ओरल सनस्क्रीन क्या है? जानिए इस नए ब्यूटी चलन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें
क्या है खबर?
सनस्क्रीन को त्वचा की देखभाल के लिए एक महत्वपूर्ण उत्पाद माना जाता है क्योंकि यह त्वचा को सूरज की हानिकारक किरणों से सुरक्षि रखने में मददगार है।
अभी सनस्क्रीन क्रीम, जेल, पाउडर और स्प्रे फॉर्मूले में उपलब्ध थी, लेकिन अब बाजार में ओरल सनस्क्रीन भी आ गई है, जिसने ब्यूटी इंफ्लूएंसर और त्वचा विशेषज्ञों का ध्यान आकर्षित किया है।
आइए जानते हैं कि ओरल सनस्क्रीन क्या है और यह कैसे कम करत है।
जानकारी
ओरल सनस्क्रीन क्या है और कैसे काम करती है?
अब तक बाजार में मौजूद सनस्क्रीन को त्वचा पर लगाया जाता है, लेकिन ओरल सनस्क्रीन एक तरह का सप्लीमेंट है।
दवा जैसी दिखने वाली इस सनस्क्रीन का सेवन शरीर के भीतर से त्वचा समेत पूरे शरीर को सूरज की हानिकारक किरणों के प्रतिकूल प्रभाव से बचा सकता है।
ओरल सनस्क्रीन सप्लीमेंट एंटी-ऑक्सीडेंट्स, विटामिन और कई पौधे के अर्क का संयोजन होता है, जिस वजह से यह शरीर के लिए लाभदायक मानी जा रही है।
लाभ
ओरल सनस्क्रीन के फायदे
सामान्य सनस्क्रीन के विपरीत ओरल सनस्क्रीन को पूरे दिन में एक बार लेना होता है, जबकि क्रीम, जेल, पाउडर और स्प्रे सनस्क्रीन को रोजाना बार-बार त्वचा पर लगाना होता है।
कुछ ओरल सनस्क्रीन सप्लीमेंट्स में ऐसे तत्व होते हैं, जो त्वचा को अतिरिक्त लाभ प्रदान कर सकते हैं, जैसे- हाइड्रेशन और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण।
इसके अतिरिक्त ओरल सनस्क्रीन शरीर के उन हिस्सों को भी सूरज की क्षति से बचा सकती है, जहां सामान्य सनस्क्रीन नहीं लगाई जा सकती है।
नुकसान
ओरल सनस्क्रीन के दुष्प्रभाव
ओरल सनस्क्रीन के लाभों के बारे में विस्तार से जानने के लिए अभी और शोध की जरूरत है।
त्वचा के प्रकार, आहार और समग्र स्वास्थ्य जैसे कारकों के आधार पर ओरल सनस्क्रीन की प्रभावशीलता हर व्यक्ति में भिन्न हो सकती है।
बेहतर होगा कि अपनी त्वचा की देखभाल की दिनचर्या में ओरल सनस्क्रीन को शामिल करने से पहले अपनी व्यक्तिगत आवश्यकताओं के लिए इसकी उपयुक्ता निर्धारित करने के लिए त्वचा विशेषज्ञ से परामर्श लें।
टिप्स
सामान्य सनस्क्रीन का इस्तेमाल करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
कॉमेडोजेनिक सनस्क्रीन या उत्पाद के इस्तेमाल से रोमछिद्र बंद हो सकते हैं और मुंहासे हो सकते हैं।
तैलीय त्वचा वाले लोगों को आयल फ्री और गैर-कॉमेडोजेनिक सनस्क्रीन खरीदनी चाहिए।
ऐसी सनस्क्रीन चुनें, जिनमें नियासिनमाइड, मैट फिनिश और UV किरणों से लड़ने की ताकत हो। अल्कोहल बेस के साथ बनाई गई सनस्क्रीन लगाने से बचें, क्योंकि ये तेल उत्पादन को उत्तेजित कर सकती हैं।
नॉन-कॉमेडोजेनिक सनस्क्रीन लगाने से आपके रोमछिद्र बंद नहीं होंगे और त्वचा चिपचिपी नहीं रहेगी।