारण मौत हुई है।