
क्या है सरकार का 'हर घर तिरंगा' अभियान और झंडा फहराने के निर्धारित नियम?
क्या है खबर?
केंद्र सरकार की ओर से आजादी की 75वीं वर्षगांठ को आजादी का अमृत महोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है।
इसके तहत सरकार ने देश के लोगों को देशभक्ति में रंगने के लिए शनिवार से 'हर घर तिरंगा' अभियान का आगाज करेगी।
इसके तहत सरकार ने देश के 26 करोड़ घरों की छत पर तिरंगा फहराने की अपील की है।
आइये जानते हैं क्या है 'हर घर तिरंगा' अभियान और घरों पर तिरंगा झंडा फहराने के नियम कौनसे हैं।
अभियान
स्वतंत्रता सप्ताह के दौरान चलाया जाएगा 'हर घर तिरंगा' अभियान
आजादी के अमृत महोत्सव के तहत सरकार 11 से 17 अगस्त तक स्वतंत्रता सप्ताह मना रही है। इसमें 13 से 15 अगस्त तक 'हर घर तिरंगा' अभियान आयोजित किया जाएगा।
इसका उद्देश्य लोगों को संस्कृति और उपलब्धियों के गौरवशाली इतिहास को मनाने के लिए प्रेरित करना है।
इसके तहत सरकार ने देश के सभी 26 करोड़ घरों पर तिरंगा फहराने का लक्ष्य रखा है और इसे हासिल करने में भाजपा भी सरकार का सहयोग कर रही है।
तैयारी
सरकार ने अभियान की सफलता के लिए क्या की तैयारी?
सरकार ने अभियान को सफल बनाने के लिए तिरंगा वितरण करने की जगह लोगों को प्रेरित करने के लिए बैनर, बुकलेट और होर्डिंग का सहारा लिया है।
इसके तहत सभी सरकारी ट्रकों, निजी और सार्वजनिक बसों के साथ-साथ सार्वजनिक परिवहन के अन्य वाहनों पर अभियान से संबंधित स्टिकर प्रदर्शित किए हैं।
इसी तरह लोगों तक तिरंगे की पहुंच आसान बनाने के लिए डाकघर और राशन दुकानों पर भी तिरंगे उपलब्ध कराए गए हैं।
जानकारी
ऑनलाइन भी की जा रही है झंडों की बिक्री
लोगों को ऑनलाइन तिरंगे झंडे पहुंचाने के लिए मुख्य सचिव डीएस मिश्रा ने अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स वेबसाइटों के अधिकारियों के साथ भी बैठकें की है। इसी तरह स्व-सहायता समूहों और टेलरों को भी झंडे सिलने की अनुमति देने की योजना बनाई है।
सवाल
कैसे मिली घरों पर तिरंगा झंडा फहराने की अनुमति?
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पिछले साल फ्लैग कोड (ध्वज संहिता) में बदलाव किया था।
पहले केवल हाथ से बुने हुए या हाथ से काते हुए कपड़े से ही झंडा बनाने की अनुमति थी, लेकिन पिछले साल सरकार ने पॉलिएस्टर और मशीनों के उपयोग से झंडे बनाने की छूट दे दी।
उससे पहले राष्ट्रीय ध्वज के उपयोग को अनुचित उपयोग की रोकथाम अधिनियम, 1950 और राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971 के तहत नियंत्रित किया गया था।
नियम
क्या है भारत की ध्वज संहिता?
भारतीय ध्वज संहिता में तिरंगे झंडे को फहराने से संबंधित कई नियम है। हालांकि, इसमें 26 जनवरी, 2002 को बदलाव किया गया था, जिसमें झंडे सम्मान और गरिमा को ध्यान में रखते हुए सभी जगह फहराने की अनुमति दी गई थी।
ध्वज संहिता के पहले खंड में राष्ट्रीय ध्वज का सामान्य विवरण, दूसरे में सरकार, व्यापार और शैक्षिक संगठनों द्वारा तिरंगा फहराना और तीसरे में संघ या राज्य सरकारों के साथ उनके संगठन और एजेंसियां द्वारा झंडा फहराना शामिल हैं।
अधिकार
क्या राष्ट्रीय ध्वज फहराना मौलिक अधिकार है?
भारत के मुख्य न्यायाधीश वीएन खरे के नेतृत्व में न्यायाधीशों के पैनल ने कहा था कि भारत के लोगों को अपने घर, दुकान या कार्यालय पर साल भर राष्ट्रीय ध्वज फहराने का मौलिक अधिकार है।
हालांकि, इसमें स्पष्ट किया गया था कि राष्ट्रीय ध्वज फहराने वाली जगह उसकी गरिमा के लिए अपमानजनक नहीं होनी चाहिए।
इसी तरह झंडा फहराने के बाद कागजी झंडों को फेंका नहीं जाना चाहिए और उसे सम्मानजनक तरीके से उतारा जाना चाहिए।
आकार
तिरंगे झंडे का निर्धारित आकार और फहराने का समय?
भारतीय ध्वज संहिता के पैराग्राफ 1.3 और 1.4 के अनुसार, तिरंगे झंडा आकार में आयताकार होगा। झंडा किसी भी आकार का हो सकता है, लेकिन राष्ट्रीय ध्वज की लंबाई और ऊंचाई (चौड़ाई) का अनुपात 3:2 होगा।
इसी तरह 20 जुलाई, 2022 ध्वज संहिता के भाग- II के पैराग्राफ 2.2 के खंड (xi) में किस संशोधन के तहत अब खुले में या घर की छतों पर फहराए गए झंडे दिन के साथ रात में फहराए जा सकते हैं।
अपमान
तिरंगे झंडे का अपमान रोकने के क्या है नियम?
राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971 की धारा 2 के तहत निजी अंत्येष्टि के शवों को लपेटने, पोशाक या वर्दी सहित अन्य उपयोग की वस्तुओं में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।
इसी तरह तिरंगे झंडे पर कुछ भी लिखना, वस्तुओं को रखने के लिए बैग के रूप में काम लेना और वाहनों को ढंकने में काम लेना अवैध है।
ऐसा करने पर संबंधित के खिलाफ इस अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाती है।
जानकारी
क्या तिरंगा झंडा आधा झुका होना चाहिए?
केंद्र सरकार द्वारा निर्देशित मौकों को छोड़कर तिरंगा झंडा आधा झुका हुआ नहीं फहराया जा सकता है। यदि झंडे को आधा झुकाना हो तो पहले उसे पूरी ऊंचाई पर फहराना होता है और फिर बाद में उसे बीच में लाकर छोड़ा जाता है।
अन्य
क्या वाहनों पर फहराया जा सकता है तिरंगा झंडा?
ध्वज संहिता के अनुसार, वाहनों पर तिरंगा फहराने का विशेषाधिकार कुछ श्रेणियों के लोगों तक ही सीमित हैं।
इनमें राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, राज्यपाल, उपराज्यपाल, भारतीय मिशनों और पदों के प्रमुख, प्रधानमंत्री, कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री और संघ के उप मंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री शामिल हैं।
इसी तरह लोकसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, राज्यसभा उपाध्यक्ष, विधानसभा और विधान परिषदों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष, भारत के मुख्य न्यायाधीश, सुप्रीम कोर्ट के जज, हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और अन्य जज शामिल हैं।