
लखीमपुर हिंसा के विरोध में कल महाराष्ट्र सरकार का बंद, एक ट्रेड यूनियन नहीं होगी शामिल
क्या है खबर?
महाराष्ट्र की महाविकास अघाड़ी सरकार ने उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में किसानों की हत्या के विरोध और किसानों के समर्थन में कल राज्य में बंद बुलाया है। इस बंद में राज्य सरकार में शामिल तीनों पार्टियां, शिवसेना, कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) हिस्सा लेंगी।
हालांकि एक ट्रेड यूनियन ने इस बंद में हिस्सा न लेने का ऐलान किया है। यूनियन का कहना है कि बंद से उनके कारोबार पर असर पड़ेगा।
बयान
हमें शांतिपूर्वक हमारा कारोबार करने दीजिए- ट्रेड यूनियन
फेडरेशन ऑफ रिटेल ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन (FRTWA) ने कहा, "हम लखीमपुर खीरी में किसानों की हत्या का विरोध करते हैं। हत्याओं के लिए जो भी जिम्मेदार है, उन्हें सजा मिलनी चाहिए। लेकिन FRTWA राज्य सरकार के किसी बंद का समर्थन नहीं करेगी। हमें पिछले 18 महीने में लॉकडाउन के कारण बहुत नुकसान हुआ है। हमारा कारोबार धीरे-धीरे बढ़ रहा है। त्योहारों के मौसम में जब लोग खरीदारी के लिए बाहर आ रहे हैं, तब हमें शांतिपूर्वक हमारा कारोबार करने दीजिए।"
अपील
राज्य सरकार ने महाराष्ट्र के लोगों से की बंद में शामिल होने की अपील
वहीं तीनों पार्टियों की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बंद की जानकारी देते हुए महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नवाब मलिक ने लोगों से बंद में शामिल होने की अपील की।
उन्होंने कहा, "मैं महाराष्ट्र के 12 करोड़ लोगों से किसानों का समर्थन करने का अनुरोध करता हूं। समर्थन का मतलब है कि आप सभी बंद में शामिल हों और एक दिन के लिए अपना काम रोक दें।"
राज्य सरकार ने कहा कि बंद में आवश्यक सेवाएं को छोड़कर बाकी सब बंद रहेगा।
पृष्ठभूमि
लखीमपुर खीरी में क्या हुआ था?
लखीमपुर खीरी में पिछले रविवार को केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के दौरे के समय हिंसा हो गई थी, जिसमें चार आंदोलनकारी किसानों समेत कुल आठ लोगों की मौत हुई।
मिश्रा कार्यक्रम के लिए लखीमपुर खीरी स्थित अपने पैतृक गांव पहुंचे थे। आरोप है कि लौटते वक्त मिश्रा के बेटे आशीष ने किसानों पर गाड़ी चढ़ा दी जिसमें चार किसान मारे गए।
बाद में भीड़ ने दो भाजपा कार्यकर्ताओं और ड्राइवर को पीट-पीट कर मार दिया। एक पत्रकार भी मारा गया।
कार्रवाई
गिरफ्तार किया गया आशीष, विपक्ष मांग रहा मंत्री का इस्तीफा
मामले में आशीष मिश्रा के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है और कल कई घंटे चली पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसे पूछताछ में सहयोग न करने और अपने दावों के समर्थन में सबूत पेश न कर पाने के कारण गिरफ्तार किया गया है।
दूसरी तरफ विपक्ष मामले में अजय मिश्रा के इस्तीफे की मांग भी कर रहा है, वहीं किसानों ने बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने और महापंचायत के आयोजन का ऐलान किया है।