
शराब नीति मामला: ED का AAP सांसद संजय सिंह के सहयोगियों पर छापा, पार्टी ने बताई तानाशाही
क्या है खबर?
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली सरकार की नई शराब नीति से जुड़े एक मामले में बुधवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह के सहयोगियों के कई परिसरों पर छापा मारा।
बतौर रिपोर्ट्स, यह छापेमारी सिंह के करीबी सहयोगी अजित त्यागी और सर्वेश मिश्रा के घरों और कार्यालयों में की गई है।
गौरतलब है कि मामले में दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
आरोप
सिंह के सहयोगियों पर क्या आरोप है?
आरोप है कि संजय सिंह के सहयोगियों ने शराब की दुकानों और वितरकों को लाइसेंस देने के दिल्ली सरकार के फैसले में भूमिका निभाई थी, जिससे उन्हें कथित तौर पर फायदा मिला।
सिंह इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा बताते आए हैं।
सिंह ने इस महीने की शुरुआत में दावा किया था कि ED ने शराब नीति मामले की चार्जशीट में उनका नाम गलती से शामिल कर दिया है।
बयान
शराब घोटाले में जबरदस्ती लोगों को फंसा रही है ED- संजय सिंह
संजय सिंह ने ED की कार्रवाई पर केंद्र सरकार पर निशाना है। उन्होंने कहा, "मैंने मोदी सरकार की ED की तानाशाही और गुंडागर्दी को पूरे देश के सामने उजागर किया। ED अपनी शक्तियों का दुरूपयोग कर जबरदस्ती लोगों को घोटाले में फंसा रही है।"
उन्होंने आगे कहा, "जब ED को मेरे खिलाफ कुछ नहीं मिला तो मेरे सहयोगियों के घरों पर छापेमारी कर रही है। मैं मोदी सरकार के इस हथकंडे के सामने नहीं रुकूंगा।"
हमला
AAP बोली- चरम पर है मोदी की तानाशाही
AAP ने सिंह का वीडियो संदेश शेयर करते हुए ट्वीट किया, 'मोदी की तानाशाही चरम पर। AAP सांसद संजय सिंह के सहयोगियों सर्वेश मिश्रा और अजित त्यागी के घर ED की छापेमारी। इससे पहले संजय सिंह के खिलाफ कुछ नहीं मिला तो उनका नाम गलती से चार्जशीट में डाल दिया।'
पार्टी ने आगे लिखा, 'जब मानहानि के नोटिस से डरकर संजय सिंह से माफी मांगनी पड़ी तो ED ने उनके सहयोगियों को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया है।'
मामला
क्या है शराब नीति से संबंधित मामला?
दिल्ली सरकार ने नवंबर, 2021 में नई शराब नीति लागू की थी, जिसके बाद उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने इसमें अनियमितताओं की आशंका जताते हुए मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से करवाने की सिफारिश की थी।
जुलाई, 2022 में सरकार ने इस नीति को रद्द कर दिया था। CBI ने अपनी जांच के बाद मामले में मनीष सिसोदिया समेत अन्य के खिलाफ FIR दर्ज की थी। मामले में सिसोदिया जेल में बंद हैं।