
निर्भया कांड के एक दोषी की राष्ट्रपति से मांग, अपनी दया याचिका रद्द करने को कहा
क्या है खबर?
दिल्ली में निर्भया की गैंगरेप के बाद हत्या मामले में दोषी विनय शर्मा ने राष्ट्रपति के पास भेजी अपनी दया याचिका वापस लेने की मांग की है।
मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक, शर्मा ने दावा किया कि राष्ट्रपति के पास गृह मंत्रालय ने जो दया याचिका भेजी है, उस पर उसके हस्ताक्षर नहीं है और उसने उसे स्वीकृत नहीं किया है।
बता दें कि गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को शर्मा की दया याचिका राष्ट्रपति को भेजी थी।
सिफारिश
दिल्ली सरकार ने की दया याचिका खारिज करने की सिफारिश
दरअसल, निर्भया मामले में चार दोषियों को फांसी की सजा सुनाई गई है। शर्मा ने राष्ट्रपति के पास दया याचिका भेजकर फांसी की सजा टालने की अर्जी लगाई थी।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शर्मा की दया याचिका खारिज करने की दिल्ली सरकार की सिफारिश राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को भेज दी थी।
साथ ही गृह मंत्रालय ने भी अपनी ओर से दया याचिका खारिज करने की सिफारिश की है। अगर राष्ट्रपति याचिका खारिज करते हैं तो दोषियों को फांसी दी जाएगी।
अधिकार
राष्ट्रपति के पास होता है सजा बदलने या कम करने का अधिकार
शर्मा की याचिका पर विचार करने एवं अंतिम निर्णय के लिए राष्ट्रपति को भेजी गई है। संविधान के अनुच्छेद 72 में राष्ट्रपति को किसी अपराधी को क्षमादान देने या उसकी सजा को कम करने या फिर सजा को बदलने की शक्ति दी गई है।
अगर राष्ट्रपति इस दया याचिका को खारिज कर देते हैं तो संबंधित कोर्ट दोषी को फांसी पर लटकाए जाने के लिए डेथ वारंट जारी करेगा। साथ ही उसे फांसी देने की तारीख तय की जाएगी।
जानकारों का पक्ष
राष्ट्रपति को जल्दी करना होगा याचिका पर फैसला
जानकारों का कहना है कि निर्भया के दोषियों को फांसी पर लटकाने के लिए जरूरी है कि राष्ट्रपति जल्द से जल्द उसकी दया याचिका खारिज कर दें।
अगर वो फैसला लेने में देरी करते हैं तो दोषी फांसी से बच सकते हैं। याचिका पर फैसला लेने में देर होने की स्थिति में दोषी अपने मौलिक अधिकारों का हनन बताकर अनुच्छेद 32 के तहत सुप्रीम कोर्ट से अपनी फांसी की सजा रद्द करने की मांग कर सकते हैं।
दया याचिका
केवल शर्मा ने दायर की थी याचिका
29 अक्टूबर को तिहाड़ जेल प्रशासन ने निर्भया गैंगरेप केस में जेल में बंद चारों दोषियों को सूचित किया था कि उनके सारे कानूनी विकल्प खत्म हो चुके हैं और अगर वो राष्ट्रपति के पास दया याचिका दायर नहीं करते तो उन्हें जल्द फांसी दे दी जाएगी।
इसके बाद विनय शर्मा ने दया याचिका दायर की थी। अगर शर्मा की यह याचिका खारिज हो जाती है तो सभी दोषियों को फांसी पर लटका दिया जाएगा।
जानकारी
रेप के जुर्म में आखिरी बार 2004 में हुई थी फांसी
रेप के मामले में अंतिम बार किसी दोषी को फांसी 2004 में हुई थी। 14 अगस्त, 2004 को कोलकाता में 15 वर्षीय छात्रा की रेप के बाद हत्या के आरोप में धनंजय चटर्जी को फांसी दी गई थी।
निर्भया हत्याकांड
क्या था निर्भया गैंगरेप और हत्याकांड मामला?
16 दिसंबर, 2012 की रात अपने दोस्त के साथ फिल्म देखकर लौट रही 23 वर्षीय निर्भया के साथ छह लोगों ने दिल्ली में चलती बस में गैंगरेप किया था।
आरोपियों ने इस दौरान हैवानियत की सारे हदें पार कर दी थीं और बुरी तरह से घायल निर्भया और उसके दोस्त को सड़क किनारे फेंक कर भाग गए थे।
छात्रा का पहले सफदरजंग अस्पताल में इलाज चला, लेकिन कुछ दिन बाद सिंगापुर शिफ्ट कर दिया जहां उसकी मौत हो गई।
जानकारी
एक आरोपी ने लगा ली थी फांसी, एक नाबालिग होने के कारण फांसी से बचा
रेप के एक आरोपी राम सिंह ने राम सिंह ने मार्च 2013 में तिहाड़ जेल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। वहीं नाबालिग दोषी को तीन साल के लिए बाल सुधार गृह भेजा गया था।