
ब्रॉडबैंड स्पीड में जियो और मोबाइल स्पीड में वोडाफोन-आइडिया सबसे आगे- रिपोर्ट
क्या है खबर?
नेटवर्क स्पीड ट्रैकर ओकला ने साल 2020 की आखिरी तिमाही में भारत की ब्रॉडबैंड और मोबाइल नेटवर्क परफॉर्मेंस से जुड़ा डाटा शेयर किया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि रिलायंस जियो इस वक्त भारत में सबसे तेज ब्रॉडबैंड नेटवर्क दे रही है।
मोबाइल डाउनलोड स्पीड्स के मामले में Vi (वोडाफोन-आइडिया) सबसे बेहतर नेटवर्क है।
ब्रॉडबैंड स्पीड में भारत साउथ एशियन एसोसिएशन फॉर रीजनल कॉपरेशन (SAARC) देशों में सबसे आगे है, हालांकि मोबाइल स्पीड के मामले में देश पीछे है।
ब्रॉडबैंड
भारत में मिलती है अच्छी ब्रॉडबैंड स्पीड
ओकला की रिपोर्ट के मुताबिक, फिक्स्ड ब्रॉडबैंड के मामले में रिलायंस जियो की ओर से सबसे तेज डाउनलोड स्पीड 3.7 की रेटिंग के साथ मिली।
दूसरी पोजीशन पर ACT फाइबरनेट ने जगह बनाई और इसके बाद क्रम से एयरटेल और एक्साइटेल रहे।
ब्रॉडबैंड इंटरनेट प्रोवाइडर के तौर पर BSNL की डाउनलोड स्पीड सबसे कम रिकॉर्ड की गई, हालांकि लो कस्टमर सैटिस्फैक्शन के चलते हाथवे लिस्ट में सबसे निचली रैंकिग पर रही।
मोबाइल डाटा
वोडाफोन-आइडिया की डाउनलोड स्पीड सबसे तेज
साल 2020 की आखिरी तिमाही में अक्टूबर से दिसंबर के दौरान वोडाफोन-आइडिया (Vi) की मोबाइल डाउनलोड स्पीड सबसे तेज रिकॉर्ड की गई।
भारती एयरटेल को भी Vi की तरह 3.1 की रेटिंग मिली लेकिन NPS स्कोर कम रहने के चलते इसे दूसरी पोजीशन पर जगह मिली।
तीसरी पोजीशन पर रिलायंस जियो ने 2.9 रेटिंग के साथ जगह बनाई।
मोबाइल डाउनलोड स्पीड के मामले में सरकार की ओनरशिप वाली BSNL कमजोर साबित हुई और टॉप-3 में जगह नहीं बना सकी।
तुलना
ब्रॉडबैंड स्पीड के मामले में भारत आगे
साल 2020 में फिक्स्ड ब्रॉडबैंड से मिली स्पीड के मामले में भारत सभी SAARC देशों में टॉप पोजीशन पर रहा।
पिछले साल की दूसरी तिमाही से देशभर में फाइबर लाइन बिछाए जाने का फायदा ब्रॉडबैंड स्पीड को मिला है।
वहीं, मोबाइल डाटा स्पीड इंडेक्स में SAARC देशों में भारत पिछले साल नीचे से तीसरी पोजीशन पर रहा।
मालदीव्स इकलौता SAARC देश बना, जहां यूजर्स को ऐक्टिव 5G नेटवर्क का फायदा मिल रहा है।
5G
रिपोर्ट में दी 5G रोलआउट की जानकारी
ओकला की रिपोर्ट में देश में 5G के रोलआउट से जुड़ी जानकारी भी दी गई है, जिसे साल 2021 के आखिरी या 2022 के शुरुआती महीनों में रोलआउट किया जा सकता है।
हालांकि, शुरू में नई LTE और 5G टेक्नोलॉजी की मदद से यूजर्स को अल्ट्रा-फास्ट स्पीड और लो लेटेंसी नहीं मिलेंगे क्योंकि इसके लिए पर्याप्त वायरलेस स्पेक्ट्रम जरूरी हैं, जो अभी उपलब्ध नहीं हैं।
एयरटेल ने हाल ही में भारत में 5G नेटवर्क की टेस्टिंग की है।