
डिजाइन कॉपी करने के मामले में जियोमीट के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकती है जूम
क्या है खबर?
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ऐप जूम पिछले हफ्ते लॉन्च हुई अपनी प्रतिद्वंद्वी जियोमीट के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने पर विचार कर रही है।
जूम कम्युनिकेशन के इंडिया हेड समीर राजे ने कहा रिलायंस की जियोमीट का यूजर इंटरफेस (UI) समेत दूसरी चीजें बिल्कुल जूम जैसी हैं और वो ये देखकर हैरान हैं।
उन्होंने कहा कि इसे लेकर कानूनी कार्रवाई करने पर कंपनी गंभीरता से विचार कर रही है।
आइये, इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
प्रतिक्रिया
कानूनी मुकदमे की बात पर नहीं दी प्रतिक्रिया
हालांकि, राजे ने जियोमीट के खिलाफ कानूनी मुकदमा करने की बात पर प्रतिक्रिया नहीं दी। उन्होंने कहा कि यह कंपनी की लीगल टीम का काम है कि वह मामले को आगे लेकर जाए।
राजे ने कहा, "हमें पता था कि यह लॉन्च होने वाली है। यह पहली बार नहीं है जब जूम को मुकाबले का सामना करना पड़ रहा है। हमारा प्रोडक्ट और टेक्नोलॉजी हमारी ताकत है और हमारा पूरा ध्यान ग्राहकों पर है।"
जियोमीट
पिछले हफ्ते लॉन्च हुई थी जियोमीट
रिलायंस ने लंबे इंतजार के बाद पिछले हफ्ते अपना वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्लेटफॉर्म जियोमीट लॉन्च किया था।
रिलायंस जियोमीट के फीचर्स की बात करें तो इसमें एक कॉल पर 100 पार्टिसिपेंट जुड़ सकते हैं और यह पूरी तरफ फ्री है।
इसमें आप एक दिन में जितनी मर्जी मीटिंग कर सकते हैं और एक बैठक 24 घंटे तक चल सकती है।
हालांकि, जब यूजर्स ने इसे डाउनलोड किया तो पाया कि इसका UI बिल्कुल जूम से मिलता है।
जानकारी
सोशल मीडिया पर शेयर हो रही स्क्रीनशॉट
कुछ यूजर्स ने दोनों की समानता दिखाते हुए कुछ स्क्रीनशॉट ट्वीटर पर शेयर किए थे। इनमें दोनों ऐप्स में काफी समानताएं दिख रही हैं। आप नीचे दिए गए थ्रेड कर टैप कर ये सारे स्क्रीनशॉट देख सकते हैं।
ट्विटर पोस्ट
यहां देखिये दोनों ऐप्स में समानताएं
JioMeet and Zoom - a thread.
— SG (@shrinivassg) July 3, 2020
Screen 1 - Landing Page. pic.twitter.com/TC1HEJLUX1
लॉकडाउन
लॉकडाउन के कारण बढ़ी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ऐप्स की मांग
गौरतलब है कि कोरोना वायरस महामारी के कारण कई कंपनियों के कर्मचारी घर से काम कर रहे हैं।
इस वजह से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ऐप्स की मांग में इजाफा देखा गया है। जियोमीट को लॉन्च हुए एक सप्ताह हुआ है और इसे अभी तक 10 लाख से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है।
जियोमीट को देश में चल रही चीन विरोधी लहर का भी फायदा मिला। अब लोग भारत में बनी ऐप्स पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।
असर
चीन विरोधी लहर का असर जूम पर भी
चीन विरोधी लहर का असर जूम पर भी पड़ा है। दरअसल, कई लोग जूम को चाइनीज ऐप समझ रहे हैं।
इसे देखते हुए कंपनी ने ट्वीटर पर स्पष्टीकरण भी जारी किया था। जूम ने कहा था कि वह अमेरिकी कंपनी है और इसका मुख्यालय कैलिफॉर्निया में है।
राजे ने इसे लेकर कहा,"लोगों को लगता है कि जूम दूसरे देशों के साथ डाटा शेयर करती है, लेकिन ऐसा नहीं है। हम किसी भी सरकार के साथ डाटा शेयर नहीं करते।"