
सावरकर के बलिदान की अनदेखी नहीं कर सकते- शरद पवार; राहुल गांधी का भी किया बचाव
क्या है खबर?
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि हिंदुत्ववादी विचारक विनायक दामोदर सावरकर के देश की आजादी के लिए दिए गए बलिदान की कोई अनदेखी नहीं कर सकता है, लेकिन उनसे असहमति को राष्ट्रीय मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए और आज देश के समक्ष कई और ज्वलंत मुद्दे हैं।
उन्होंने नागपुर के प्रेस क्लब में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान यह बात कही। उन्होंने इस दौरान राहुल गांधी के विदेश में दिए बयानों का बचाव भी किया।
सावरकर
सावरकर के प्रगतिशील विचारों का भी किया जिक्र
पवार ने सावरकर के प्रगतिशील विचारों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि करीब 32 साल पहले उन्होंने संसद में सावरकर के प्रगतिशील विचारों के बारे में बात की थी।
उन्होंने कहा, "सावरकर ने रत्नागिरी में मकान बनाया था और उसी के सामने छोटे से मंदिर का भी निर्माण कराया था। सावरकर ने मंदिर में पूजा की जिम्मेदारी वाल्मिकी समाज के एक व्यक्ति को दी थी। मेरा मनाना है कि वह बहुत ही प्रगतिशील बात थी।"
राहुल गांधी
राहुल के बचाव में कही ये बात
राहुल गांधी के ब्रिटेन में बयान के संदर्भ में जब उनसे पूछा गया कि क्या किसी नेता के लिए विदेशी धरती पर भारत से जुड़े मामलों पर बोलना उचित है तो पवार ने कहा कि इसे ज्यादा महत्व नहीं देना चाहिए क्योंकि ये पहली बार नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा, "नेताओं ने अतीत में भी विदेशी धरती पर सरकार की आलोचना की थी। वर्तमान में सिर्फ इस तरह के मुद्दों को बार-बार उठाया जा रहा है।"
बयान
आज सावरकर राष्ट्रीय मुद्दा नहीं- पवार
पवार ने कहा, "18-20 राजनीतिक दलों के नेताओं ने हाल ही में देश के सामने बड़े मुद्दों पर बैठक और चर्चा की थी। मैंने सुझाव दिया कि हमें इस बात पर विचार करने की जरूरत है कि सत्ता में बैठे लोग देश को किस तरह चला रहे हैं। आज सावरकर कोई राष्ट्रीय मुद्दा नहीं है, यह पुरानी बात है। हमने सावरकर के बारे में कुछ बातें कही थीं, लेकिन वह व्यक्तिगत नहीं थी।"
अडाणी
अडाणी मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट समिति को बताया ज्यादा असरदार
पवार ने अडाणी मुद्दे की जांच के लिए कांग्रेस से अलग राय रखी। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित 6 सदस्यीय समिति को संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की तुलना में ज्यादा असरदार बताया।
उन्होंने कहा, "यह एक सामान्य बात है कि JPC में भाजपा के ज्यादा सदस्य होंगे क्योंकि संसद में भाजपा के पास बहुमत है। इसलिए JPC सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त समिति की तुलना में असरदार नहीं होगी क्योंकि उसमें स्वतंत्र विशेषज्ञ हैं।"
सावरकर पर बयान
सावरकर पर राहुल के बयानों से छिड़ा है विवाद
सावरकर पर राहुल के बयानों को लेकर विवाद छिड़ा हुआ है। भाजपा राहुल पर सावरकर के अपमान का आरोप लगा रही है और गौरव यात्रा निकाल रही है। इससे पहले पवार ने इस मुद्दे पर राहुल को चुप रहने की सलाह दी थी।
बता दें कि संसद सदस्यता रद्द होने के बाद राहुल गांधी ने माफी मांगने के सवाल पर जवाब देते हुए कहा था कि वे गांधी हैं सावरकर नहीं, जो माफी मांगेंगे।