
जर्मनी ने लगाई 60 साल से कम के लोगों पर एस्ट्राजेनेका वैक्सीन के इस्तेमाल पर रोक
क्या है खबर?
कनाडा के बाद अब जर्मनी ने भी एस्ट्राजेनेका कंपनी की कोरोना वायरस वैक्सीन के इस्तेमाल पर आंशिक रोक लगा दी है। अब देश में केवल 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को ही यह वैक्सीन लगाई जाएगी।
इससे कम उम्र के लोगों पर वैक्सीन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। हालांकि डॉक्टर से परामर्श करने और जोखिमों का मूल्यांकन करने के बाद 60 साल से कम उम्र के लोग भी वैक्सीन लगवा सकेंगे।
कारण
क्यों लगाई गई रोक?
जर्मनी की सरकार ने एस्ट्राजेनेका वैक्सीन के इस्तेमाल से खून के थक्के जमने की समस्या के कारण यह रोक लगाई है।
देश में जिन 27 लाख लोगों को यह वैक्सीन लगाई गई है, उनमें से 31 को दिमाग में खून के थक्के जमने की दुर्लभ समस्या 'थ्रोम्बोसिस' का सामना करना पड़ा। इनमें दो लोगों को छोड़ बाकी सभी युवा महिलाएं थीं।
इन 31 में से नौ लोगों की मौत भी हो गई थी।
सिफारिश
वैक्सीन आयोग ने की उपयोग बंद करने की सिफारिश
युवा लोगों में थ्रोम्बोसिस की यह समस्या देखे जाने के बाद जर्मनी के वैक्सीन आयोग ने मंगलवार को ही 60 साल से कम उम्र के लोगों पर एस्ट्राजेनेका वैक्सीन का उपयोग बंद करने की सिफारिश की थी।
इसके बाद मंगलवार को केंद्र और राज्य सरकारों ने आपातकालीन बैठक की और रोक लगाने का आदेश जारी किया।
चांसलर एंजेला मार्केल ने कहा कि आयोग की सिफारिश और नए डाटा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
जानकारी
वैक्सीन की दूसरी खुराक पर अप्रैल के अंत में सिफारिश जारी करेगा आयोग
वैक्सीन आयोग अप्रैल के अंत में उन लोगों के लिए भी सिफारिश जारी करेगा जिन्हें एस्ट्राजेनेका वैक्सीन की एक खुराक लग चुकी है। सरकार ने कहा कि जिन लोगों को दूसरी खुराक लगनी है, वे चाहें तो डॉक्टर से सलाह लेकर वैक्सीन लगवा सकते हैं।
रोक
जर्मनी में पहले भी कई बार लग चुका है वैक्सीन पर रोक
बता दें कि जर्मनी में इससे पहले भी कई बार एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन पर रोक लगाई जा चुकी है। सबसे पहले देश की सरकार ने 65 साल से अधिक उम्र के लोगों पर वैक्सीन का इस्तेमाल बंद कर दिया था।
बाद में जर्मनी ने ये पाबंदी हटा दी, लेकिन फिर मध्य मार्च में खून के थक्के जमने की समस्या के कारण एक बार फिर से वैक्सीन पर रोक लगा दी गई। पिछले हफ्ते ही इस रोक को हटाया गया था।
अन्य देश
यूरोप के कई देशों ने भी लगाई थी वैक्सीन के इस्तेमाल पर रोक
गौरतलब है कि यूरोप के कई देशों में एस्ट्राजेनेका वैक्सीन से लाभार्थियों के खून में थक्के जमने के मामले सामने आए थे और इसके कारण ऑस्ट्रिया की एक 49 वर्षीय नर्स की मौत भी हो गई थी।
इसके बाद सबसे पहले ऑस्ट्रिया और फिर डेनमार्क, स्वीडन, नॉर्वे, एस्टोनिया, लताविया, लिथुआनिया, लक्जमबर्ग, जर्मनी, इटली, फ्रांस, स्पेन, पुर्तगाल और स्लोवेनिया समेत कई यूरोपीय देशों ने वैक्सीन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी और इसकी आपूर्ति रोक दी थी।
बचाव
WHO और EMA ने वैक्सीन को बताया था पूरी तरह सुरक्षित
हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और यूरोपियन मेडिसिन्स एजेंसी (EMA) ने वैक्सीन को पूरी तरह से सुरक्षित बताया था और इन देशों से इसका इस्तेमाल जारी रखने की अपील की थी।
EMA ने मामले की जांच के लिए एक समीक्षा समिति भी बनाई थी जिसने अपनी रिपोर्ट में खून के थक्के जमने की समस्या और वैक्सीन के बीच कोई संबंध न होने की बात कही थी।
इसके बाद कई देशों ने इसका इस्तेमाल शुरू करने का ऐलान किया था।