
चंडीगढ़ नगर निगम की बैठक में कांग्रेस, AAP और भाजपा के पार्षदों के बीच हाथापाई
क्या है खबर?
चंडीगढ़ नगर निगम में मंगलवार को बैठक के दौरान कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (AAP) और भाजपा के पार्षदों के बीच जमकर हाथापाई हो गई।
झगड़ा भाजपा और कांग्रेस पार्षदों में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा डॉ भीमराव अंबेडकर पर की गई टिप्पणी को लेकर शुरू हुआ था, जिसमें AAP पार्षद भी शामिल हो गए।
हाथापाई का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जो निगम में लगे CCTV कैमरे में कैद हुई है।
हाथापाई
कैसे शुरू हुआ झगड़ा?
खबरों के मुताबिक, झड़प की शुरुआत कांग्रेस और AAP पार्षदों द्वारा पारित एक प्रस्ताव से हुई, जिसमें शाह द्वारा की गई टिप्पणियों के लिए उनके इस्तीफे की मांग की गई थी।
तभी नॉमिनेटेड पार्षद अनिल मसीह को कुछ पार्षद "वोट चोर" कहने लगे, जिससे विवाद और बढ़ गया। इस दौरान मसीह कहते सुने गए, "राहुल गांधी जमानत पर हैं, अरविंद केजरीवाल जमानत पर हैं, मनीष सिसोदिया जमानत पर हैं।"
वीडियो सामने आने पर सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है।
ट्विटर पोस्ट
चंडीगढ़ नगर निगम में पार्षदों के बीच हाथापाई
VIDEO | Scuffle breaks out between Congress, AAP and BJP councillors during Chandigarh Municipal Corporation meeting. More details are awaited.#ChandigarhNews
— Press Trust of India (@PTI_News) December 24, 2024
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/TIVHCLZWDw
विवाद
क्या है अमित शाह की टिप्पणी का विवाद?
देश में संविधान लागू होने की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर 17 दिसंबर को संविधान पर चर्चा के अंतिम दिन शाह ने राज्यसभा में अंबेडकर पर टिप्पणी की थी।
उन्होंने कहा था, "अभी एक फैशन हो गया है। अंबेडकर, अंबेडकर, अंबेडकर, अंबेडकर, अंबेडकर, अंबेडकर। इतना नाम अगर भगवान का लेते तो 7 जन्मों तक स्वर्ग मिल जाता।"
इसी टिप्पणी को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल हमलावर हैं। उन्होंने शाह से माफी और इस्तीफा देने की मांग की है।
घटना
क्या है अनिल मसीह से जुड़ा वोट चोरी का मामला?
30 जनवरी को चंडीगढ़ मेयर का चुनाव हुआ था। इसमें 20 वोट होने के बावजूद भी AAP-कांग्रेस का गठबंधन हार गया, वहीं 16 वोट होने पर भी भाजपा जीत गई थी।
ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह ने AAP-कांग्रेस गठबंधन के 8 वोटों पर खुद निशान बनाकर उन्हें अमान्य करार दे दिए थे।
मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जिसमें कोर्ट ने पुराने नतीजों को पलट दिया और 8 वोटों को वैध मानते हुए AAP उम्मीदवार को विजयी घोषित किया।