
#NewsBytesExplainer: 1817 से लेकर 21वीं शताब्दी तक, कुछ इस तरह बदला साइकिल का रूप
क्या है खबर?
हर साल 3 जून को 'विश्व साइकिल दिवस' मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को साइकिल चलाने के फायदों के प्रति को जागरुक करना है।
यह न सिर्फ सेहत के लिए अच्छा है, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल वाहन भी है।
हालांकि, क्या आप जानते हैं कि आखिर साइकिल का आविष्कार किसने किया था और इसके रूप को कितनी बार बदलाव किया गया?
शायद नहीं तो आइए आज हम आपको साइकिल के लंबे सफर की कहानी बताते हैं।
#1
1493: साइकिल का सबसे पहला स्केच बना
ऐसा कहा जाता है कि 1493 में लियोनार्डो दा विंची ने सबसे पहले साइकिल बनाने की कल्पना की थी, लेकिन वे इसे बनाने में असमर्थ थे।
फिर 1970 के दशक में कोडेक्स एटलांटिकस की ओर से एक साइकिल की तरह के स्केच की खोज की गई थी, जो लगभग 500 साल पुराना था।
इसके बाद 1800 के दशक में जर्मनी में पहली बार साइकिल सामने आई थी। यह अपने आप में एक नई खोज थी।
#2
1817 से 1819: बिना पैडल वाली साइकिल का हुआ अविष्कार
1817 में जर्मनी के बैरन कार्ल वॉन ड्रैस ने एक दो-पहिया लकड़ी के वाहन का डिजाइन बनाकर उसका निर्माण किया। बैरन ने इसे 'लॉफमाशाइन' या 'रनिंग मशीन' नाम दिया था। बैरन की साइकिल में कोई पैडल नहीं था।
इसके बाद 1819 में लंदन के डेनिस जॉनसन ने बैरन के साइकिल मॉडल में सुधार किया।
डेनिस ने साइकिल को विभिन्न धातु से बनाया और यह बैरन की बनाई साइकिल की तुलना में हल्की थी, लेकिन इसमें भी पैडल नहीं थे।
#3
1860 से 1870: पैडल वाली साइकिल बनी
कई इतिहासकार पियरे और अर्नेस्ट माइकॉक्स को आधुनिक साइकिल के आविष्कारक का श्रेय देते हैं।
इस पिता-बेटे की जोड़ी ने पेरिस में पहली बार 1867 के आसपास पैडल वाली साइकिल बनाई थी। साइकिल के क्रैंक और पैडल आगे के पहिये से जुड़े थे।
इसके बाद 1870 में ऐसी साइकिल का निर्माण हुआ, जिसका आगे का पहिया बड़ा और पीछे वाला काफी छोटा था। हालांकि, यह कुछ समय ही चलन में रही। इसके बाद तिपहिया साइकिलों को प्राथमिकता दी जाने लगी।
#4
1871 से 1888: गियर वाली साइकिल का हुआ निर्माण
1871 में जेम्स स्टार्ली ने एरियल का आविष्कार किया, जो पहली गियर वाली साइकिल थी।
इसके बाद 1888 में जॉन बॉयड डनलप ने ट्यूब टायर बनाया। बॉयड बेलफास्ट में रहने वाले एक स्कॉटिश पशु चिकित्सक थे, जिनके बेटे ने शिकायत की थी कि जब वह अपनी साइकिल से स्कूल जाता था तो पक्की सड़कों ने उसके निचले हिस्से को खराब कर दिया था।
उसके बाद बॉयड ने ट्यूब-टायर का आविष्कार करके अपने बेटे की समस्या को हल किया।
#5
1890 का दशक: इस दौरान बनी सुरक्षा के हिसाब से साइकिल
1880 के दशक में बनी किसी भी साइकिल के लिए सुरक्षा शब्द का इस्तेमाल नहीं किया गया था, लेकिन 1890 में ऐसी साइकिल बनी, जिसमें राइडर के पैर जमीन तक पहुंच सकते थे।
उसके बाद कोर्टिंग बाइक्स का निर्माण हुआ, जिसमें दो सीट बनाई गई और 4 पैडल लगे होते थे।
1890 के दशक को साइकिलों का स्वर्ण युग कहा जाता है और इसी दशक के दौरान आज की कुछ लोकप्रिय साइकिल निर्माण कंपनियों की स्थापना हुई थी।
#6
1970 से 1980: माउंटेन बाइक को मिली भरपूर लोकप्रियता
20वीं सदी की शुरुआत में फ्रांस में साइकिल में डिरेलियर लगाया गया था।
अमेरिका में 1970 के दशक के बीच में बढ़ती पेट्रोल की कीमतों के समाधान के रूप में साइकिल के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया गया।
इसके बाद 1980 के दशक में युवाओं के बीच माउंटेन बाइक और BMX लोकप्रिय हो गई, जिसमें कई गियर होने के साथ इनका वजन बहुत कम था।
#7
21वीं सदी: बाजार में आई कई तरह की साइकिल
साइकिल का मूल फ्रेम डिजाइन 100 से अधिक वर्षों तक समान रहा है, लेकिन 21वीं सदी की शुरूआत में टाइटेनियम और कार्बन फाइबर का उपयोग करके साइकिल को पहले की साइकिलों की तुलना में बहुत हल्का और मजबूत बनाया गया।
इसके बाद बाजार में माउंटेन बाइक, रोड बाइक, हाइब्रिड, क्रूजर और कई तरह की साइकिल आई, जिन्हें लोग अपनी पसंद और जरूरत के हिसाब से खरीद सकते थे।
फायदे
साइकिल के इस्तेमाल से मिल सकते हैं कई लाभ
हाल के वर्षों में साइकिल के उपयोग में बहुत गिरावट देने को मिल रही है और लोग कारों का इस्तेमाल करना ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
हालांकि, अगर आप इसका उपयोग करते हैं तो इससे हृदय रोगों का खतरा कम, बढ़ते वजन को नियंत्रित करने, मांसपेशियों को मजबूती मिलने और यहां की मानसिक स्वास्थ्य को स्वस्थ रखने जैसे कई फायदे मिल सकते हैं।
इसके अतिरिक्त, यह किफायती कीमतों में मिलने वाला पर्यावरण के अनुकूल वाहन भी है।