
लौकी का जूस बनाम करेले का जूस: जानें वजन घटाने में कौन-सा पेय मदद करेगा
क्या है खबर?
वजन घटाने के लिए लोग कई उपाय अपनाते हैं, जिनमें से आहार में कुछ खास चीजों को शामिल करना भी है।
लौकी और करेले का जूस दोनों ही वजन घटाने में मददगार हो सकते हैं। हालांकि, इनके पोषक तत्व और सेहत के फायदे अलग-अलग होते हैं।
इस लेख में हम दोनों के फायदे और नुकसान जानेंगे ताकि आप अपनी शारीरिक जरूरत के हिसाब से सही विकल्प चुन सकें और वजन घटाने में मदद मिल सके
लौकी
लौकी के जूस के फायदे
लौकी का जूस विटामिन-C, विटामिन-A और पोटेशियम से भरपूर होता है, जो शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।
इसमें फाइबर भी होता है, जो पाचन को सुधारने और वजन घटाने में सहायक हो सकता है। लौकी का जूस कम कैलोरी वाला होता है, जिससे यह वजन घटाने वालों के लिए सही विकल्प बनता है।
इसके नियमित सेवन से शरीर को हाइड्रेटेड रखने में भी मदद मिलती है।
करेले
करेले के जूस के फायदे
करेले का जूस एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है, जो शरीर से हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने में मदद कर सकते हैं।
यह रक्त में शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में भी सहायक हो सकता है, जिससे मधुमेह के रोगियों के लिए फायदेमंद है।
करेले का जूस जिगर की सफाई करने में भी मदद कर सकता है। इसके अलावा यह शरीर में इंसुलिन का स्तर संतुलित रखता है, जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है।
चयन
दोनों में से कौन-सा जूस वजन घटाने के लिए है बेहतर?
अब सवाल यह उठता है कि वजन घटाने के लिए लौकी का जूस बेहतर है या करेले का जूस। इसका जवाब आपकी व्यक्तिगत जरूरतों पर निर्भर करता है।
अगर आप पेट की समस्याओं का सामना कर रहे हैं तो लौकी का जूस बेहतर हो सकता है, जबकि खून में शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने के लिए करेले का जूस फायदेमंद हो सकता है।
दोनों ही जूस अपने-अपने तरीके से वजन घटाने में मददगार हैं।
तरीके
करेले की कड़वाहट को दूर करने के तरीके
लौकी का स्वाद लोगों को फिर भी ठीक लगता है, लेकिन करेले की कड़वाहट बहुत से लोगों को पसंद नही आती है।
हालांकि, आप इसकी कड़वाहट को कुछ तरीकों से दूर कर सकते हैं, जैसे करेले के छिलके हटाना और इसके बीज निकाल देना।
इसके अतिरिक्त इसका नमक वाले पानी के साथ जूस बनाने से भी करेले की कड़वाहट दूर हो सकती है।