
पैरों की समस्याओं से निजात दिलाने में मददगार हैं ये योगासन, जानिए अभ्यास का तरीका
क्या है खबर?
अधिक उम्र होने से चोट लगने तक, ऐसे कई कारण हैं जिनके कारण आपको पैरों की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा बिगड़ती जीवशैली के कारण भी पैरों में समस्याएं हो सकती हैं।
हालांकि इस तरह की समस्याओं से राहत दिलाने में कुछ योगासनों का नियमित अभ्यास काफी सहायक साबित हो सकता है। चलिए फिर पैरों की समस्याओं से राहत दिलाने वाली ऐसे ही कुछ योगासनों के बारे में जानते हैं।
#1
अधोमुखश्वानासन
इसके लिए सबसे पहले चटाई पर टेबलटॉप स्थिति में आ जाएं और फिर अपने पिछले हिस्सों को इस तरह उठाएं कि फर्श की तरफ से आपका शरीर उल्टी V स्थिति में दिखाई दे।
इसके बाद अपने सिर और गर्दन को आराम दें और अपनी अंदर की जांघों को पीछे की ओर खींचें। इस अवस्था में कुछ मिनट तक रहने के बाद धीरे-धीरे सामान्य हो जाएं।
अधोमुखश्वानासन के नियमित अभ्यास से पैरों की समस्याओं से राहत मिलती है।
#2
परिवृत्त त्रिकोणासन
इस योगासन के अभ्यास के लिए सबसे पहले चटाई पर सीधे खड़ें हो जाएं और फिर दाएं पैर को आगे और बाएं पैर को पीछे करें।
अब बाईं हथेली को नीचे ले जाते हुए जमीन पर रखें। ध्यान रहे कि इस दौरान घुटना न मुडें। एक मिनट तक इस अवस्था में रहने के बाद धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ जाएं।
इसके बाद कुछ सेकेंड तक विश्राम करके इस प्रक्रिया को दूसरी तरफ से दोहराएं।
#3
वज्रासन
इस योगासन का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले चटाई पर अपनी पिंडली की मांसपेशियों के ऊपर अपनी जांघों को रखकर सीधे बैठ जाएं।
कुछ मिनट तक इसी स्थिति में बने रहें और इसके बाद अपनी श्वास लय पर ध्यान देते हुए सामान्य अवस्था में आ जाएं।
वज्रासन के नियमित अभ्यास से पैरों की समस्याओं से राहत मिलती है। यही नहीं, इसके अभ्यास से साइटिका की समस्या में भी लाभ मिलता है।
#4
उष्ट्रासन
इस योगासन का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले चटाई पर वज्रासन की स्थिति में बैठ जाएं। इसके बाद घुटनों के बल खड़े हो जाएं और सांस लेते हुए पीछे की ओर झुकें।
फिर दाईं हथेली को दाईं एड़ी पर और बाईं हथेली को बाईं एड़ी पर रखने की कोशिश करें।
इस अवस्था में दो मिनट तक रहने के बाद धीरे-धीरे आसन को छोड़े। अच्छे परिणाम के लिए इस योगासन का अभ्यास नियमित तौर पर करें।