
चरणजीत सिंह चन्नी बने पंजाब के नए मुख्यमंत्री, दो उप मुख्यमंत्रियों ने ली भी शपथ
क्या है खबर?
चरणजीत सिंह चन्नी पंजाब के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं। राजभवन में राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने उन्हें मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई।
कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे के एक दिन बाद रविवार शाम को उनके नाम की घोषणा की गई थी और वो पंजाब के पहले दलित मुख्यमंत्री हैं।
चन्नी के बाद सुखजिंदर सिंह रंधावा और ओपी सोनी ने मंत्री पद की शपथ ली थी और उन्हें उप मुख्यमंत्री बनाया जा रहा है।
जानकारी
माझा क्षेत्र से आते हैं दोनों उप मुख्यमंत्री
रंधावा और सोनी दोनों ही माझा क्षेत्र से आते हैं। रंधावा डेरा बाबा नानक और सोनी अमृतसर सेंट्रल से विधायक हैं। रंधावा का नाम मुख्यमंत्री पद के लिए भी रेस में था, लेकिन सिद्धू इसके लिए राजी नहीं हुए।
शपथ ग्रहण समारोह से पहले चन्नी ने पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत से मुलाकात की थी। वो आज कैप्टन अमरिंदर से भी मुलाकात कर सकते हैं, जहां कई अन्य विधायक उनके साथ मौजूद रह सकते हैं।
शपथ ग्रहण समारोह
शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए राहुल गांधी
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा सांसद राहुल गांधी शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने के लिए चंडीगढ़ पहुंचे थे।
इससे पहले उन्होंने मुख्यमंत्री बनने पर चन्नी को बधाई देते हुए लिखा, 'हमें पंजाब के लोगों से किए गए वादे पूरे करना जारी रखना होगा। उनका विश्वास सर्वोपरि है।'
राहुल के अलावा पंजाब कांग्रेस के प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए, लेकिन कैप्टन अमरिंदर सिंह इस आयोजन से दूर रहे थे।
जानकारी
अमरिंदर सरकार में मंत्री थे चन्नी
रूपनगर की चमकौर साहिब विधानसभा से विधायक चन्नी राहुल गांधी के करीबी माने जाते हैं।
पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं और वहां की करीब एक तिहाई आबादी दलित है। कई जानकारों का कहना है कि चुनावों से पहले चन्नी को पंजाब की कमान सौंपना कांग्रेस के लिए फायदेमंद कदम हो सकता है।
चन्नी अमरिंदर सरकार में तकनीकी शिक्षा मंत्री थे और वो उन नेताओं शामिल हैं, जिन्होंने कैप्टन के खिलाफ बगावत की शुरुआत की थी।
पंजाब
इन नामों को पछाड़कर आगे बढ़े चन्नी
पंजाब के नए मुख्यमंत्री की रेस में सबसे पहले सुनील जाखड़ का नाम सबसे आगे चल रहा था।
रविवार दोपहर तक खबरें आने लगीं कि जाखड़ के नाम पर पंजाब के सांसद राजी नहीं हैं और सुखजिंदर सिंह रंधावा को मुख्यमंत्री की कुर्सी सौंपी जा सकती है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
जाखड़ और रंधावा के अलावा प्रताप सिंह बाजवा, सुखविंदर सिंह सरकारिया और तृत्प राजिंदर बाजवा के नाम भी रेस में शामिल थे।
जानकारी
कैप्टन ने शनिवार को दिया था इस्तीफा
पंजाब कांग्रेस में जारी खींचतान के बीच शनिवार को कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।
उन्होंने अपने साथ पूरी मंत्रिपरिषद का भी इस्तीफा राज्यपाल को सौंपा था। नए मुख्यमंत्री का नाम तय होने के बाद अब कांग्रेस को पूरी कैबिनेट का गठन करना होगा।
बता दें पंजाब में पिछले काफी समय से अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच टकराव चल रहा था और पार्टी दो खेमों में बंटी हुई थी।