
आज अंबाला पहुंचेंगे राफेल लड़ाकू विमान; सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, फोटो लेने पर प्रतिबंध
क्या है खबर?
फ्रांस से उड़े पांच राफेल लड़ाकू विमान आज हरियाणा के अंबाला स्थित एयरफोर्स स्टेशन पर पहुंच जाएंगे।
इसे देखते हुए जिला पुलिस ने सुरक्षा के बंदोबस्त कड़े कर दिए हैं। पुलिस ने लोगों को लड़ाकू विमानों को फोटो और वीडियो न लेने को कहा है।
एयरफोर्स स्टेशन और आसपास के इलाके में जिला प्रशासन ने धारा 144 लागू कर दी है और इसका उल्लंघन करने पर दोषी व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा।
जानकारी
विमानों ने सोमवार को फ्रांस से भरी थी उड़ान
सोमवार को फ्रांस से उड़े विमान 7,000 किलोमीटर से ज्यादा का सफर तय कर आज अंबाला पहुंचेंगे। रास्ते में ये विमान संयुक्त अरब अमीरात के अल दाफरा एयरबेस पर रुके थे। पांच विमानों में से तीन सिंगल सीटर और दो ट्वीन-सीटर विमान हैं।
ट्विटर पोस्ट
अंबाला में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई
Haryana: First batch of five Rafale aircraft will arrive in Ambala today to join the India Air Force (IAF) fleet. Visuals from Ambala city.
— ANI (@ANI) July 29, 2020
Sec 144 CrPC imposed in 4 villages closer to Ambala airbase. Gathering of people on roofs photography during landing strictly prohibited. pic.twitter.com/llbDp6ZC4G
कार्यक्रम
वायुसेना प्रमुख भदौरिया जाएंगे अंबाला
वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया खुद अंबाला जाकर विमानों का स्वागत करेंगे। ये विमान सुबह लगभग 11 बजे अल दाफरा से उड़ान भरेंगे और दोपहर 2 बजे तक अंबाला में लैंड करेंगे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ग्रुप कैप्टन हरकीरत सिंह के नेतृत्व में पायलटों का एक समूह एयर चीफ मार्शल से मिलेगा और उन्हें अपनी उड़ान और फ्रांस में हुई ट्रेनिंग की जानकारी देगा।
इसके बाद विमान औपचारिक रूप से वायुसेना के बेड़े में शामिल होंगे।
बैकअप
अंबाला में मौसम खराब रहा तो जोधपुर में लैंड होंगे राफेल
वायुसेना ने जोधपुर एयरबेस को बैकअप के तौर पर तैयार रखा है।
इंडिया टूडे ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि अगर अंबाला में मौसम खराब रहता है तो राफेल विमान जोधपुर एयरबेस पर लैंड कर सकते हैं।
राफेल विमानों ने जून, 2014 में जोधपुर में हुए युद्धाभ्यास 'गरूड़' में भाग लिया था। पहले ये भी चर्चाएं थीं कि राफेल को जोधपुर में मिग विमानों की जगह तैनात किया जा सकता है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
समझौता
भारत को मिलने हैं कुल 36 राफेल विमान
गौरतलब है कि भारत और फ्रांस के बीच लगभग 60,000 करोड़ रुपये में 36 राफेल विमानों का समझौता हुआ है। इनमें से पांच विमानों का पहला जत्था आज भारत पहुंच जाएगा।
अगले साल के अंत तक सभी 36 विमान वायुसेना के बेड़े में शामिल हो जाएंगे। इनमें से छह ट्रेनर विमान और 30 लड़ाकू विमान होंगे।
इनके आने से निश्चित तौर पर वायुसेना की ताकत में इजाफा होगा। राफेल 4.5 पीढ़ी का मीडियम मल्टी-रोल कॉम्बैट लड़ाकू विमान है।
खूबी
अपने वजन से डेढ़ गुना भार ले जा सकता है राफेल
राफेल में दो SNECMA M88 इंजन लगे हैं। इनकी मदद से यह 1,912 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से 3,700 किलोमीटर तक उड़ान भर सकता है। इसमें 'जीरो जीरो' इजेक्शन सीट लगी है, जो जीरो स्पीड और जीरो उंचाई पर भी काम कर सकती है।
बिना हथियारों के इसका वजन 9,900 किलो से लेकर 10,600 किलोग्राम तक होता है। यह 24,500 किलोग्राम वजन के साथ उड़ान भर सकता है।
इसकी लंबाई 15.27 मीटर और पंखों समेत चौड़ाई 10.80 मीटर है।