
ओमिक्रॉन: खतरे वाले देशों से आ रहे यात्रियों के लिए महाराष्ट्र में सात दिन का क्वारंटीन
क्या है खबर?
महाराष्ट्र सरकार ने खतरे वाले देशों से आ रहे अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए सात दिन का इंस्टीट्यूशनल क्वारंटीन अनिवार्य कर दिया है।
ये वे देश हैं जहां ओमिक्रॉन वेरिएंट के मामले सामने आ चुके हैं या जहां टेस्ट पॉजिटिविटी रेट अधिक है।
इन देशों से आ रहे यात्रियों को एक होटल में क्वारंटीन किया जाएगा जिसके पैसे उन्हें खुद देने होंगे।
राज्य सरकार ने अन्य देशों से आ रहे यात्रियों के लिए भी RT-PCR टेस्ट अनिवार्य कर दिया है।
नियम
यात्रियों का क्वारंटीन में तीन बार होगा टेस्ट
सरकार के आदेश के अनुसार, खतरे वाले देशों से आ रहे यात्रियों का तीन बार- दूसरे, चौथे और सातवें दिन- RT-PCR टेस्ट किया जाएगा।
अगर इन टेस्ट में कोई यात्री पॉजिटिव पाया जाता है तो उसे अस्पताल भेज दिया जाएगा, वहीं नेगेटिव पाए गए यात्रियों को सात दिन होम क्वारंटीन में रहना होगा।
अन्य देशों से आ रहे यात्रियों का भी एयरपोर्ट पर RT-PCR टेस्ट होगा और नेगेटिव आने पर भी उन्हें दो हफ्ते के होम क्वरंटीन में रहना होगा।
जानकारी
कनेक्टिंग फ्लाइट ले रहे अंतरराष्ट्रीय यात्रियों का भी होगा टेस्ट
बिना एयरपोर्ट से बाहर निकले महाराष्ट्र से कनेक्टिंग फ्लाइट लेकर किसी अन्य राज्य को जा रहे अंतरराष्ट्रीय यात्रियों का RT-PCR टेस्ट किया जाएगा और नेगेटिव पाए जाने पर ही उन्हें कनेक्टिंग फ्लाइट में बैठने दिया जाएगा।
अन्य नियम
घरेलू यात्रियों के लिए अनिवार्य किया गया वैक्सीनेशन और टेस्ट
महाराष्ट्र सरकार ने घरेलू उड़ानों के यात्रियों के लिए भी कुछ चीजें अनिवार्य की हैं।
महाराष्ट्र में एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए यात्रियों का पूरी तरह से वैक्सीनेटेड होना जरूरी है। अगर वे वैक्सीनेटेड नहीं हैं तो उनके पास 48 घंटे के अंदर की RT-PCR टेस्ट की नेगेटिव रिपोर्ट होनी चाहिए।
वहीं दूसरे राज्यों के यात्रियों को यात्रा करने के लिए 48 घंटे के अंदर की नेगेटिव RT-PCR रिपोर्ट दिखानी होगी।
राष्ट्रीय स्तर
केंद्र सरकार भी लगा चुकी है अंतरराष्ट्रीय यात्रियों पर कई तरह की पाबंदियां
बता दें कि ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए भारत सरकार ने भी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं।
इनमें अधिक जोखिम वाले 56 देशों से आने वाले यात्रियों के लिए पहुंचने पर कोरोना टेस्ट अनिवार्य किया गया है।
अगर इन यात्रियों की रिपोर्ट नेगेटिव आती है तो भी उन्हें सात दिन होम क्वारंटीन में रहना होगा और आठवें दिन दोबारा टेस्ट कराना होगा।
बाकी देशों से आने वाले पांच प्रतिशत यात्रियों की भी रैंडम टेस्टिंग होगी।
स्थिति
भारत में ओमिक्रॉन का कोई मामला नहीं, लेकिन कई संदिग्ध मामले
सरकार के अनुसार, अभी तक भारत में ओमिक्रॉन वेरिएंट से संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है। हालांकि खतरे वाले देशों से आने वाले कई यात्रियों को संक्रमित पाया जा चुका है और उनके सैंपलों की जिनोम सीक्वेंसिंग की जा रही है।
महाराष्ट्र में भी खतरे वाले देशों के छह अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को संक्रमित पाया गया है। इन सभी में या तो संक्रमण के कोई लक्षण नहीं हैं या बेहद हल्के लक्षण हैं।
ओमिक्रॉन
क्यों खतरनाक माना जा रहा है ओमिक्रॉन वेरिएंट?
दक्षिण अफ्रीका, हांगकांग और बोत्सवाना समेत 15 देशों में मिल चुके ओमिक्रॉन वेरिएंट का वैज्ञानिक नाम B.1.1.529 है और इसकी स्पाइक प्रोटीन में 32 म्यूटेशन हैं।
विशेषज्ञों का कहना है यह वेरिएंट वायरस के अन्य वेरिएंट्स की तुलना में अधिक संक्रामक और खतरनाक हो सकता है। इसके वैक्सीनों को चकमा देने की आशंका भी लगाई जा रही है।
WHO ने इसे 'वेरिएंट ऑफ कंसर्न' करार दिया है और इस ऐलान के बाद कई देश यात्रा प्रतिबंध लागू कर चुके हैं