
प्लेस्टेशन क्रिएटर को मेटावर्स पर भरोसा नहीं, VR हेडसेट्स को बताया 'परेशानी'
क्या है खबर?
मेटावर्स टेक इंडस्ट्री के सबसे बड़े ट्रेंड्स में से एक बनकर उभरा है।
कई कंपनियां जहां इसमें बड़ा निवेश कर रही हैं, वहीं कुछ बड़े नाम मेटावर्स को इंटरनेट और सोशल मीडिया का भविष्य नहीं मानते।
गेमिंग कंसोल प्लेस्टेशन बनाने वाले केन कुटारागी ने ब्लूमबर्ग को दिए हालिया इंटरव्यू में मेटावर्स को अगली बड़ी शुरुआत मानने से इनकार कर दिया है।
केन ने ऑगमेंटेड रिएलिटी (AR) और वर्चुअल रिएलिटी (VR) को लेकर भी अपनी राय दी है।
इंटरव्यू
असली दुनिया में रहना बहुत जरूरी
केन कुटारागी ने अपने इंटरव्यू के दौरान कहा, "असली दुनिया में रहना बहुत जरूरी है, लेकिन मेटावर्स असली जैसा एहसास वर्चुअल दुनिया में देने से जुड़ा है, और मुझे ऐसा करने की वजह नहीं समझ आती।"
उनका मानना है कि मेटावर्स एनॉनिमस मेसेज-बोर्ड साइट्स से अलग नहीं है।
केन अकेले नहीं हैं, जिन्होंने मेटावर्स की वर्चुअल दुनिया में अविश्वास जताया है और इससे पहले टेस्ला CEO एलन मस्क भी ऐसा ही कह चुके हैं।
हेडसेट्स
केन को VR हेडसेट्स पसंद नहीं
ऐपल, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, मेटा और सोनी की ओर से डिवेलप किए जा रहे AR/VR हेडसेट्स को लेकर भी केन का रवैया सकारात्मक नहीं है।
केन का मानना है कि ये हेडसेट्स यूजर्स को असली दुनिया से अलग कर देते हैं और वर्चुअल दुनिया को असली दुनिया से जोड़ने के बजाय अलग करने का काम करते हैं।
उन्होंने कहा, "हेडसेट आपको असली दुनिया से अलग कर देंगे और मैं उससे सहमत नहीं हो सकता। हेडसेट परेशान करने वाले हैं।"
परिचय
कौन हैं केन कुटारागी?
केन कुटारागी ने 1990 के दशक में सोनी इंटरैक्टिव एंटरटेनमेंट की मदद वीडियो गेमिंग बिजनेस में जगह बनाने के लिए की थी।
केन ने PS1, PS2, PS3 और PSP जैसे कई प्लेस्टेशन प्लेटफॉर्म्स के डिवेलपमेंट पर काम किया है।
साल 2007 में PS4 रिलीज होने के साथ ही उन्होंने कंपनी छोड़ दी थी और एक्सेंट रोबोटिक्स प्लेटफॉर्म के लिए काम कर रहे हैं।
एस्सेंस कंपनी साइबरस्पेस पर काम कर रही है और असली दुनिया को साइबरस्पेस से जोड़ना चाहती है।
मस्क
एलन मस्क ने मेटावर्स पर क्या कहा?
बीते दिनों टेस्ला और स्पेस-X CEO एलन मस्क ने मेटावर्स के आइडिया पर तंज कसा है।
मस्क को नहीं लगता कि यूजर्स मेटावर्स से जुड़ी वर्चुअल दुनिया को असली चीजों से ज्यादा महत्व देंगे।
एलन ने यह मानने से इनकार कर दिया कि इंटरनेट यूजर्स जल्द एक हाइपर-वर्चुअल दुनिया का हिस्सा बन जाएंगे।
उन्होंने कहा था, "मुझे नहीं लगता कि कोई दिनभर अपने चेहरे पर स्क्रीन बांधकर रहना चाहता है।"
संभावनाएं
मेटावर्स से जुड़ी हैं ढेरों संभावनाएं
बेशक एलन मस्क को मेटावर्स पर भरोसा ना हो लेकिन मेटा के अलावा भी ढेरों कंपनियां इसमें निवेश कर रही हैं।
ग्रेस्केल की रिपोर्ट में कहा गया है कि मेटावर्स की वैल्यू आने वाले दिनों में ट्रिलियन डॉलर (अरबों रुपये) तक पहुंच सकती है।
नाइकी और एडिडास जैसी कंपनियां अपने NFTs लॉन्च कर रही हैं और उनकी बिक्री कर रही हैं।
मेटावर्स से जुड़े कई हार्डवेयर और वियरेबल्स भी हाल ही के दिनों में लॉन्च किए गए हैं।
जानकारी
न्यूजबाइट्स प्लस
मेटावर्स को लेकर केन और मस्क की राय गलत भी साबित हो सकती है। बता दें, ऐपल फाउंडर स्टीव जॉब्स का मानना था कि यूजर्स बड़ी स्क्रीन वाले फोन कभी नहीं पसंद करेंगे लेकिन बाद में खुद ऐपल को बड़ी स्क्रीन वाले आईफोन बनाने पड़े।