कोरोना वायरस मामले में WHO और चीन के खिलाफ जांच के समर्थन में भारत
क्या है खबर?
कोरोना वायरस कैसे जानवरों से इंसान में आया और इसके खिलाफ विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की प्रतिक्रिया की निष्पक्ष जांच का भारत ने समर्थन किया है।
यूरोपीय संघ (EU) और ऑस्ट्रेलिया ने इसका प्रस्ताव तैयार किया है और कल WHO की वार्षिक बैठक में इसे रखा जाएगा। इस प्रस्ताव का निशाना चीन को माना जा रहा है और इसमें उसकी भूमिका की भी जांच होगी।
हालांकि प्रस्ताव में चीन या वुहान का नाम नहीं है।
पृष्ठभूमि
दिसंबर में वुहान से शुरू हुई थी कोरोना वायरस महामारी
दुनियाभर में तबाही मचा रहा कोरोना वायरस पिछले साल दिसंबर में चीन के वुहान शहर से फैलना शुरू हुआ था। माना जा रहा है कि ये वायरस चमगादड़ से इंसान या फिर चमगादड़ से किसी दूसरी प्रजाति और फिर उससे इंसान में आया।
हालांकि अमेरिका वुहान की एक लैब से वायरस के निकलने का आरोप लगाता रहा है।
मामले में चीन पर लापरवाही, अपारदर्शिता और दुनिया को इसके बारे में देरी से चेताने का आरोप है।
आरोप
WHO पर चीन के हाथों में खेलने का आरोप
वहीं अगर WHO की बात करें तो उस पर चीन के हाथों में खेलने का आरोप है। WHO मध्य जनवरी तक चीन के कहने पर ये कहता रहा कि वायरस एक इंसान से दूसरे इंसान में नहीं फैलता।
WHO ने समय रहते अन्य देशों को वायरस के बारे में नहीं चेताया और इसलिए उड़ानें बंद होने से पहले ही वायरस अन्य देशों में पहुंच चुका था।
WHO प्रमुख टेड्रोस अदनोम गेब्रेयसस चीन के समर्थन से ही अध्यक्ष चुने गए थे।
प्रस्ताव
चीन से नाराज हैं दुनियाभर के देश
कोरोना वायरस को शुरूआत में ही काबू पाने में नाकाम रहने और पूरे मामले पर अपारदर्शिता अपनाने के लिए दुनिया के कई बड़े देश चीन से सख्त नाराज हैं और लगातार मामले में चीन की भूमिका की जांच की मांग की जा रही है।
इसी कड़ी में ऑस्ट्रेलिया और EU ने एक प्रस्ताव तैयार किया है जिसमें कोरोना वायरस मामले की निष्पक्ष, स्वतंत्र और व्यापक जांच की मांग की गई है।
स्थिति
दुनिया में क्या है कोरोना वायरस की स्थिति?
दुनियाभर में अब तक कोरोना वायरस से संक्रमण के 47 लाख से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से 3.15 लाख लोगों की मौत हुई है, वहीं 17.32 लाख को सफल इलाज के बाद उनके घर भेजा जा चुका है।
अमेरिका सबसे अधिक प्रभावित देश बना हुआ है और यहां अब तक कोरोना वायरस के 15 लाख से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। देश में लगभग 90,000 लोगों को वायरस के कारण जान गंवानी पड़ी है।
समर्थन
भारत समेत 62 देशों ने किया प्रस्ताव का समर्थन
प्रस्ताव में WHO प्रमुख से कहा गया है, "जल्द से जल्द उचित समय पर और सदस्य देशों के साथ सलाह के बाद एक निष्पक्ष, स्वतंत्र और विस्तृत जांच की चरणबद्ध प्रक्रिया शुरू की जाए।"
इस प्रस्ताव को भारत समेत 62 देशों का समर्थन हासिल है और ये पहली बार है जब कोरोना वायरस मामले पर चीन पर बनाए जा रहे दबाव पर भारत का रूख सामने आया है।
प्रस्ताव को ब्रिटेन, जापान, कनाडा और दक्षिण कोरिया का भी समर्थन है।