
ग्लोबल स्मार्टफोन मार्केट में फिर ऐपल सबसे आगे, सैमसंग को पीछे छोड़ा
क्या है खबर?
कैलिफोर्निया की टेक कंपनी ऐपल ने ग्लोबल स्मार्टफोन मार्केट में एक बार फिर सैमसंग को पीछे छोड़ दिया है।
साल 2021 की आखिरी तिमाही में ऐपल टॉप पोजीशन पर रही और हर साल आखिरी तिमाही में आईफोन की जमकर बिक्री होती है।
कैनालिस की रिपोर्ट में बताया गया है कि 2021 की आखिरी तिमाही (Q4) में ऐपल ने 22 प्रतिशत ग्लोबल स्मार्टफोन मार्केट शेयर पर कब्जा किया।
इससे पिछली तिमाही (जुलाई-सितंबर) में सैमसंग टॉप पोजीशन पर थी।
रिपोर्ट
खूब बिकी ऐपल आईफोन 13 सीरीज
कैनालिस ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि पिछले साल की आखिरी तिमाही में आईफोन 13 सीरीज की मांग दुनियाभर में देखने को मिली।
हालांकि, तेजी से बढ़ते कोविड-19 संक्रमण के मामलों की वजह से वेंडर्स को सप्लाई चेन से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जिससे इस तिमाही में हुए कुल शिपमेंट्स में केवल एक प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
ऐपल के नए डिवाइस इसी तिमाही में ग्लोबल मार्केट में पहुंचे और उनकी जमकर बिक्री हुई।
सैमसंग
दूसरी पोजीशन पर खिसक गई सैमसंग
साउथ कोरियन स्मार्टफोन कंपनी सैमसंग ने 2021 की तीसरी तिमाही में ऐपल को पीछे छोड़ दिया था लेकिन Q4 में एक बार फिर दूसरी पोजीशन पर खिसक गई।
सैमसंग ने 20 प्रतिशत मार्केट शेयर पर कब्जा किया, वहीं चाइनीज कंपनी शाओमी 12 प्रतिशत मार्केट शेयर के साथ ग्लोबल मार्केट में तीसरी पोजीशन पर रही।
ओप्पो (+वनप्लस) और वीवो भी क्रम से नौ प्रतिशत और आठ प्रतिशत शेयर के साथ टॉप-5 में शामिल रहीं।
बढ़त
चाइनीज मार्केट में ऐपल ने दिखाई बढ़त
कैनालिस के एनालिस्ट संयम चौरसिया ने कहा, "ऐपल तीन तिमाहियां बीतने के बाद दोबारा स्मार्टफोन मार्केट के टॉप पर पहुंच गई है और आईफोन 13 की परफॉर्मेंस इसके लिए जिम्मेदार रही।"
उन्होंने कहा, "ऐपल ने चाइनीज मार्केट में आईफोन की बेहतर बिक्री दर्ज की और कंपनी के फ्लैगशिप डिवाइसेज के साथ ग्राहकों को अच्छी वैल्यू मिली। सप्लाई चेन से जुड़ी चुनौतियों के साथ ऐपल को Q4 में प्रोडक्शन जरूर कम करना पड़ा लेकिन मार्केट में इसका ज्यादा असर नहीं दिखा।"
चुनौतियां
लो-एंड वेंडर्स के सामने अभी चुनौतियां
कैनालिस VP मोबिलिटी निकोल पेंग ने कहा, "सप्लाई चेन से जुड़ी परेशानियों का प्रभाव लो-एंड वेंडर्स पर सबसे ज्यादा पड़ा।"
ऐपल ने बड़े मार्केट्स और वेंडर्स को प्राथमिकता देते हुए, वहां अपने डिवाइसेज की डिलिवरी वक्त पर की।
निकोल ने कहा, "कंपोनेंट्स बनाने वाली कंपनियों के सामने अब भी कई चुनौतियां हैं और आगे भी लो-एंड वेंडर्स इससे प्रभावित होंगे।"
बीते दिनों, 10 साल में पहली बार ऐपल को आईफोन और आईपैड का प्रोडक्शन रोकना पड़ा।
भारत
भारत में ऐपल के लिए बेस्ट रहा 2021
भारत में ऐपल के लिए साल 2021 सबसे अच्छा रहा और इसमें 60 लाख से ज्यादा आईफोन यूनिट्स की बिक्री हुई।
मार्केट ट्रैकर्स ने कहा कि भारत में आईफोन मॉडल्स की मैन्युफैक्चरिंग और बेहतर मार्केटिंग के साथ ऐपल को भारत में बढ़त मिली।
काउंटरपॉइंट रिसर्च की रिपोर्ट में बताया गया है कि आईफोन बनाने वाली कंपनी के पास सुपर प्रीमियम प्राइस बैंड में 70 प्रतिशत मार्केट शेयर है।
इस बैंड में 45,000 रुपये से ज्यादा वाले डिवाइसेज शामिल गए हैं।
जानकारी
न्यूजबाइट्स प्लस
भारत में पिछले साल आईफोन 12 सबसे ज्यादा बिकने वाला आईफोन मॉडल बना। इसके बाद आईफोन 11 सबसे ज्यादा खरीदा गया। ऐपल इन दोनों डिवाइसेज की मैन्युफैक्चरिंग भारत में कर रही है और इन्हें फॉक्सकॉन और विस्ट्रॉन के साथ मिलकर तैयार किया जा रहा है।